Monday 22nd of June 2026

ब्रेकिंग

बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर किया सामूहिक योग

गाडरवारा नगर में मोहर्रम की शुरुआत सेवाभाव और भाईचारे के संदेश के साथ हुई करबला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए

CISF इकाई NTPC गाडरवारा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर "छोटा जबलपुर" में प्रकृति की सुरम्य वादियों में

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण म०प्र० जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश

एनटीपीसी गाडरवारा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह एवं ऊर्जा के साथ किया गया

: कोटा पुलिस ने हटाया नकली अपहरण से पर्दा

Aditi News Team

Thu, Mar 21, 2024
2 दोस्तों के संग मिलकर तैयार की किडनेप की स्क्रिप्ट,पिता के व्हाट्सअप पर अपने हाथ पैर और मुँह बंधे पिक भेज की 30 लाख की डिमांड.. इसके बाद की एक वीडियो से खुला राज़.. 2 दोस्तों संग टहलती दिखी काव्या.. एक दोस्त पकड़ा गया.. लड़की का सुराग नहीं कोटा से अपहरण का एक हैरत अंगेज मामला सामने आया। इस मामले ने सभी के होश उड़ा दिए। शिवपुरी के बैराड़ के स्कूल संचालक के पास 18 मार्च को वॉट्सऐप पर बेटी काव्या धाकड़ के अपहरण की तस्वीरें आईं जिसमें काव्या धाकड़ के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और अपहरणकर्ता ने 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। कोटा में छात्रा के अपहरण की घटना सामने आने पर हड़कंप मच गया और पुलिस मामले की गुत्थी को सुलझाने में जुट गई। जब पुलिस ने मामले की जांच तो सामने आया कि छात्रा ने कोचिंग सेंटर में दाखिला तक नहीं लिया। इसके अलावा परिजन जिस हॉस्टल में बिटिया काव्या के रहने की बात बता रहे हैं वहां से उसका कोई ताल्लुक तक नहीं है। क्या है पूरा मामला? जांच में जुटी पुलिस ने एक के बाद एक कई खुलासे किए और यह पता लगाया कि काव्या का अपहरण नहीं हुआ है और तमाम बातें झूठी हैं। छात्रा का अपहरण नहीं हुआ है और न तो वह कोटा में रह रही थी। काव्या ने अपने दो दोस्तों संग मिलकर अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट तैयार की थी, क्योंकि वह और उसका एक दोस्त विदेश में पढ़ाई करना चाहते थे और उसके लिए पैसों की जरूरत थी।कोटा पुलिस ने छात्रा के साथ एक साथी को पकड़ा है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी की बात नहीं स्वीकारी है, जबकि छात्रा और उसका एक साथी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने उठाया राज से पर्दा... बकौल कोटा पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, छात्रा तीन अगस्त को अपनी मां के साथ कोटा आई और यहां पर एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लेने के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म लिया था और एक हॉस्टल में रहने का तय किया जिसके बाद उसकी मां उसी दिन लौट गई थी। इसके बाद छात्रा पांच अगस्त तक कोटा में रही और फिर इंदौर चली गई। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि छात्रा के साथ कोई अपराध नहीं हुआ।

Tags :

जरूरी खबरें