: लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) संघ के पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी..
Sat, Mar 23, 2024
लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) संघ के पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी..करेली। लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी को पुन निर्वाचित किया गया है। गत 21 मार्च को बिरला भवन जयपुर राजस्थान में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित राष्ट्रीय कार्यसमिति ने श्री सोनी को पुनः सर्वसम्मति से संघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया। लोकतंत्र सेनानी मीसाबंदियों के हित, अधिकारों के लिए लगभग दो दशक से राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष की अलख जगाने वाले राष्ट्रीय चिंतक, प्रखर वक्ता एवं राज्यसभा के सांसद श्री कैलाश सोनी द्वारा मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों के अधिकारों के लिए मंच के माध्यम से सतत संघर्ष किया है। श्री सोनी को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने पर लोकतंत्र सेनानी संघ के नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष एड.संतोष तिहैया सहित संघ के सदस्यों ने हर्ष जताते हुए राष्ट्रीय कार्यसमिति का आभार व्यक्त किया है।
: कुंडलपुर महोत्सव की तैयारियां, कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक
Sat, Mar 23, 2024
कुंडलपुर महोत्सव की तैयारियां, कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठककुंडलपुर दमोह ।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र जैन तीर्थ कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महामहोत्सव को लेकर कुंडलपुर ऑफिस में एक बैठक आयोजित की गई। दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर एवं पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने अधिकारियों के साथ विभिन्न समितियों के प्रभारियों के साथ चल रही तैयारियों की समीक्षा की।सफाई व्यवस्था ,विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था ,बैरीकेड व्यवस्था, जलप्रदाय व्यवस्था ,यातायात, सुरक्षा व्यवस्था, जलापूर्ति व्यवस्था आदि पर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए ।इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ ,संयोजक वीरेश सेठ, सहसंयोजक सुधा मलैया ,डॉक्टर रमेश बजाज ,रमेश गोयल, इंजीनियर आरके जैन, अशोक सराफ, ललित सराफ ,स्वतंत्र खिमलासा, पदमचंद खली, संजय कुबेर अनिल मम्मा, यूसी जैन, मोनू गांगरा ,जयकुमार जलज, प्रभात सेठ सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।
: बोलती कविता (विश्व कविता दिवस पर ) सुशील शर्मा
Thu, Mar 21, 2024
बोलती कविता
(विश्व कविता दिवस पर )
सुशील शर्माकविता एक पेंटिंग है
एक चित्र जो बोलता है
एक कविता वही कहती है।
जो उसे कहना चाहिए
कविता कभी वह नहीं कहती
जो उसे नहीं कहना चाहिए।कविता मौन भी है
चीख भी है।
कविता अकेलेपन का सन्नाटा
और भीड़ का शोरगुल है।
कविता नीम भी है
ईख भी है।कविता संगीत है
सिर्फ उन सात स्वरों का ही नहीं
उन मद्धिम अबोल सिसकियों का भी
जो बारूद की आग में
मिसायलों के वेग में
भूखी रातों में दम तोड़ देतीं हैं।
कवितायेँ टूटे मन
टूटे तन बिखरते जीवन
को भी जोड़ देतीं हैं।कविता हमें रहस्य से बाहर निकाल कर
बताती है कि स्वयं को
अंधेरों में मत धकेलो।
कविता बताती है कि अंधानुकरण
और अज्ञानता को मत झेलो।
कविता बताती है कि
बाहर की ओर मुख करने का
समय आ गया है ,
पूर्ण कमल की स्थिति में
खुली आँखों से,
मुँह खोलने का समय आ गया है।कविता सिखाती है कि
औद्योगिक सभ्यता
पृथ्वी और मनुष्य के लिए
हानिकारक है।
कविता बताती है कि संवेदनाएं मर रहीं है
सभी संवेदनशील प्राणियों के लिए
ये समय बहुत मारक है।आज कवितायेँ भटक रहीं है भाव से दूर
कटे -फ़टे अव्यहारिक यथार्थवादी
शयनकक्ष में कल्पनाशील
जो ए सी में बैठकर
मजदूरों की बिडम्वनाएँ लिखते हैं।
जो एजेंडा बना कर तंत्र के साथ
या तंत्र के विरोध को
उत्साहित करते हुए दिखते हैं।कविता सिर्फ कविता है और कुछ नहीं
कविता माता का संतान को जन्म देना है।
कविता एक सतत जलधारा है जो
बहती है समुद्र में मिल जाने तक।
कविता मानवीय भावनाओं
और मनोदशाओं को
पढ़ना और प्रकट करना है।
एक चट्टान को
सुंदर भगवान में तराशना है
एक बड़े कैनवास पर
पेंटिंग करना है।कविता निर्वाण के लिए
ध्यान यात्रा है।
कविता जीवन को उसके सभी रंगों
और रोशनी में जीवंत करने की
अनुमापन मात्रा है।
कविता उतार चढ़ाव,
सुख और दुख का चित्र है
कविता शांति और आनंद का
अनुभवी मित्र है।कविता का उद्देश्य हमें याद दिलाना है
कितना मुश्किल है
सिर्फ एक इंसान रहना।
कवितायेँ हमें अनंत आकाश सी
विस्तारित करतीं हैं।
कविताएँ हमें
असहनीय दबाव में केवल
आशा की ओर संचारित करतीं हैं।कविता स्वयं में खो कर
स्वयं को ढूँढ़ने का पथ है।
कविता मृत्यु पर विजय प्राप्त करने
का शौर्य रथ है।