: नरसिंहपुर,निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र या अभिभावक को पुस्तकें, यूनिफार्म, टाई, जूते, कॉपी आदि केवल चयनित विक्रेताओं से क्रय करने के लिए किसी भी रूप में बाध्य नहीं किया जायेगा
Wed, Apr 3, 2024
पाठ्य पुस्तकें क्रय करने नहीं किया जायेगा बाध्यनरसिंहपुर। मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 के प्रावधानों तथा मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) के नियम 2020 के नियम 6 एवं 9 के तहत निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र या अभिभावक को पुस्तकें, यूनिफार्म, टाई, जूते, कॉपी आदि केवल चयनित विक्रेताओं से क्रय करने के लिए औपचारिक अथवा अनौपचारिक किसी भी रूप में बाध्य नहीं किया जायेगा। छात्र या अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से क्रय करने के लिए स्वतंत्र होंगे। इस संबंध में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने समस्त अशासकीय विद्यालयों को आदेश जारी किया है।उल्लेखनीय है कि विभिन्न माध्यमों से शासन के संज्ञान में आया है कि कतिपय स्कूल प्रबंधन एंव प्राचार्य द्वारा एनसीईआरटी/ एससीईआरटी से संबंधित पुस्तकों के साथ अन्य प्रकाशकों की अधिक मूल्य की पुस्तकें एवं अन्य सामग्री क्रय करने के लिए पालकों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। विषयवार एनसीईआरटी/ सीबीएसई/ एससीईआरटी मुद्रित व निर्धारित पाठ्यक्रम की पाठ्य पुस्ताकें के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकों को चयन कर अभिभावक को दुकान विशेष/ निर्धारित स्थान से पाठ्य पुस्तकों व अन्य शैक्षणिक सामग्री अथवा यूनिफार्म करने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से बाध्य किया जा रहा है। उक्त आशय की शिकायतें प्राप्त होने की स्थिति में नियम 2020 के नियम 9 में वर्णित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित विद्यालय के विरूद्ध आवश्यक शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही करने के लिए जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों को निर्देश जारी किये गये हैं। यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर ने दी है।
: गाडरवारा,ग्राम ढिंगसरा में मप्र स्टेट माइनिंग की लोक सुनावई का आयोजन,प्रशासन के साथ ग्रामीणों ने रेत खादान से सम्बंधित समस्याओं को रखा
Wed, Apr 3, 2024
गाडरवारा,ग्राम ढिंगसरा में मप्र स्टेट माइनिंग की लोक सुनावई का आयोजन,प्रशासन के साथ ग्रामीणों ने रेत खादान से सम्बंधित समस्याओं को रखा
गाडरवारा । ढिंगसरा-मध्यप्रदेश स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड सेंड माईन ग्राम पंचायत ढिंगसरा के अंतर्गत आने वाली खसरा नंबर 29/1 ग्राम ढींघसरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर मप्र की खदान की लीज हेतु लीज क्षेत्रफल 5.775 हेक्टेयर सेंड माईन जिसकी उत्खनन क्षमता 93 हजार 555 घन मीटर प्रति वर्ष इस वर्ष 2024-25 हेतु भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा गठित मप्र राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति भोपाल जबलपुर से पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक जनसुनवाई का आयोजन आज दिनांक 03 अप्रेल 2024 को ग्राम ढींघसरा में आयोजित किया गया।प्रशासन के विभिन्न जुम्मेदार अधिकारी जिनमें जबलपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, जिला नरसिहपुर की एडीएम अंजली शाह,जिला खनिज अधिकारी बघेल,तहसीलदार साईंखेड़ा आशीष डहारे,पटवारी अजय डेहरिया,सचिव प्रशांत तोमर,सहायक राजकुमार अहिरवार,ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमति प्रीति/राजकुमार पटेल,पूर्व सरपंच परसोत्तम पटेल,ग्राम पंचायत के पंच,सदस्य,ग्राम के मुखिया अन्य ग्रामीण जन और शासकीय कर्मचारी किसान युवा महिला आदि मौजूद रहे।जिसमें ग्राम ढिंगसरा के विभिन्न नागरिकों में जिनमें ग्राम पंचायत के सरपंच उपसरपंच पूर्व के सरपंच ग्राम पटेल एवं समस्त पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न ग्रामीण जनों ने निम्न तरह की आपत्तियां दर्ज कराई गई है।जिनमें उन्होंने कहा कि हमारे ग्राम की जो वन भूमि डांग है उसमें रेत खनन से धूल उड़ती है और उसे कारण पौधे भी कमजोर हो रहे हैं।साथ ही ग्रामीण सड़क जो मुख्य सड़क तक पहुंची है उसे 10 किलोमीटर की सड़क का विनाश हो गया है आना जाना बाधित हो रहा है।और जनजीवन के उपयोग के लिए वह सड़क काम की नहीं है।साथ ही ग्राम में संचालित प्राथमिक शाला आंगनबाड़ी केंद्र आदि पर भी माइनिंग की तरफ से कोई सहयोग नहीं दिया जाता।जन भागीदारी के विभिन्न मुद्दों पर भी लोगों ने अपनी बात रखी शांति पूर्वक ग्रामीणों के द्वारा बताया गया की क्षमता से अधिक रेत का खनन किया जाता है।जिस कारण से हमारे ग्राम के नलकूपों का वाटर लेवल भी डाउन हो रहा है।साथ ही नदी नदी से लेकर गांव तक जोड़े जाने वाली कच्ची सड़क जो कि कृषकों की निजी भूमि पर बनी है उसे किसाने की फसलों को भी क्षति पहुंचती है।साथ ही भारी भरकम वाहनों के आवागमन से कई तरह के दुर्घटनाएं भी हो चुकी है जिनमें ग्राम के कई युवाओं एवं नागरिकों की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है।शासन प्रशासन के द्वारा विभिन्न तरह के मुद्दों पर ग्रामीणों ने आपत्तियां दर्ज की लगभग दर्जनों से ऊपर ग्रामीण जन ने उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।रेत खनन चालू नहीं होना चाहिए और अगर होता है तो ग्राम के लोग आंदोलन करेंगे।लोक सुनवाई में अधिकारियों ने ग्रामीण जन को दिया सभी तरह की बातों का हल निकालने का अस्वाशन।