: गाडरवारा,पलोहा बड़ा में गेंहू उपार्जन बनाने की मांग
Thu, Apr 1, 2021
पलोहा बड़ा। वर्षों से ग्राम पलोहा बड़ा की सेवा सहकारी समिति मर्यादित क्षेत्र के किसानों की गेहूँ की फसल समर्थन मूल्य पर क्रय करने हेतु उपार्जन केंद्र रहा है।इस वर्ष शासन द्वारा इस केंद्र को बन्द कर दिया गया है जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरे देखी जा रही है ।ग्राम में गेहूँ उपार्जन न बनाये जाने से क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है। क्षेत्र के किसानों ने तत्काल सेवा सहकारी समिति मर्यादित पलोहा बड़ा को गेहूँ उपार्जन केंद्र बनाने की मांग की है।
" गॉंव में फसल की खरीदी न होने से बिचौलियों को फसल बेचने मजबूर होना पड़ेगा।"
श्याम गुर्जर(कृषक)
पलोहा बड़ा
" किसान कर्ज के गर्त में जा रहा है,सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने किसान का दिवाला निकाल दिया है। ग्राम पलोहा बड़ा का खरीदी केंद्र बन्द कर देने से किसानअपनी फसल लेकर दर -दर भटकेगा।"
पं. अविनेश अवस्थी(रऊ महाराज)
कृषक नेता
पलोहा बड़ा
[ "वैसे ही मँहगे पैट्रोल-डीजल ने कृषि का बजट बिगाड़ दिया है।गांव में गेहूँ उपार्जन केंद्र न होने से फसल लेकर गाडरवारा जाना पड़ेगा जिससे भाड़े का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा।"
कमलेश सेठ(कृषक)
पलोहा बड़ा
" बिजली, खाद,पाउडर ,डीजल की महंगाई से वैसे ही हैरान है,अब फसल आ गई तो बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।"
सुखराम पटेल(कृषक)
पलोहा बड़ा
"यदि ग्राम में सरकार द्वारा खरीदी नहीं की गई तो कृषकों को आन्दोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।"
मेहरवान गुर्जर(कृषक नेता) पलोहा बड़ा
: गाडरवारा,कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
Wed, Mar 31, 2021
गाडरवारा। विगत दिवस गाडरवारा तहसील अंतर्गत ग्राम छीतापार के गाँधी बाजार मुहल्ले में कवि सम्मेलन का आयोजन छोटे स्तर पर किया गया। सम्मेलन की शुरुआत कवियों के शाल, श्रीफल द्वारा सम्मान से की गई तदोपरांत सरस्वती वंदना गाई गई। सम्मेलन में कवि प्रशांत कौरव ने " कह दो उन नेताओं से उनका यहाँ कोई स्थान नही है
जो मानवता न पहचाने उनका हिंदुस्तान नही " कविता सुनाकर तालियां बटोरीं। कवि ध्यान सिंह कौरव ने "पूर्णतः का स्वरूप क्या होगा ,इससे बढ़कर कर अनूप क्या होगा"रचना सुनाई। कवि अशोक त्रिपाठी ने "सावन में बरसातों का मनमीत दिखा करता हूं ,हाँ में अंधियारे से लड़ने का गीत लिखा करता हूं" रचना सुनाई। कवि रामवल्लभ तिवारी ने "छोटी है रजइया तुम पाँव कम पसारो,धना मेरी सुनो तनक मुह में तारों तो डारो"सुनाकर लोगो को खूब हंसाया। कवि विजय नामदेव बेशर्म ने "कलम की वन्दगी को ही कर्म कहने लगे ,
झुकी झुकी नजर को ही शर्म कहने लगे" सुनाकर माहौल काव्यमय कर दिया। कवि ब्रजबिहारी विराट ने :"करें ये लाख मनमानी मगर ये ध्यान रखते हैं ,अपने संस्कारो का सदा ही सम्मान रखते हैं रचना सुनाकर माहौल में शमां बांध दिया। स्थानीय कवि विमलेश कौरव ने
"कभी तन्हाई का एहसास वो होने नही देती ,खुद सहे दर्द ए गम लेकिन मुझे रोने नही देती " रचना सुनाकर लोगो को भावुक कर दिया। कवि सुनील तन्हा ने
"आबादी न बढ़ाओ ,, आबादी न बढ़ाओ ,एक अरब से ऊपर हो गयी अब तो रोक लगाओ रचना सुनाकर जनसंख्या वृद्धि पर तंज कसा। कवि आशीष सोनी आदित्य ने तन्नक सी बात में भुकर भुकर जात हो ,कभी खीर तो कभी पुलाओ पकात हो सुनाकर बुंदेली बौछार की। सम्मेलन का संचालन कवि ध्यान सिंह कौरव एवं आभार प्रदर्शन सुरेश सिंह बड़कुर ने किया।
: खिरकिया क्षेत्र के किसानों को नहर की बड़ी सौगात : असिंचित भूमि को सिंचित करने के लिए नहर का किया भूमि पूजन
Tue, Mar 30, 2021
खिरकिया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री कमल पटेल द्वारा खिरकिया विकासखंड के ग्राम मुहाल कला में किसानों की असिंचित भूमि को सिंचित करने के लिए नहर का भूमि पूजन किया गया। इस नहर से ग्राम छीपाबड़, मुहालकलां, पीपल्याभारत, कुड़ावा, नीमसराय के सैकड़ों किसानों की लगभग 2500 एकड़ जमीन सिंचित होगी। इस दौरान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हरदा जिले को शत प्रतिशत सिंचित कराना उनका लक्ष्य है। इसके लिये वे जिले के प्रत्येक किसान को उनकी असिंचित भूमि को सिंचित करने के लिए सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास करते रहेंगे एवं किसानों की आमदनी को दुगनी करेंगे।
इस दौरान कलेक्टर संजय गुप्ता, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री एसके सक्सेना सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।