: गाडरवारा,बीपीएमयू बैठक में बीआरसी ने दिए निर्देश
Wed, Jan 5, 2022
गाडरवारा। जनपद शिक्षा केंद्र चीचली में विकासखंड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए बीआरसी डी के पटेल ने प्रतिभा पर्व पर विस्तृत चर्चा, शाला में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालन, शाला भवन की स्वच्छता, पुताई पेंट कार्य, मध्यान्ह भोजन संबंधित खातों का अपडेशन कार्य, छात्रों की मैपिंग, विद्यालय परिसर की साफ सफाई, शाला भवन की दीवार पर अधिकारियों के नंबर अंकित करवाना, व्हाट्सएप असेसमेंट एवम शाला दर्पण मॉनिटरिंग पर विस्तृत चर्चा की। बीएसी अरुण दुबे ने पढ़ना ,बढ़ना, नवसाक्षर अभियान पर तथा सत्यम ताम्रकार द्वारा रीडिंग केम्पेन चौदह सप्ताह संबंधी योजना पर प्रकाश डाला। उनके द्वारा आगामी माह होने वाले प्रतिभा पर्व 2022 के स्वरूप, अंक विभाजन, बुकलेट वितरण तथा मूल्यांकन पर भी चर्चा की गई। बैठक में सत्यम ताम्रकार, दीपक श्रीवास्तव अनूप पालीवाल, अजय नामदेव, संजय सोनी, हरिओम स्थापक, नेतराम कौरव, गोविंद ताम्रकार, बुलन्द कुशवाहा, कैलाश कहार की उपस्थिति रही।
: भोपाल,धरातल पर योजनाओं का क्रियान्वयन सफलता का आधार, राज्यपाल श्री पटेल
Tue, Jan 4, 2022
राजभवन में स्कूल शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग की हुई बैठक
भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि योजनाओं की सफलता उसका धरातल पर पहुँचना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी हकीकतों से परिचित होने की सतत व्यवस्था होना जरूरी है। समस्या समाधान के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील दृष्टि का सरल तरीका है कि पीड़ित के स्थान पर स्वयं को रखकर समस्या पर विचार और निर्णय किया जाए।
राज्यपाल श्री पटेल आज राजभवन में सामाजिक न्याय और स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक न्याय मंत्री श्री प्रेम सिंह पटेल, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्री प्रतीक हजेला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभय वर्मा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योजनाओं की मंशा अनुरूप उनका अनुपालन हो, इसके लिए निरंतर मैदानी स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्वयं के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि सीधा संवाद कार्य की गुणवत्ता और त्वरित क्रियान्वयन के लिए जरूरी है। समस्याओं के वास्तविक आकलन और समाधान के लिए अभिलेखों के साथ ज़मीनी सच्चाइयों से निर्णयकर्ता का प्रत्यक्ष परिचित होना जरूरी है। ऐसा करने से समस्या का मूल स्वरूप स्पष्ट होता है। प्रभावी समाधान का रास्ता मिलता है।
राज्यपाल ने प्रदेश में दृष्टि बाधित दिव्यांगजन पुनर्वास प्रयासों पर चर्चा की। दिव्यांगजनों की जरूरतों के समाधान के प्रयासों और सहायता, अनुदान को समय अनुसार संशोधित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विभाग में संचालित दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं और जरूरतों के लिए वित्तीय नियोजन के अभी से प्रयास किए जाएँ, ताकि आगामी बजट में उन पर विचार किया जा सके। उन्होंने भारत स्काउट एंड गाइड और सैनिक स्कूल रीवा की आवश्यकताओं के समाधान प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दृष्टि बाधित दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित शिक्षकों के विभिन्न पदों पर नियुक्ति की गई है। शिक्षक वर्ग-एक में 85 पदों और वर्ग-दो में 42 पदों पर नियुक्ति हो गई है। प्राथमिक शिक्षक सहित शेष पदों की भर्ती का कार्य प्रगतिरत है।
: साँची को प्रथम सोलर सिटी बनाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाएँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Tue, Jan 4, 2022
ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना में देर न हो
ऊर्जा साक्षरता के लिए प्रचार आधारित रणनीति पर क्रियान्वयन हो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्व धरोहर स्थल रायसेन जिले के नगर साँची को प्रथम सोलर सिटी के रूप में पहचान दिलवाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाई जाए। यह प्रदेश की अद्भुत उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ओंकारेश्वर में स्थापित किए जा रहे फ्लोटिंग सोलर प्लांट के कार्यों को आगामी डेढ़ वर्ष में पूर्ण किया जाए। प्रदेश में ऊर्जा साक्षरता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार आधारित ठोस रणनीति पर अमल किया जाए। लोगों को बिजली की बचत का संदेश पहुँचाने के लिए रेडियो, टी.वी., सोशल मीडिया आदि का उपयोग किया जाए। बिजली बचाना, बिजली बनाने के बराबर है। राज्य हित में इस भाव को जन-जन तक पहुँचाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
साँची सोलर सिटी योजना
साँची सोलर सिटी योजना के तहत इस प्रमुख पर्यटन केन्द्र में 12 तकनीकी संस्थानों को ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट से संचालित किया जाएगा। आँगनवाड़ी भवनों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किया जाएगा। साँची ग्रिड सिस्टम में 6 हजार किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाना है। परियोजना में साँची के प्रत्येक घर, कृषि और उद्योग को सोलर सिस्टम से जोड़ा जायेगा। इससे बिजली का बिल, प्रदूषण, सरकारी सब्सिडी की आवश्यकता में कमी आने के साथ स्थानीय अर्थ-व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और साँची के पर्यटन महत्व में भी वृद्धि होगी। साँची को ग्राउंड माउंटेड सोलर सिस्टम बनाने के लिए नजदीकी गाँव नागोरी में 20 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
घरों की छत पर लगाए जाए प्लांट
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सूरज से बिजली प्राप्त करने की परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जाए। जहाँ सोलर पार्क और परियोजनाएँ महत्वपूर्ण हैं, वहीं घर-घर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। सौर ऊर्जा का घरेलू उपभोक्ता भी प्रयोग करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सोलर रूफ-टॉप संयंत्र के उपयोग लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। सोलर रूफ-टॉप के अधिकाधिक उपयोग लिए प्रचार अभियान संचालित किया जाए।
परियोजनाओं का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आगर, नीमच और शाजापुर सौर परियोजनाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। छतरपुर सौर परियोजना के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ट्रांसेक्शन सलाहकार का चयन कर लिया गया है। मुरैना सौर परियोजना के लिए बेसलाइन सर्वे का कार्य चल रहा है। भूमि आवंटन की कार्यवाही को भी शीघ्र पूरा किया जा रहा है। कृषि उपयोग के लिए कुसुम योजना में विभिन्न कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में सम्पन्न कार्य
आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने संबंधित विभागों से अभिमत प्राप्त कर कार्यों को पूर्ण करने के प्रयास किए हैं। ऊर्जा साक्षरता अभियान में जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत ऊर्जा संरक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारियाँ नागरिकों तक पहुँचाने की योजना है। विभिन्न पाठ्यक्रम मॉड्यूल में भी इसका समावेश किया जाएगा। विशेष टूल किट प्रदान कर जागरूकता प्रसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान के प्रमुख निर्देश
कुसुम योजना की बाधाओं के लिये बैंकर्स के साथ समन्वय करें।
आमजन में सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ। कार्य में लापरवाही करने वालों पर दण्डात्मक कार्रवाई करें।
ऊर्जा बचाने के लिए नागरिकों को संकल्प दिलवाने की रूपरेखा बनाएँ। कन्या-पूजन की तरह हर कार्यक्रम में लोगों को ऊर्जा बचाने का संकल्प दिलवाने का कार्य मैं स्वयं करूंगा।
सिंचाई योजनाओं के सोलर एनर्जी से संचालन की रणनीति और योजना तैयार की जाए।