: गाडरवारा,मिढवानी में शिक्षको की संगोष्ठी आयोजित
Sun, Feb 6, 2022
गाडरवारा। गत दिवस बसंत पंचमी के अवसर पर ग्राम मिढवानी (देवरी) की शासकीय माध्यमिक शाला में शिक्षक शेख जाफर खान द्वारा निर्मित किए गए माँ सरस्वती के नवनिर्मित मंदिर में पूजन एवं हवन के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमा अतिथियो की उपस्थिति में स्थापित की गई। इस अवसर पर आयोजित भंडारे उपरांत राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शिक्षको की संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बीईओ प्रतापनारायण ने कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों की जानकारी सभी शिक्षको को होना चाहिए। प्राचार्य राजेश बरसैयां ने कहा की शिक्षा नीति का अध्ययन हमे करते हुए इसके क्रियान्वयन हेतु हमे आगामी समय मे अच्छी मेहनत करनी होगी। प्रभारी बीआरसी संदीप स्थापक ने कहा की शिक्षक साथी हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाते है राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पालन में भी सभी शिक्षक अच्छा सहयोग करेंगे। इस अवसर पर शिक्षक वेणीशंकर पटैल , योगेन्द्र झारिया,भानु राजपूत, पवन राजोरिया एवं स्थानीय छात्रा ने भी शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे। संगोष्ठी का संचालन माध्यमिक शिक्षक राजेन्द्र गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मोहन मुरारी दुबे, विजेंद्र कौरव, रामनारायण उपाध्याय,चंद्रकांत साहू, बीएसी मनीराम मेहरा, विनोद दुबे, मधुसूदन पटैल, के के दुबे, प्रशान्त पटैल,सिराज अहमद सिद्दिकी, योगेन्द्र सिलावट,सुरेन्द पटेल, भानु राजपूत, पोहुप सिंह पटैल, सुरेश श्रीवास, ब्रजेश श्रीवास सहित अन्य उपस्थित रहे।
: राजमार्ग(लोलरी)मुकेश बसेड़िया डॉक्टरेट मानद उपाधि से सम्मानित
Sun, Feb 6, 2022
सांसद उदयप्रताप सिंह द्वारा उपरोक्त डॉकरेक्ट उपाधि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी
राजमार्ग (लोलरी)समाजसेवा में सदा अग्रणी भूमिका निभाने वाले , विगत 21 वर्षो से दुर्गंम पहाड़ो पे गरीबो की सेवा करने वाले, गाडरवारा नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया को मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी , भारत सरकार से मान्यता प्राप्त ,आई एस ओ से प्रमाणित मैजिक बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा सतत समाजसेवा के उत्कृष्ट कार्य हेतु डॉक्टरेट मानद उपाधि प्रदान कर बेस्ट अचीवमेंट ऑफ सोशल वर्कर का खिताब प्रदान किया
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उपरोक्त सम्मान मुकेश बसेड़िया को नरसिंहपुर होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र के सांसद उदयप्रताप सिंह ने प्रशस्ति पत्र के साथ साथ यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदत्त प्रमाणपत्र व ट्राफी भेंट कर शुभकामनाएं प्रदान की। उल्लेखनीय है कि मुकेश बसेड़िया विगत दो दशको से सतत दुर्गम बनांचल क्षेत्रो के आदिवासियो ग्रामो में निराश्रित वृद्धजनो , को स्वयं के खर्चे पे राशन, कंबल , मच्छरदानी, वस्त्र , दवाइयां आदि प्रदान कर पुत्रवत सेवा कर मृत्यु उपरांत उनका दाह संस्कार भी करते है, अनाथ बेटियो की शिक्षा व विवाह करना, कोरोना काल मे लॉकडाउन में अति दुर्गम पहाड़ो पे बसे 29 ग्रामो में घोड़ो से , मोटर साईकिल आदि से सतत राशन पहुँचाया, और वैक्सिनेशन महा अभियान में अपने इंस्टीट्यूट की बेटियो के साथ विभिन्न केंद्रों ,गांवों में निशुल्क , निस्वार्थ सेवा प्रदान की।मुकेश बसेड़िया बेटी शिक्षा के लिए पठन लेखन सामग्री वितरित कर सतत प्रोत्साहित करते है।दुर्गंम जंगलो में राशन पहुंचाना हो , या बनांचल ग्रामो में आगजनी की घटना हो, या बाढ़ पीड़ितों की सेवा, सामाजिक समरसता के लिए विभिन्न वर्गों की सेवा व आयोजन, स्वास्थ्य शिविरो का आयोजन व सहभागिता, पेयजल व्यवस्था, आदि मे सदा अग्रणी रहते है। इस अवसर पे माननीय सांसद ने कहा कि मुकेश बसेड़िया की सेवा सराहनीय व अनुकरणीय है।उपरोक्त सेवा कार्य हेतु उन्हें विभिन्न संगठनो , द्वारा समय समय पर सम्मानित किया जाता रहा है।उपरोक्त अवसर गौरीशंकर खेमरिया, भैयाजी रावत, राजेंद्र राजोरिया, प्रफुल्ल दीक्षित , पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष ,सांसद प्रतिनिधि केशव रघुबंशी , राम स्वरूप शर्मा , खेमचन्द रावत, प्रिंस बसेड़िया , की गरिमामयी उपस्तिथी रही।
: मुंबई,स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर ने आज सुबह 8.12 ने अंतिम सांस ली
Sun, Feb 6, 2022
भारत ने अपना सबसे अमूल्य रत्न खो दिया अलविदा स्वर कोकिला ,भारत रत्न लता मंगेशकर का निधन, 2 दिन का राष्ट्रीय शोक; अंतिम दर्शन के लिए शिवाजी पार्क में रखी जाएगी पार्थिव देह
भारत ने अपना सबसे अमूल्य रत्न खो दिया। कोरोना की कर्कश आवाज भारत की स्वर कोकिला को लील गई। आज सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर कोरोना से जंग हार कर दुनिया को विदा कह गईं। आज उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। लता जी के निधन पर 2 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। उनकी पार्थिव देह अंतिम दर्शनों के लिए शिवाजी पार्क में रखी जाएगी। 92 साल की लता जी की 8 जनवरी को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके भर्ती होने की खबर भी 2 दिन बाद 10 जनवरी को सामने आई थी। उन्होंने कोरोना और निमोनिया दोनों से 29 दिन तक एक साथ जंग लड़ी।उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल के ICU रखा गया था। लंबे समय से लता ताई का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समधानी की देखरेख में ही डॉक्टर्स की टीम उनका इलाज कर रही थी। इलाज के दौरान उनकी हेल्थ में सुधार भी देखा जा रहा था। उन्हें लगातार ऑब्जर्वेशन में रखा गया। करीब 5 दिन पहले उनकी सेहत में सुधार होना भी शुरू हो गया था। ऑक्सीजन निकाल दी गई थी लेकिन ICU में ही रखा गया, लेकिन रविवार को सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया। डॉ. प्रतीत ने बताया कि मल्टी ऑर्गन फेल्योर उनकी मौत की वजह रही।स्वर कोकिला, दीदी और ताई जैसे नामों से लोकप्रिय लता जी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस उनके ठीक होने की दुआएं कर रहे थे, लेकिन आज इस बुरी खबर से करोड़ों संगीत प्रेमियों का दिल टूट गया। सैंकड़ों कालजयी गानों को अपनी आवाज देने वाली लता जी आज अनंत यात्रा पर चली गईं।
लता जी लगभग दो साल से घर से नहीं निकली थीं। वे कभी-कभी सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के लिए संदेश देती थीं। बढ़ती उम्र और गिरती सेहत के कारण वे अपने कमरे में ही ज्यादा समय गुजारती थीं। उनके घर के एक स्टॉफ मेंबर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनका टेस्ट कराया गया था। 8 जनवरी को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
92 साल की लता जी ने 36 भाषाओं में 50 हजार गाने गाए, जो किसी भी गायक के लिए एक रिकॉर्ड है। करीब 1000 से ज्यादा फिल्मों में उन्होंने अपनी आवाज दी। 1960 से 2000 तक एक दौर था, जब लता मंगेशकर की आवाज के बिना फिल्में अधूरी मानी जाती थीं। उनकी आवाज गानों के हिट होने की गारंटी हुआ करती थी। सन 2000 के बाद से उन्होंने फिल्मों में गाना कम कर दिया और कुछ चुनिंदा फिल्मों में ही गाने गाए। उनका आखिरी गाना 2015 में आई फिल्म डुन्नो वाय में था।करीब 80 साल से संगीत की दुनिया में सक्रिय लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्य प्रदेश के ही इंदौर में हुआ था। 13 साल की छोटी उम्र में 1942 से उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। लता जी के पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर संगीत की दुनिया और मराठी रंगमंच के जाने पहचाने नाम थे। उन्होंने ही लता जी जो संगीत की शिक्षा दी थी। 5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी लता जी की तीन बहनें आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और भाई हृदयनाथ मंगेशकर हैं।लता मंगेशकर अपनी बहन उषा और भाई हृदयनाथ के साथ मुंबई के पेडर रोड स्थित प्रभुकुंज में पहले फ्लोर पर रहती थीं। कई सालों से वे यहां रह रही थीं। बहन आशा भोंसले भी यहां से कुछ दूरी पर ही रहती हैं। सालों तक प्रभाकुंज सोसायटी की सुबह लता मंगेशकर के संगीत के रियाज से ही शुरू होती रहीं। करीब 4 साल से उनका रियाज खराब सेहत के कारण लगभग बंद सा ही था। नवंबर 2019 में भी लता जी को निमोनिया और सांस की तकलीफ के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। जहां वे 28 दिन भर्ती रही थीं। नवंबर 2019 के बाद से उनका घर से निकलना भी लगभग बंद हो चुका था।लता मंगेशकर को 2001 में संगीत की दुनिया में उनके योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। इसके पहले भी उन्हें कई सम्मान दिए गए, जिसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के सम्मान भी शामिल हैं। कम ही लोग जानते हैं कि लता जी गायिका के साथ संगीतकार भी थीं और उनका अपना फिल्म प्रोडक्शन भी था, जिसके बैनर तले बनी फिल्म "लेकिन" थी, इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट गायिका का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था, 61 साल की उम्र में गाने के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली वे एकमात्र गायिका रहीं। इसके अलावा भी फिल्म "लेकिन" को 5 और नेशनल अवॉर्ड मिले थे।