: ट्रॉपमेट-2022 की मेजबानी में आवश्यक सहयोग करेंगे : मंत्री श्री पटेल
Thu, Oct 13, 2022
आईएमएसबी के प्रतिनिधि-मण्डल ने की मुलाकात
किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने बताया है कि ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (ट्रॉपमेट) 2022 की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। हम इसमें आवश्यक सहयोग कर पूरी सहभागिता करेंगे। गुरूवार को इण्डियन मेट्रोलॉजिकल सोसायटी भोपाल (आईएमएसबी) के प्रतिनिधि-मण्डल ने कृषि मंत्री से भेंट कर आयोजन संबंधी चर्चा की।कृषि मंत्री श्री पटेल ने बताया है कि ट्रॉपमेट-2022 में मध्यप्रदेश के कृषि एवं पर्यावरण मौसम की भविष्यवाणी तथा आने वाली मौसमी घटनाओं और चुनौतियों पर विशेष चर्चा होगी। इससे किसानों और जनता को निश्चित रूप से लाभ होगा। चर्चा और शोध के परिणामों से कृषि के क्षेत्र में अधिकाधिक लाभ होने की उम्मीद है।मौसम विज्ञान विभाग भोपाल के प्रमुख डॉ. आर. बाला सुब्रमणियन ने बताया कि मध्यप्रदेश में मौसम विज्ञान विभाग, आयसर (IISER) और आईएमएसबी द्वारा भोपाल में आगामी 29 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक ट्रॉपमेट-2022 होगा। उन्होंने बताया है कि इसमें देश के 400 से अधिक मौसम वैज्ञानिक, कृषि मौसम वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और शोधार्थी शामिल होंगे।प्रतिनिधि-मण्डल में डॉ. बाला सुब्रमणियन के साथ आयसर के प्रो. पंकज कुमार और मौसम विशेषज्ञ डॉ. जी.डी. मिश्रा शामिल थे। पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया भी मौजूद थे।
: ग्वालियर-चम्बल अंचल के विकास में जुड़ेंगे महत्वपूर्ण आयाम-मुख्यमंत्री श्री चौहान
Thu, Oct 13, 2022
केन्द्रीय गृह मंत्री के ग्वालियर कार्यक्रमों की तैयारियों की हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 16 अक्टूबर को ग्वालियर-चम्बल अंचल के विकास में महत्वपूर्ण आयाम जुड़ने जा रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और हितग्राहियों को लाभान्वित करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समस्त कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएँ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा केन्द्रीय गृह मंत्री के 16 अक्टूबर के कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी ले रहे थे। केंद्रीय कृषि और किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित मध्यप्रदेश के मंत्रीगण वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम भव्य और ऐतिहासिक होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूर्व में भी ग्वालियर और चम्बल संभाग के कमिश्नर तथा दोनों संभाग के जिलों के कलेक्टर्स से तैयारियों पर चर्चा हुई है। आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। कार्यक्रमों में आमजन की उपस्थिति और जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा हो चुकी है। सभी जरूरी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। यही प्रयास होना चाहिए कि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अतिथियों के आगमन पर उनके स्वागत, जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति, आमजन को ससम्मान आमंत्रित करने, प्रत्येक आमंत्रित के लिए बैठक व्यवस्था, उपलब्धियों पर केन्द्रित चित्र प्रदर्शनी, उदघोषणा, सोशल मीडिया द्वारा प्रचार, हितग्राहियों के लिए आवश्यक प्रबंध, जिला, जनपद और नगरीय निकाय स्तर पर कंट्रोल रूम व्यवस्था, कार्यक्रमों के लोकार्पण-शिलान्यास की डिजिटल व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए।
केन्द्रीय मंत्रियों ने रखे विचार
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्रियों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंस में चर्चा की। केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री तोमर ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री का आगमन ग्वालियर अंचल में अनेक सौगातें लेकर आएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विस्तार से निर्देश देकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करवाई है। आम जनता के लिए यह कार्यक्रम यादगार होंगे। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर हवाई अड्डे के नवीन टर्मिनल भवन के भूमि-पूजन सहित अन्य कार्यक्रमों के लिये स्थानीय प्रशासन समन्वय से कार्य कर रहा है। निश्चित ही कार्यक्रम बेहतर और व्यवस्थित होंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में म.प्र. के राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार), नर्मदा घाटी राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह भी जुड़े।
कार्यक्रमों की रूपरेखा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस से केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह के 16 अक्टूबर के ग्वालियर में हो रहे सभी कार्यक्रमों की तैयारियों के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। निर्धारित कार्यक्रमों में दोपहर बाद ग्वालियर एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का शिलान्यास, रेसकोर्स रोड स्थित मेला ग्राउंड पर जन सभा, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण दोनों) के हितग्राहियों के गृह प्रवेश और नल-जल योजनाओं के शिलान्यास के कार्यक्रम शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ग्वालियर के कार्यक्रम के पहले भोपाल में लाल परेड ग्राउंड में चिकित्सा शिक्षा के हिन्दी पाठ्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
: एनसीसी कैडेट्स ने डीके व्हेलर बोट पुलिंग रेगाटा में जीता स्वर्ण पदक
Thu, Oct 13, 2022
प्रदेश के एनसीसी निदेशालय के लड़के और लड़कियों की दोनों टीमों ने विशाखापत्तनम में अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर 2022 में डीके व्हेलर बोट पुलिंग रेगाटा में स्वर्ण पदक जीत कर 18 साल बाद इतिहास दोहराया। मध्यप्रदेश के एनसीसी निदेशालय (एमपी एंड सीजी) दल को 17 एनसीसी राज्य निदेशालय के बीच समग्र रूप से पांचवाँ स्थान प्राप्त हुआ है। अतिरिक्त महानिदेशक एनसीसी (MP&CG) मेजर जनरल श्री ए.के. महाजन ने विजेता टीम को बधाई दी और आगामी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।एनसीसी निदेशालय (एमपी और सीजी) दल में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रायपुर नौसेना इकाइयों से कुल 36 नौसेना विंग वरिष्ठ एनसीसी कैडेट (24 लड़के और 12 लड़कियाँ) शामिल थे। दल का नेतृत्व कंटीगेंट कमांडर एएनओ, सब लेफ्टिनेंट मनोज मनराल और सब लेफ्टिनेंट पूजा गुप्ता ने किया। लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह, एवीएसएम, वीएसएम डीजीएनसीसी द्वारा गोल्डन कॉक्स (एसडी एंड एसडब्ल्यू) टीम को सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दल को भारतीय नौसेना विषय (लिखित) परीक्षा और नाविक (प्रेक्टिकल) परीक्षा में तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा।अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर 2022अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया था। देश भर के 17 निदेशालय से नौसेना विंग एनसीसी कैडेटों के लिए 10 अंतर निदेशालय आरडी बैनर प्रतियोगिताएँ की गईं। सभी 17 निदेशालय ने 10 प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिसमें शिप मॉडलिंग प्रतियोगिता, ड्रिल प्रतियोगिता, शूटिंग एवं फायरिंग प्रतियोगिता, सेमाफोर प्रतियोगिता, डीके व्हेलर बोट पुलिंग रेगाटा, डीके व्हेलर बोट रिगिंग, सर्विस सब्जेक्ट (लिखित) परीक्षा, सीमैनशिप (प्रेक्टिकल) परीक्षा, लाइन एरिया और टेंट पिचिंग, स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रतियोगिता शामिल हैं।प्रतियोगिताओं का उद्देश्य नौसेना विंग प्रशिक्षण के मुख्य पहलुओं से अवगत कराना और भारतीय नौसेना केंद्रित प्रतियोगिताओं से एनसीसी कैडेटों (नौसेना विंग) को भारतीय नौसेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना और अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देना है।