: गोसलपुर की गौशाला में 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' अभियान सफल: अंकुर जैन ने भेंट किए 101 फलदार वृक्ष, आचार्य श्री के वचनों से प्रेरणा
Aditi News Team
Mon, Jul 14, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
गोसलपुर की गौशाला में 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' अभियान सफल: अंकुर जैन ने भेंट किए 101 फलदार वृक्ष, आचार्य श्री के वचनों से प्रेरणा
सिहोरा 14जुलाई 2025: विद्यासागर सेवा आश्रम समिति गौशाला एवं दिव्योदय तीर्थ क्षेत्र सम्मेदगिरी गोसलपुर में कल 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' नामक एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस पुनीत पहल के तहत गौशाला परिसर में 101 फलदार वृक्षों का रोपण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, गौमाता के प्रति सेवा और करुणा का भाव जागृत करना तथा जीवदया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। ये सभी 101 फलदार वृक्ष अंकुर जैन की ओर से गौशाला को श्रद्धापूर्वक भेंट किए गए थे, जो उनके पर्यावरण प्रेम और धार्मिक आस्था को दर्शाता है। यह कार्यक्रम गौशाला एवं दिव्योदय तीर्थ क्षेत्र परिवार के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री अनिल जैन, आशीष जैन, अंकुर जैन, सुनील जैन, अमित जैन, संजय जैन, सुनील डियोरिया, विमल जैन, अरुण जैन, राकेश जैन, यतेंद्र जैन, संदीप जैन, मयंक सिंघाई,राहुल सिंघाई,अनिल दानपति, संजय दानपति,सौरभ जैन,लकी जैन,नितिन जैन,रुपेश जैन,जीवन लाल गुप्ता और बिहारी रजक सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने वृक्षारोपण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के वचनों को स्मरण किया, जो जीवदया और प्रकृति संरक्षण के प्रबल समर्थक रहे हैं। आचार्य श्री के प्रेरणादायी वचन 'जितने वृक्ष उतने जीवन, जितने वन उतनी वर्षा' इस वृक्षारोपण अभियान का मूल आधार रहे। इन वचनों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया।समिति के सदस्य अनिल जैन जी ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल हरियाली को बढ़ावा देगा, बल्कि भविष्य में इन वृक्षों से गौमाता को ताज़े फल और स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध होगा। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और वृक्षारोपण जैसे नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। इस अभूतपूर्व आयोजन को स्थानीय समुदाय और धर्मप्रेमी जनता द्वारा खूब सराहा गया है, जो पर्यावरण और जीवदया के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है।
Tags :