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: गाडरवारा,सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का हुआ समापन

Aditi News Team

Thu, Mar 13, 2025
सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का हुआ समापन गाडरवारा | चांवड़ी स्थित बड़े सेठ के बाडे़ में श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का सात दिवसीय कार्यक्रम की समापन बेला में श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य मुनि श्री आस्तिक सागर जी एवं मुनि श्री प्रणीत सागर जी महाराज की उपस्थिति में प्रतिष्ठाचार्य पं. प्रदीप जी शास्त्री के द्वारा हवन की पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हुआ | इसके बाद युगल मुनि एवं प्रतिष्ठाचार्य के मार्गदर्शन में जैन समाज का एक विशाल जुलूस श्री जी को चांदी की पालकी में विराजमान करके जुलूस निकाला गया इस मौके पर केसरिया परिधान में महिलाएं ,सफेद परिधान में पुरुष व नीले परिधान में बालिकाएं और उसके बाद विधान के मुख्य पात्रों सौधर्म इंद्र, कुबेर, श्रीपाल मैना रानी, महायज्ञनायक, ईसान इंद्र, माहेंद्र इंद्र यज्ञनायक आदि मुख्य पात्रों को बग्घियो पर सवार करके जैन समाज का ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया जो की चावड़ी स्थित पंचायती जैन मंदिर से प्रारंभ होकर चौकी, झंडा चौक, श्याम टाकीज से होता हुआ वापस चावड़ी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा जहां पर कार्यक्रम का समापन हुआ इस समापन बेला में जैन समाज का वात्सल्य भोज का आयोजन पप्पू भैया कैटर्स वालों ने किया | प्रातः समापन बेला में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य मुनि श्री आस्तिक सागर जी महाराज एवं मुनि श्री प्रणीत सागर जी महाराज नेअपने प्रवचन में कहां की यह सिद्ध चक्र विधान का आयोजन प्राचीन काल से चला आ रहा है यह विधान आज से हजारों साल पहले मैना सुंदरी ने अपने कोड़ी पति राजा श्रीपाल को शास्त्रों में वर्णित सिद्ध चक्र विधान के माध्यम से निरोगी किया था तभी से अष्टानिका पर्व में जैन शास्त्रों में वर्णित इस विधान को करने का उल्लेख आता है | यही विधान युगल मुनि के सानिध्य में जैन समाज के अध्यक्ष जिनेश जैन एवं उनकी कमेटी ने सामाजिक सहयोग से इस विशाल कार्यक्रम को भव्य रूप में आयोजित किया था |

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