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मां जिनवाणी का जन्मोत्सव पर्व श्रुत पंचमी श्री तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय जी में बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया

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मां जिनवाणी का जन्मोत्सव श्रुत पंचमी पर्व मनाया गया : मां जिनवाणी का जन्मोत्सव पर्व श्रुत पंचमी श्री तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय जी में बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया

Aditi News Team

Fri, Jun 19, 2026

मां जिनवाणी का जन्मोत्सव श्रुत पंचमी पर्व मनाया गया

गाडरवारा।मां जिनवाणी का जन्मोत्सव पर्व श्रुत पंचमी श्री तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय जी में बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया एवं ब्रह्मचारी सुरेश भैया के सानिध्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस आयोजन में समनापुर से तारण तरण पाठशाला के नोनिहाल एवं महानुभाव शामिल हुये। इस अवसर पर चैत्यालय जी में सुबह 5 बजे से सिद्ध मंत्रो का जाप तथा श्री छद्मस्त वाणी पाठ किया गया।ततपश्चात मन्दिर विधि का आयोजन किया गया।इस अवसर पर लिपिबद्ध माँ जिनवाणी शास्त्र को पालने में आस्ताप करके पालना झुलाया गया।बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया ने जिनवाणी के महत्व को बताते हुये कहा की वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण के 683 वर्ष बाद आचार्य धरसेन जी मुनिराज हुए जिन्हें पंचम काल के भव्य जीवों के आत्म कल्याण की भावना जागी उन्हें लगा की इस पंचम काल में साक्षात जिनेंद्र देव नहीं है न होंगे भाव लिंगी मुनिराज भी कोई विरले ही होंगे और मेरे बाद इस काल में कोई अंगधारी मुनि भी नहीं होंगे तब उन्हें लगा कि,जो जिन श्रुत जिनवाणी, मुनिराजों द्वारा सुनाई जाती है और भव्य जीव उसका श्रवण करके उसेअपने ध्यान में रख लेते हैं लेकिन अब तो इस निकृष्ट पंचम काल में जीवों की बुद्धि भी छीन हो रही है अब तो जिन श्रुत जिनवाणी जिनागम की रचना (लिपिबद्ध) होना चाहिए

तब उन्ही ने सर्वप्रथम आचार्य भूतबली और पुष्पदंत महा मुनिराज के द्वारा उन्हें शिक्षा देकर उनके द्वारा जिनवाणी जिन श्रुत को लिपिबद्ध कराया।उन्होंने कहा की हमें प्रतिदिन मां जिनवाणी के सिर्फ दर्शन नही करना है बल्कि अपनी आत्मा के कल्याण के लिये प्रतिदिन जिनवाणी को पढ़कर स्वाध्याय करना चाहिए आज ही का वह मंगलमय दिन है, जब हमारे हाथों में सर्वप्रथम जिनवाणी जिन श्रुत जिनागम जिन सूत्र के रूप में श्री षट्खण्डागम ग्रंथराज आया सो अनादि अनंत माँ जिनवानी आज हमें जिन शास्त्र के रूप में मिली।श्री सकल तारण तरण जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन ने कार्यक्रम उपरांत समनापुर से पधारे लोगों का आभार माना।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय जी में बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया

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