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जिले के सड़क मार्गों से कोयला, फ्लाई ऐश, खनिज वाहक एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने का आदेश जारी

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भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने का आदेश जारी : जिले के सड़क मार्गों से कोयला, फ्लाई ऐश, खनिज वाहक एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने का आदेश जारी

Aditi News Team

Fri, Jun 19, 2026

जिले के सड़क मार्गों से कोयला, फ्लाई ऐश, खनिज वाहक एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने का आदेश जारी

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने जारी किया आदेश

नरसिंहपुर।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले में सड़क मार्गों से कोयला, फ्लाई ऐश, खनिज वाहक एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने के उद्देश्य से आदेश जारी किया है।

      जारी आदेश के मुताबिक जिले में कोयला, फ्लाई ऐश तथा अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले सभी भारी वाहनों का संचालन केवल वैध परमिट/ बिल्टी/ ईटीसी प्राप्त करने के उपरांत ही किया जाएगा। जिले में कोयले एवं फ्लाई ऐश का परिवहन केवल तिरपाल से पूरी तरह ढके हुए बंद वाहनों से ही किया जाएगा। परिवहनकर्ता द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा कि वह परिवहन के दौरान लोड किया गया फ्लाई ऐश, कोयला, कोयले की डस्ट या स्टोन डस्ट किसी भी दशा में सड़क पर न गिरे और ना ही वातावरण में फैले। इसके अतिरिक्त फ्लाई ऐश या कोयला डस्ट खाली करके लौटते समय भी वाहनों से बचे हुए अवशेष मटेरियल के उड़ने की प्रबल संभावना रहती है। अत: अनिवार्य रूप से खाली वाहनों के भीतर पानी का प्रभावी छिड़काव करने एवं उन्हें पुन: तिरपाल से अच्छी तरह से ढंकने के उपरांत ही वाहन गंतव्य के लिए वापस लौटेंगे। फ्लाई ऐश, कोयला, कोयले की डस्ट या स्टोन डस्ट एवं अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की अधिकतम सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी। कोयला एवं राखड़ (फ्लाई ऐश) का परिवहन करने वाले वाहनों के पास सम्पूर्ण वैधानिक दस्तावेज तथा संबंधित वाहन चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध (जीवित) ड्राइविंग लायसेंस होना अनिवार्य है।

      जारी आदेश के अनुसार जिला अंतर्गत विभिन्न मार्गों से होकर कोयला, राखड़ (फ्लाई ऐश), खनिज रेत, गिट्टी एवं अन्य भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन विनियमित करने के लिए प्रवेश निषेध का समय निर्धारित किया गया है। गाडरवारा शहरी क्षेत्र एवं गाडरवारा से सांईखेड़ा मार्ग के तहत समस्त नगरीय सीमा के मुख्य मार्ग, मुख्य बाजार क्षेत्र एवं गाडरवारा-सांईखेड़ा मुख्य मार्ग के लिए प्रात: 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक, तेंदूखेड़ा शहरी क्षेत्र एवं तेंदूखेड़ा-गाडरवारा मार्ग के तहत समस्त नगरीय सीमा के मुख्य मार्ग, मुख्य बाजार एवं तेंदूखेड़ा-गाडरवारा मुख्य मार्ग के लिए प्रात: 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक और एनटीपीसी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र के तहत ग्राम गांगई, डोंगरगांव, चोरबरहेटा, कुड़ारी, रायपुर, कल्याणपुर चीचली एवं सम्पर्क मार्ग के लिए प्रात: 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक प्रवेश निषेध किया गया है।

      जारी उक्त आदेश के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करने, अनुपालन में लापरवाही बरतने, मिथ्या अथवा भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने या ऐसी स्थिति उत्पन्न करने, जिससे मानव जीवन, स्वास्थ्य, सम्पत्ति, परियोजना प्रमुख, खदान प्रबंधन, ट्रांसपोर्टर एवं अन्य उत्तरदायी व्यक्तियों/ संस्थाओं/ अधिकारियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 खान एवं खनिज संबंधी प्रासंगिक विधिक प्रावधानों तथा अन्य लागू विधियों के अंतर्गत दांडिक, सिविल एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी किसी भी घटना से उत्पन्न भ्रांति, राहत, पुनर्वास, सफाई, बहाली एवं पर्यावरण पुनर्स्थापन पर होने वाला समस्त व्यय संबंधित परियोजना/ प्रतिष्ठान/ ट्रांसपोर्टर से वसूल की जाएगी और आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।

      यह भी देखने में आया है कि कई बार भारी वाहनों को सड़क पर लापरवाही पूर्वक खड़े रखने से दुर्घटनाएं होती है। अत: भविष्य में यदि किसी भारी वाहन को अनावश्यक रूप से सड़क पर खड़े रखने के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित भारी वाहन की उपयुक्तता तथा वाहन संचालन की अनुमति निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश वर्तमान परिस्थितियों एवं संभावित जोखिमों के दृष्टिगत रखते हुए जन सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, लोक शांति एवं लोक हित में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना आवश्यक है और जिन व्यक्तियों/ संस्थाओं को यह निर्दिष्ट है, उन्हें तत्काल व्यक्तिगत रूप से सूचना दी जाना संभव नहीं है। अत: यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नरसिंहपुर को इस आदेश का प्रचार- प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से तथा संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में कराना सुनिश्चित करेंगे। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

      उल्लेखनीय है कि नरसिंहपुर जिले में विभिन्न पावर परियोजनाओं की स्थापना, उत्खनन गतिविधियों एवं बढ़ते औद्योगिकीकरण के फलस्वरूप सड़क मार्गों से कोयले, पावर परियोजनाओं से उत्सर्जित फ्लाई ऐश व अन्य खनिजों का व्यापक पैमाने पर परिवहन किया जा रहा है। इससे एक ओर जहां पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति निर्मित हो रही है। वहीं सड़क मार्गों पर भारी वाहनों के निरंतर आवागमन के कारण सड़क दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है। कोयला, फ्लाई ऐश एवं अन्य खनिजों का परिवहन करने वाले तथा अन्य भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन के कारण शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामान्य यातायात अवरूद्ध होता है। जिससे आम जनता एवं छात्रों के आवागमन में व्यवधान उत्पन्न होता है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं के कारण जान-माल की क्षति होने से कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। कोयला फ्लाई ऐश एवं अन्य खनिजों के परिवहन से होने वाले वायु प्रदूषण के कारण मानव जीवन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है तथा व्यापक जनजानि, सम्पत्ति हानि एवं पर्यावरणीय क्षति के साथ- साथ लोक उद्रव व अव्यवस्था की संभावना बनी रहती है। मध्यप्रदेश शासन एवं माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पर्यावरण प्रदूषण के निवरण के संदर्भ में समय-समय पर जारी आदेशों/ निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जाना वांछनीय है। उपलब्ध तथ्यों, पूर्व घटनाओं, वर्तमान परिस्थितियों एवं संभावनाओं जोखिमों पर विचार करते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने जन सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, लोक शांति एवं लोकहित में पूर्व में जारी आदेशों को समेकित करते हुए नए सिरे से कायेला, फ्लाई ऐश एवं अन्य खनिजों के भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन को विनियमित किया जाना आवश्यक है, जिस पर उन्होंने यह आदेश जारी किया है।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर,कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

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