: खंडवा,वन मंत्री डॉ. शाह ने अग्नि पीडि़त परिवारों को दी आर्थिक मदद
Sat, Mar 13, 2021
खंडवा। खालवा विकासखण्ड के वनग्राम सुन्दरदेव के अंतर्गत ग्राम ढाना सुहागी में गत 4 मार्च को हुए अग्नि दुर्घटना के पीडि़त परिवारों को वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। वन मंत्री डॉ. शाह ने पीडि़त परिवारों को 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए और जले हुए मकानों को भी देखा। इसके अलावा वन ग्राम समिति द्वारा भी पीडि़त परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, उसमें मोतीलाल पिता मोतीराम कोरकू को 10 हजार रूपये, मांगीलाल पिता मोतीराम कोरकू को 10 हजार रूपये तथा रामदास पिता मांगीलाल कोरकू को 5 हजार रूपये प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि दुर्घटना में खाद्य सामग्री तथा नगदी रूपये आदि जल जाने से वन विभाग द्वारा भी सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मकान निर्माण करने के लिए ग्राम वन समिति के प्रावधान अनुसार बांस, बल्ली उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा वन मंत्री डॉ. शाह ने खालवा पहुंचकर आयोजित कार्यक्रम में स्व. नंदकुमार सिंह चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: मंदसौर,मीडिएशन जागरूकता कार्यक्रम एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में बैठक सम्पन्न
Sat, Mar 13, 2021
मंदसौर। जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर द्वारा ए.डी.आर. भवन, मंदसौर में पैनल अधिवक्तागण, प्रशिक्षित मध्यस्थ, पैरालीगल वालेन्टियर्स एवं पक्षकारागण को सम्मिलित करते हुए मीडिएशन जागरूकता कार्यक्रम एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा बताया कि मीडिएशन एवं लोक अदालत दोनों का ही उद्देश्य एक है, प्रथम-न्यायालयों में निरंतर बढ़ते हुए प्रकरणों के भार को कम करना एवं द्वितीय-राजीनामे के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करवाकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचाना। साथ ही बताया कि मीडियेशन प्रक्रिया का पारिवारिक विवाद, सिविल विवाद इत्यादि के निराकरण में बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। उपरोक्त प्रक्रिया के माध्यम से प्रकरणों के समाधान में उभय पक्षों की सहमति को महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश द्वारा 10 अप्रैल 2021 शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाए दी।
अध्यक्ष अभिभाषक संघ श्री रघुवीरसिंह पंवार द्वारा मीडिएशन का महत्व बताते हुए 10 अप्रैल 2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे के माध्यम से कराये जाने के संबंध में पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने हेतु आश्वासन प्रदान किया।
अपर जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री रईस खान द्वारा अपने स्वागत उद्बोधन में वर्णित किया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रकरण के निराकरण होेने पर दोनों पक्षकारों के मध्य भविष्य में कोई विवाद शेष नही रह जाता है। साथ ही 10 अप्रैल 2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में राजीनामे के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों को निराकरण किये जाने हेतु न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण से अपील भी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री समीर कुमार मिश्र द्वारा मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए बताया कि प्रत्येक माह आयोजित किये जाने वाले मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को संवेदनशील बनाना है। वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विमल तरवेचा द्वारा मीडिएशन विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सुगम, मितव्ययी एवं शीघ्र न्याय प्रदान करने वाली है, इसलिए इस प्रक्रिया के संबंध में पक्षकारों को आवश्यक रूप से अवगत कराया जाना चाहिए।
सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश श्री रघुवीरसिंह चुण्डावत द्वारा व्यक्त किया कि वर्तमान में परिवार न्यायालय में प्रकरणों की संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही है जिनके निराकरण हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाकर लाभ लिया जा सकता है। उपरोक्त कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण, अभिभाषकगण, पैरालीगल वालेंटियर्स, प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री योगेश बंसल द्वारा किया गया।
: नरसिंहपुर,समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत कार्यशाला का हुआ आयोजन
Sat, Mar 13, 2021
नरसिंहपुर। शासन द्वारा संचालित समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत “लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं नियम 2012” विषय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थानीय सरस होटल में आयोजित किया गया।
“सुरक्षित बचपन की ओर बढते कदम” पर आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय गुप्ता, सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश भार्गव, उपपुलिस निरीक्षक नरसिंहपुर राजेश्वरी कौरव, जिला परिवहन अधिकारी श्री जितेन्द्र शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री राजेश सक्सेना और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री राधेश्याम वर्मा उपस्थिति में किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री गुप्ता ने बालकों को संरक्षण प्रदान करने के लिए बनाये गये अधिनियमों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कैसे एक सुरक्षित एवं बालमित्र माहौल में पॉक्सों एक्ट 2012 के तहत कार्यवाही की जाती है। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बालकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
रिर्सास पर्सन के रूप में उपस्थिति श्री इंद्र कुमार गिरि पूर्व सदस्य बाल कल्याण समिति ने जेजे एक्ट 2015 के तहत बालकों के प्रकार का उल्लेख करते हुये किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति की भूमिका स्पष्ट किया। उन्होंने बालकों के संबंध में बनाये गये सिद्धांतों के बारे में बताते हुए बालकों के सर्वोत्तम हित, निर्दोषिता, गोपनीयता तथा सुने जाने का सिद्धांत विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अभी हम केवल कुछ प्रमुख प्रावधानों के बारे में ही जागरूक हुये हैं। अभी बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधानों पर कार्य किया जाना आवश्यक है।
सीईओ जिला पंचायत श्री भार्गव ने सभी स्टेक होल्डर को बालकों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने के लिये अपनी- अपनी भूमिका निर्वाहन किये जाने के संबंध में अपने विचार रखे। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले के समस्त वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में गठित हो रही बाल संरक्षण समितियों में बाल अधिकारों हेतु जागरूक जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की अपील की।
कार्यशाला में प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने कार्यशाला का औचित्य समझाते हुये कहा कि यह विषय केवल ड्यूटी करने तक ही सीमित नही है, बल्कि यह जीवन परिवर्तित कर देने वाला विषय है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट 2012 एवं नियम 2012 के व्यवहारिक एवं बाल हितैषी प्रावधानों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जिले के समस्त थानों से उपस्थित बाल कल्याण अधिकारियों एवं चाइल्ड लाईन व एनजीओ सदस्यों के प्रश्नों के उत्तर दिये। उन्होंने बताया कि पॉक्सों एक्ट 2012 बालकों के लिये अत्यंत संवेदनशील एवं बाल हितैषी कानून है। उन्होंने पॉक्सों एक्ट 2012 के तहत पीड़ित बालकों की सहायता के लिये उपलब्ध कराये जाने वाले सहायक व्यक्ति की भूमिका पर भी चर्चा की।
कार्यशाला में जिले के समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारी, अधीक्षक शासकीय संप्रेक्षण गृह, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, समस्त सुपरवाइजर, चाइल्ड लाईन, वर्ल्ड विजन, एनजीओ के सदस्य, अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, काउंसलर, वन स्टॉप सेंटर से केसवर्कर, इलेक्ट्रानिक एवं प्रिंट मीडिया के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। कार्यशाला का संचालन संरक्षण अधिकारी श्री सौनिध्य सराठे एवं आभार जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राधेश्याम वर्मा ने किया।