: नरसिंहपुर। जिस बचपन में हाथों में खिलोने होने चाहिए उन हाथों में भीख का कटोरा
Sat, Dec 11, 2021
नरसिंहपुर
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जिस बचपन में हाथों में खिलोने होने चाहिए उन हाथों में भीख का कटोरा हाथ में देख सवाल उठता है ये भी हमारे जिले का भविष्य है,फिर भी इनकी हालत की ओर कोई ध्यान क्यों नही दिया जा रहा है।
जब कोई मासूम आपसे सवाल करता है भैया लोग हमने दुत्कारते क्यों है क्या हम लोग गरीब भिखारी हैं इसलिए?
तब अंतरद्वंद अनेकों सवालों को जन्म देता है और सबसे पहला सवाल होता है क्या मानवीय संवेदनाएं समाज से समाप्त होती जा रही है।क्या इन्हे जिले का भविष्य मानने से ही इंकार कर दिया गया है? सरकार अनेकों योजनाएं संचालित कर रही है किंतु शिक्षा से पहले पेट की भूख की चिंता स्कूल की दहलीज पर ही रोक देती है।इनके लिए शासकीय योजनाएं सिर्फ कागजी बातें बनकर रह गई है। सड़कों पर दौड़ते नंगे पैर,फटेहाल लेकिन चेहरे पर मासूम मुस्कान जो बरबस ही किसी भी इंसान का मन मोह लेती है।आखिर बच्चे ही तो हैं,मासूमियत और जिद कभी गलतियां कर भी देती हैं जिसके एवज में गंदी गलियों और बेहूदा हरकतों से ऐसे बच्चों का उपहास उड़ाया जाना मारपीट करना क्या जायज ठहराया जा सकता है।
जब किसी गरीब भिखारिन बच्ची की आस्तीन फटी हुई होती है जिसे छिपाने और भीख मांगने की जद्दो जहद में वो कभी कभी दोनो ही में नाकाम होती है और तब समाज के अंदर इंसानियत की खाल में छुपे हैवानों की गंदी नजर से वह बच नही पाती है।आखिर यह घिनौना चेहरा किसका है? क्या भिखारी इंसान नही ?क्या उन्हे जीने का सुविधाओं का अधिकार नहीं?क्यों उन्हे इतने निचले दृष्टिकोण से देखा जाता है कि उनके उत्थान और विकास की बातें महज बातें बनकर रह जाती हैं।अगर अशिक्षा के चलते ये योजनाओं तक नहीं पहुंच सकते तो क्या समाज का प्रबुद्ध वर्ग आगे आकर इन तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचा सकता है।
अदिति न्यूज नरसिंहपुर से राजकुमार दुबे की खास रिपोर्ट
: गाडरवारा,पाली में डाइट प्राचार्य एवं बीईओ ने बच्चों को वितरित की किट
Sat, Dec 11, 2021
प्रधानपाठक सिराज अहमद सिद्दकी ने निजी खर्चे पर उपलब्ध कराई किट
गाडरवारा। गत दिवस साईंखेड़ा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पाली की शासकीय प्राथमिक शाला में प्रधानपाठक सिराज अहमद सिद्दकी की अनुकरणीय पहल पर उनके निजी खर्चे पर शाला के बच्चों को पहनने हेतु किट एवं शिक्षण सामग्री का वितरण डाइट प्राचार्य सुंदरलाल धुर्वे, बीईओ प्रतापनारायण, प्राचार्य राजेश बरसैयां, बीआरसी चंदन शर्मा, प्रभारी प्राचार्य आनंद चौकसे, मोहन मुरारी दुबे , नगेन्द्र त्रिपाठी की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में संस्था के पूर्व प्रधानपाठक भैरों प्रसाद चढार को भी सेवानिवृति उपरांत विदाई दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियॉ द्वारा सरस्वती पूजन से किया गया तदोपरांत मंचासीन अतिथियॉ का स्वागत ब्रजेश श्रीवास, मधुसूदन पटैल, राजेन्द्र गुप्ता सहित शिक्षकों ने फूल माला पहनाकर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री धुर्वे ने कहा की बच्चों को शिक्षा देने के अलावा उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए किट का वितरण एक सार्थक पहल है। बीईओ प्रतापनारायण ने कहा की बच्चों के शैक्षिक स्तर में वृद्धि ही हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए । बीआरसी चंदन शर्मा ने कहा की इस संस्था में शिक्षको द्वारा सदैव अच्छे कार्य किये जाते रहे है। कार्यक्रम में प्राचार्य राजेश बरसैयां ने कहा की इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए। कार्यक्रम को प्रभारी प्राचार्यो आनंद चौकसे एवं मोहन मुरारी डूबे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रफुल्ल दीक्षित एवं आभार प्रदर्शन प्रीतम रूसिया ने किया। कार्यक्रम में अतिथियॉ का सम्मान शाल , श्रीफल, डायरी , पैन, कलेंडर भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में संस्था को अतिथियॉ ने पुस्तको की किट प्रदान की। कार्यक्रम में मनीराम मेहरा, योगेंद झारिया, प्रशान्त राय, नेपाल झारिया, बनवारी लाल नागवंशी, प्रमोद पठारिया, भानु राजपूत, प्रीतम रूसिया, शेख जाफर, , अनीस खान, सुरेन्द्र पटेल, राजेन्द्र गुप्ता, देवी सिंह कीर, प्रतिभा मौर्य, दुर्गा राय , सीमा ढिमोले ,सचिव प्रमोद बोहरे सहित अन्य उपस्थित रहे।
: गाडरवारा,जादू नही विज्ञान है ,के तहत प्रशिक्षण आयोजित
Fri, Dec 10, 2021
गाडरवारा। विज्ञान प्रदर्शनी अंतर्गत विज्ञान के प्रति जागरूकता अभियान अंतर्गत "जादू नही विज्ञान है -समझना समझाना आसान है" कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधियों एवं विज्ञान मेले के आयोजन के संबंध में गत दिवस चीचली, साईंखेड़ा एवं चांवरपाठा ब्लॉक के प्रत्येक शासकीय हाईस्कूल एवं हायरसेकेडरी स्कूल में प्रायोगिक कार्य कराने वाले विज्ञान या गणित शिक्षको का एक दिनी प्रशिक्षण स्थानीय बीटीआई स्कूल में आयोजित किया गया। उक्ताशय की जानकारी देते हुए डीईओ द्वारा गठित जिला मीडिया दल के सदस्य मधुसूदन पटेल ने बताया की प्रशिक्षण का शुभारंभ रमसा के एडीपीसी जी एस पटैल, बीईओ प्रतापनारायण, एएस मसराम, प्राचार्य अनूप शर्मा, आरती पाठक, जयमोहन शर्मा , विज्ञान अधिकारी के के राजौरिया, ओमप्रकाश कौरव, समीम कुरैशी , सहायक विज्ञान अधिकारी चंद्रकांत साहू, गजेंद्र कौरव, राकेश श्रीवास सहित मास्टर ट्रेनर प्रशांत पटैल, श्वेता सेन, प्रतिभा राय, मनीष शर्मा, संयोगिता शिवहरे एवं प्रवेश पटैल की उपस्तिथि में विद्या की देवी माँ सरस्वती के चित्र का पूजन एवं माल्यार्पण कर किया गया। तदोपरांत मंचासीन अतिथियॉ का स्वागत उपस्थित शिक्षको ने फूल माला पहनाकर किया। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को विभिन्न चमत्कारिक घटनाओं के पीछे निहित विज्ञान के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से मास्टर ट्रेनरो के के राजोरिया एवं अन्य द्वारा शिक्षको के समक्ष मंत्र से आग उत्पन्न करना, पानी मे आग लगाना , थर्माकोल गायब करना, हथेली पर आग जलाना, गायब अक्षरों को कागज पर उत्पन्न करना , नींबू से खून निकालना आदि अनेक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जी एस पटैल ने कहा की सभी शिक्षक स्कुलो की प्रयोगशाला में सावधानी पूर्वक छात्र छात्राओं को प्रयोग समझाएं । साईंखेड़ा बीईओ प्रतापनारायण ने कहा कि विज्ञान विषय मे जटिल प्रयोगों को छात्र छात्राओं को सरल एवं आसान तरीके से कराते हुए उनमे निहित विज्ञान के बारे में बताएं। चीचली बीईओ ए एस मसराम ने कहा की स्कुलो में विज्ञान विषय के प्रति रोचकता उत्पन्न करना जरूरी है तभी छात्र छात्राएँ मन लगाकर पढ़ेंगे एवं प्रायोगिक कार्य करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम को बीटीआई प्राचार्य जयमोहन शर्मा ने भी संबोधित करते हुए कहा की जादू नही विज्ञान है समझना समझाना आसान है एक अच्छा कार्यक्रम है इससे विज्ञान विषय के प्रयोगों के रहस्य के प्रति जानने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में अतिथियो ने मास्टर ट्रेनरों व जिला मीडिया दल के सदस्यों मधुसूदन पटैल एवं मनीष शंकर तिवारी को स्कूल स्टाफ की तरफ से उपहार देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षको ने उच्च माध्यमिक शिक्षक के के राजौरिया द्वारा सुसज्जित प्रयोगशाला का भ्रमण किया। अंत मे जनरल विपिन रावत के निधन एवं कोरोनाकाल में मृत शिक्षकों को दो मिनिट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन के के राजौरिया, गजेंद्र कौरव, राकेश श्रीवास ने किया। प्रशिक्षण के आयोजन में मलखान मेहरा, विनयशंकर शर्मा, के के दुबे, मनमोहन शर्मा,अर्पणा ब्राउन, शिल्पी गुप्ता , रोहित वाल्मीक आदि का सहयोग उल्लेखनीय रहा। प्रशिक्षण में साइखेड़ा, चीचली एवं साईंखेड़ा विकासखंडों के विज्ञान -गणित विषय के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।