: गाडरवारा,स्वास्थ्य शिविरो के साथ कन्या ,वृद्ध ,दैवीय सेवा पखवाड़ा संपन्न
Wed, Dec 22, 2021
गाडरवारा। नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया ने अपने पूज्य पिताजी स्व श्री द्वारका प्रसाद बसेड़िया जी की स्मृति में गाडरवारा मंडी प्रागंण बीज निगम में रिटायर्ड कर्मचारियों का स्वाथ्य परीक्षण शिविर व गृह ग्राम माँ विजयासन धाम पुरैना रंधीर में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये । जिसमें गाडरवारा के वयोवृद्ध 57 तथा पुरैना रंधीर,सलैया , अन्हाई ,बारछी , डूमर आदि ग्रामो के 168 मरीजो का स्वास्थ्य परीक्षण कर,बजन, बी पी, शुगर ,ब्लड ग्रुप , टेम्परेचर, आदि जांच कर दवाइयो व मास्क ,का निःशुल्क वितरण किया गया व साथ ही वैक्सिनेशन के 67 डोज भी लगाये गए।सर्व प्रथम कन्या पूजन कर पूज्य कर पूज्य पिताजी का के दिव्य छाया चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर श्रंद्धाजलि प्रदान कर पौधारोपण किया।उपरोक्त सेवा कार्य मे गाडरवारा नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ डी• एस •चौधरी , डॉ उमाशंकर दुबे , वैक्सिनेशन प्रभारी डॉ विजय ठगेले , नेत्र विभाग से पटेल सर, बनखेड़ी स्वास्थ्य विभाग से डॉ संदीप साहू , सी एच ओ महोदय , साँईखेड़ा से नीरज श्रीवास्तव , माँ विजयासन इंस्टीट्यूट की बेटियां व स्टाफ, वैक्सिनेशन टीम, एक अभियान प्रकृति के नाम, कल्पतरु परिवार ,हरियाली अभियान, सत्संग सुप्रभात समिति के सदस्यगण , सुरेश बसेड़िया ,अनुज शर्मा, संकल्प हाईस्कूल अन्हाई के प्राचार्य व पत्रकार दिनेश बसेड़िया ,अभिषेक बोहरे , बनखेड़ी नगर के वरिष्ठ पत्रकार कपिल शुक्ला , गुलाब गूजर ,परिवारजन,ज्ञान दर्शन हाई स्कूल लिंगा व पत्रकार बंधुओ तथा ग्रामवासियो का विशेष सहयोग रहा
स्वास्थ्य शिविरों के कार्यक्रम की अध्यक्षता एस•पी•क्राइम ब्रांच किरण कुमार उपाध्याय तथा मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक, डॉ डी एस चौधरी ,डॉ उमाशंकर दुबे ,डॉ विजय ठगेले की गरिमामयी उपस्तिथी में संपन्न हुआ
उल्लेखनीय है कि समाजसेवा में सदा अग्रणी व तत्पर रहने बाले मुकेश बसेड़िया ने अपने जन्मोत्सव को पन्द्रह दिवस सतत दैवीय, कन्या, वृद्धाओ की सेवा, दरिद्र नारायण की सेवा को समर्पित कर एक पखवाड़े का सेवा संकल्प लिया ,जिसमे विप्र सेवा सम्मान पंचागवस्त्रदान , बनांचल ग्रामो कुक्लोर, गङ्गडोर,छीरई ,पीपला बेरबन में आदिवासी भाइयों की सेवा कार्य,गाडरवारा ,साँईखेड़ा अस्पतालो में मरीजो को कंबल ,खिचड़ी ,विस्कट वितरण, कामाख्या धाम असम ,श्री दादा जी धाम साईंखेडा , वृद्ध आश्रम बरमान , नर्मदा तटो के साथ साथ माँ विजयासन धाम सलकनपुर आदि स्थानों में सतत पन्द्रह दिवस कन्याओ को वस्त्र , लेखन पठन सामग्री, वृद्धाओं को गर्म वस्त्र , स्वेटर, कंबल,मच्छरदानी ,राशन सामग्री,खिचड़ी ,चाय,बिस्कुट वितरण के साथ साथ विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर जन्मदिवस की अनूठी मिसाल पेश की।
मुकेश बसेड़िया विगत अनेक वर्षो से स्वयं के खर्चे पे बनांचल ग्रामो व वृद्धाओं की सेवा करते आ रहे है।शिक्षा के क्षेत्र व कोरोना काल से लेकर वैक्सिनेशन महा अभियान में उनका सतत योगदान रहा।
जन्मोत्सव को सेवा पखवाड़े के रूप में मनाकर मंच व केक से दूर रहकर युवाओ को एक नयी दिशा प्रदान की।उनके इस अनूठे व सेवा संकल्प की पखवाडा जनमानस व युवाओ में चर्चा का विषय बना है।
: दमोह हटा,अध्यापक शुद्ध शब्द-प्रयोग के प्रति जागरूक बने,आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
Tue, Dec 21, 2021
दमोह हटा,''शब्द मनुष्य के आचरण को धारण करते हैं, इसीलिए उनका प्रयोग बहुत सोच-विचार कर करना चाहिए। अध्ययन और अध्यापन करते समय विशेषत: अध्यापकों को इसके प्रति गम्भीरता बरतनी पड़ेगी, इसे समझना होगा और अपने विद्यार्थियों को इस दिशा में प्रयासशील रहना होगा।"
शासकीय महाविद्यालय, हटा, दमोह (म० प्र०) के हिन्दी-विभाग की ओर से 'शिक्षण-प्रशिक्षण मे मौखिक और लिखित भाषाओं की उपयोगिता और महत्ता' विषय पर आयोजित त्रिदिवसीय कर्मशाला में उपर्युक्त उद्बोधन में प्रयागराज से पधारे भाषाविज्ञानी और समालोचक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने अपने विचार प्रकट किये थे।
आरम्भ मे महाविद्यालय के संरक्षक और प्राचार्य डॉ० पी० के० ढाका ने अभ्यागतगण का स्वागत किया।
उन्होंने महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कर्मशाला में प्रशिक्षणार्थियों को ध्वनि, वर्णमाला, स्पर्श व्यंजन, उपसर्ग, विरामचिह्नों, एक-जैसे शब्दप्रयोगों के भिन्न अर्थ और भावों को सोदाहरण समझाये थे। जो शब्दव्यवहार पुस्तकों में नहीं मिलते, उन्हें उन्होंने मौखिक और लिखित स्तर पर सिखाये। शब्दों की शुद्धता क्यों, कैसे तथा किसलिए होती है, इन्हें विधिवत् समझाया। डिजिटल बोर्ड पर शब्दों की वर्तनी को लिखते हुए, उनके शुद्ध और उपयुक्त उच्चारण को करना सिखाया। समस्त प्रशिक्षणार्थियों का कहना था-- हमने अभी तक जो पढ़े-समझे थे, वे ग़लत थे। आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय शब्द सिखाने और यह देखने कि प्रशिक्षणार्थियों ने शुद्ध वर्तनी का लेखन किया है कि नहीं और जितना समझाया-लिखाया जा रहा है, इनके प्रति व कितने जागरूक हैं, लगभग सभी प्रशिक्षणार्थियों के समीप पहुँचते थे। उन्होंने उन शब्दों के प्रति प्रशिक्षणार्थियों के ध्यान आकर्षित किये थे, जो आगे चलकर उनके लिए प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं की दृष्टि से हितकर सिद्ध होंगे।
इसी अवसर पर साहित्यकार और सारस्वत अतिथि डॉ० श्यामसुन्दर दुबे ने कहा-- स्मृति और कल्पना के माध्यम से आप अपने जगत् की कल्पना कर सकते हैं। भाषिक चेतना इन दोनो के मध्य स्थित है। आदमी भाषा के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त करता है।
दमोह में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दीविभागाध्यक्ष डॉ० अनीता नायक ने अतिथि प्रवक्त्री के रूप में कहा-- कोई भी शिक्षण भाषा के बिना नहीं होता। भाषा हमारे व्यक्तित्व को सुदृढ़ करती है।
भाषाविद् और विशिष्ट अतिथि एन० आर० राठौर ने कहा-- हम जो भी बोलते हैं, उसके लिए हमे अपनी प्रयोगशाला को जानना चाहिए। मुख हमारी भाषा की प्रयोगशाला है।
इस पूरी कर्मशाला की सूत्रधार और संयोजिका महाविद्यालय में हिन्दी-विभाग की सहायक प्राध्यापक आशा राठौर ने प्रभावकारी संचालन किया।
इस कर्मशाला में आकाश कुर्मी, राहुल चौधरी, नरेश कुमार कोरी, प्रशान्त सूर्यवंशी, प्रणय ठाकुर, डॉ० माला हकवाड़िया, डॉ० शिवानी राय, ममता सोनी, ज्योति सेन, प्रभुदयाल चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे।
: गाडरवारा,शालाओं में कैरियर सप्ताह का आयोजन शुरू
Tue, Dec 21, 2021
गाडरवारा। आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा प्रदेश की शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी शालाओं में 20 से 24 दिसंवर तक 9 वी से 12 वी तक के छात्र छात्राओं हेतु स्कुलो में कैरियर सप्ताह के तहत कैरियर के प्रति जिज्ञासाओं का समाधान के निर्देश दिए गए थे । इसी क्रम में स्थानीय बीटीआई स्कूल सहित क्षेत्र की अन्य शालाओं में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती जे एस विल्सन के मार्गदर्शन में कैरियर सप्ताह का आयोजन शुरू हो गया है। गत दिवस सप्ताह के प्रथम दिन बीटीआई स्कूल में प्रभारी प्राचार्य विनय शंकर शर्मा द्वारा माध्यमिक शिक्षक मनमोहन शर्मा एव विनोद तिवारी का परिचय केरियर काउंसलर के रूप में कराया गया। कार्यक्रम में 10 वी के छात्रों को विषय का चयन कैसे करें टॉपिक पर मार्गदर्शन देते हुए चुने गए कैरियर के अनुसार विषय चयन पर जोर दिया गया। इस अवसर पर छात्रो ने प्रश्न उत्तर के जरिये विषय चयन से जुड़ी जानकारियां हासिल की। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक मलखान मेहरा एवं अर्पणा ब्राउन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर जी पी कोरी, प्रमोद राय, के वी कौरव, रोहित वाल्मीक, अंशुमान दुबे, आकांक्षा तिवारी आदि उपस्थित रहे।