: गोटेगांव,मध्यप्रदेश शासन एवं जिला कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Mon, Jan 17, 2022
एसडीएम कार्यालय की नवीन पदस्थापना से क्षेत्रवासी परेशान
गोटेगांव। विगत दिवस दिन सोमवार को नगर के सामाजिक राजनीतिक एवं मुंशी संघ ने अपनी परेशानियों के चलते एकजुट होकर राज्यपाल महोदय मध्यप्रदेश शासन भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव भोपाल एवं जिला कलेक्टर नरसिंहपुर को ज्ञापन सौंपा जिसमें लेख किया गया कि अनुविभागीय अधिकारी गोटेगांव तहसील गोटेगांव जिला नरसिंहपुर का नवीन एसडीएम कार्यालय स्थल चयन निर्माण किया जा रहा है जिसका विरोध जताते हुए क्षेत्रवासियों ने आपत्ति जाहिर की है क्षेत्र के समस्त संगठनों ने अपनी परेशानियों को बयां करते हुए बताया कि नवीन एसडीएम कार्यालय के निर्माण हेतु स्थल चयन प्रक्रिया संचालित है जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करने का भय उत्पन्न हो रहा है वर्तमान में जहा एसडीएम कार्यालय संचालित है जिससे आम नागरिकों को कार्य संपादित करने में सुगमता होती है वर्तमान में एसडीएम कार्यालय से लगकर शिक्षा विभाग ,जनपद कार्यालय ,लोक सेवा केंद्र, रजिस्ट्री कार्यालय एवं कृषि कार्यालय सभी सरकारी संस्थाएं हैं एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों के निवास स्थान है उसी कार्यालय से लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय निवास एवं विश्राम गृह एवं पुलिस थाना और रेलवे स्टेशन सभी कार्यालय एक दूसरे से लगे हुए हैं जिसमें आम नागरिकों को अपने कार्य के प्रति शीघ्रता से निराकरण हो जाता है और पुलिस थाना समीप होने से कार्यालय में सुरक्षित वातावरण और आम नागरिकों को भय नहीं होता है इन्हीं कार्यालयों से लेकर वर्तमान में नवीन सिविल न्यायालय का निर्माण भी हो रहा है जिसके अभाव में नागरिकों को न्याय मिलने की उपेक्षा मिली है
भू माफिया की दबंगई की चपेट में आया एसडीएम कार्यालय
जैसा कि सभी को ज्ञात है की वर्तमान एसडीएम कार्यालय के पीछे संजय निकुंज में शासकीय रखवा रिक्त है जिसमें 1 एकड़ जमीन में नवीन एसडीएम कार्यालय निर्माण होने हेतु जमीन का चयन होता है जिससे शासन की मंशा अनुसार एक ही स्थल के आसपास एसडीएम कार्यालय का निर्माण होने से नरसिह भवन जिला कार्यालय की तर्ज पर संजय निकुंज का स्थल का नवीन एसडीएम कार्यालय का निर्माण किया जा सकता है और जनपद के समक्ष काफी लंबी रखवा पड़ा हुआ है लेकिन भू माफिया के सांठगांठ के चलते गोटेगांव खेड़ा में नवीन एसडीएम कार्यालय का निर्माण कार्य करने प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है जबकि वर्तमान एसडीएम कार्यालय शहरी क्षेत्र में संचालित है लेकिन जबरन ग्रामीण क्षेत्र में ले जाया जा रहा है और नगरी सीमाओं की अपेक्षा की जा रही है उक्त भूमि स्थल पर शासन की भूमि होने से निर्माण किए जाने में सुगमता होगी
बारिश के अभाव में बंद हो जाता है रास्ता फिर भी बनाया जा रहा है एसडीएम कार्यालय
शासन द्वारा नवीन एसडीएम कार्यालय का निर्माण किया जा रहा है वह गोटेगांव सीमा क्षेत्र से काफी दूर है साथ ही साथ क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके लिए रेलवे ब्रिज पार करके एसडीएम कार्यालय जाना होगा बारिश के अभाव में रेलवे ब्रिज में पानी भराव की स्थिति होने पर सड़क मार्ग पूर्णता बंद हो जाता है जिसके अभाव में आवागमन पूर्ण प्रतिबंध हो जाने से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है ज्ञापन के माध्यम से विभिन्न संगठनों ने एसडीएम कार्यालय के नवीन पदस्थापना पर रोक लगाने की मांग की है अन्यथा की स्थिति में संगठनों के द्वारा आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार होगा
ज्ञापन सोते समय इनकी रही मौजूदगी
जनपद अध्यक्ष संतोष दुबे, जिला उपाध्यक्ष निधान सिंह पटेल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, सतीश अग्रवाल, राजेंद्र (छुट्टू) बिलवाल, शिवराम पटेल, मकसूद खान, मनीष ताम्रकार राकेश शर्मा, जितेंद्र ठाकुर,मुंशी संघ अध्यक्ष बालू ऊमरे सुशील वर्मा, लीलाधर, कीरथ विश्वकर्मा, कैलाश झरिया, गिरवर, राम प्रताप, एवं समस्त मुंशी संघ ज्ञापन सौंपते समय मौजूद रहे
ज्ञापन समझे या निवेदन पत्र समझे हम लोगों ने मांग की है कि यदि संजय निकुंज की जगह पर एसडीएम कार्यालय का निर्माण होगा तो वह हम सभी के लिए लाभदायक होगा और निश्चय ही सभी के लिए सुविधाजनक होगा प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में कार्यवाही की जानी चाहिए । पूर्व नपा. नेता प्रतिपक्ष सतीश अग्रवाल
: कत्थक सम्राट पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज का निधन
Mon, Jan 17, 2022
कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज का सोमवार को निधन हो गया। पद्म विभूषण से सम्मानित 83 वर्षीय बिरजू महाराज ने दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनके निधन से संगीत प्रेमियों सहित बॉलीवुड जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंडित बिरजू महाराज के निधन पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया- भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पंडित बिरजू महाराज के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- पंडित बिरजू महाराज का निधन एक युग के अंत का प्रतीक है। उनके निधन से भारतीय संगीत और संस्कृति में एक गहरा शून्य बन गया है। वह कथक को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अद्वितीय योगदान देकर एक प्रतीक बन गए। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।
जीवन परिचय
- बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ के 'कालका-बिन्दादीन घराने' में हुआ था। बिरजू महाराज का नाम पहले दुखहरण रखा गया था। यह बाद में बदल कर 'बृजमोहन नाथ मिश्रा' हुआ। इनके पिता का नाम जगन्नाथ महाराज था, जो 'लखनऊ घराने' से थे और वे अच्छन महाराज के नाम से जाने जाते थे। बिरजू महाराज जिस अस्पताल में पैदा हुए, उस दिन वहां उनके अलावा बाकी सब लड़कियों का जन्म हुआ था, इसी वजह से उनका नाम बृजमोहन रख दिया गया। जो आगे चलकर 'बिरजू' और फिर 'बिरजू महाराज' हुए।
पिता को गोद में नजर आए पूत के पांव
पिता अच्छन महाराज को अपनी गोद में महज तीन साल की उम्र में ही बिरजू की प्रतिभा दिखने लगी थी। इसी को देखते हुए पिता ने बचपन से ही अपने यशस्वी पुत्र को कला दीक्षा देनी शुरू कर दी। किंतु इनके पिता की शीघ्र ही मृत्यु हो जाने के बाद उनके चाचाओं, सुप्रसिद्ध आचार्यों शंभू और लच्छू महाराज ने उन्हें प्रशिक्षित किया। कला के सहारे ही बिरजू महाराज को लक्ष्मी मिलती रही। उनके सिर से पिता का साया उस समय उठा, जब वह महज नौ साल के थे।
सुर संगीत के महारथी बन उभरे, कई नृत्यावलियां बनाईं
बचपन से मिली संगीत व नृत्य की घुट्टी के दम पर बिरजू महाराज ने विभिन्न प्रकार की नृत्यावलियों जैसे गोवर्धन लीला, माखन चोरी, मालती-माधव, कुमार संभव व फाग बहार इत्यादि की रचना की। सत्यजीत राॅय की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' के लिए भी इन्होंने उच्च कोटि की दो नृत्य नाटिकाएं रचीं। इन्हें ताल वाद्यों की विशिष्ट समझ थी, जैसे तबला, पखावज, ढोलक, नाल और तार वाले वाद्य वायलिन, स्वर मंडल व सितार इत्यादि के सुरों का भी उन्हें गहरा ज्ञान था।
देश-विदेश में हजारों नृत्य प्रस्तुतियां दीं
1998 में अवकाश ग्रहण करने से पूर्व पंडित बिरजू महाराज ने संगीत भारती, भारतीय कला केंद्र में अध्यापन किया व दिल्ली में कत्थक केंद्र के प्रभारी भी रहे। इन्होंने हजारों संगीत प्रस्तुतियां देश में देश के बाहर दीं। बिरजू महाराज ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए। उन्हें प्रतिष्ठित 'संगीत नाटक अकादमी' , 'पद्म विभूषण' मिला। मध्य प्रदेश सरकार सरकार द्वारा इन्हें 'कालिदास सम्मान' से नवाजा गया।
13 साल की उम्र में दिल्ली में सिखाने लगे थे नृत्य
बिरजू महाराज ने मात्र 13 साल की उम्र में ही दिल्ली के संगीत भारती में नृत्य की शिक्षा देना आरम्भ कर दिया था। उसके बाद उन्होंने दिल्ली में ही भारतीय कला केन्द्र में सिखाना आरम्भ किया। कुछ समय बाद इन्होंने कत्थक केन्द्र (संगीत नाटक अकादमी की एक इकाई) में शिक्षण कार्य आरंभ किया। यहां ये संकाय के अध्यक्ष थे तथा निदेशक भी रहे। तत्पश्चात 1998 में इन्होंने वहीं से सेवानिवृत्ति पाई। इसके बाद कलाश्रम नाम से दिल्ली में ही एक नाट्य विद्यालय खोला।
पांच बच्चों व नाती पोतों का परिवार छोड़ गए
बिरजू महाराज का भरापूरा परिवार है। उनके पांच बच्चे हैं। इनमें तीन बेटियां और दो बेटे हैं। उनके तीन बच्चे ममता महाराज, दीपक महाराज और जय किशन महाराज भी कथक की दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं।
ये पुरस्कार भी मिले
बिरजू महाराज को कई सम्मान मिले। 1986 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा कालिदास सम्मान प्रमुख हैं। इनके साथ ही इन्हें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं खैरागढ़ विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि मानद मिली। 2016 में हिन्दी फ़िल्म बाजीराव मस्तानी में 'मोहे रंग दो लाल' गाने पर नृत्य-निर्देशन के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 2002 में उन्हें लता मंगेश्कर पुरस्कार से नवाजा गया। 2012 में 'विश्वरूपम' के लिए सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशन का और 2016 में 'बाजीराव मस्तानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशन का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला।
: नरसिंहपुर,प्रभारी मंत्री ने बंधाया परिजनों को ढांढस
Mon, Jan 17, 2022
नरसिंहपुर।
नगर परिषद तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 15 के ग्राम कठौतिया में 13 जनवरी को एक मकान में आग लगने से 17 वर्ष की युवती की जलकर मृत्यु हो गई थी। प्रदेश के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह प्रशासनिक अमले के साथ रविवार को मृत युवती के परिजनों से मिले और उन्हें इस विकट दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया।
मंत्री डॉ. शाह ने परिजनों से कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार आपके साथ है। उन्होंने युवती के परिवार को 15 हजार रूपये की सहायता राशि तत्काल मुहैया कराने के निर्देश एसडीएम को दिये। इसके अलावा मकान के लिए 40 बल्ली, 100 बांस, राशन एवं बर्तन सामग्री की व्यवस्था के लिए भी संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन व्यवस्था के बावजूद शासन की ओर से आर्थिक सहायता राशि भी शीघ्र मुहैया कराई जायेगी।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, एसडीएम एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।