: गाडरवारा,श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति ने ब्लड स्टोरेज बैंक का मनाया स्थापना दिवस,नौ वर्ष हुए पूर्ण,युवा सजीव राय ने किया रक्तदान
Aditi News Team
Sun, Jun 2, 2024
ब्लड स्टोरेज बैंक का मनाया स्थापना दिवस,नौ वर्ष हुए पूर्ण,
स्वश्री महाराज सिंह राय की जन्मतिथि के अवसर पर युवा सजीव राय ने रक्तदान किया
श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति की पहल से हुआ था स्थापित, अबतक हजारों मरीज लाभांवित।
गाडरवारा। कौन कहता है कि आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों...! इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया मध्यप्रदेश के जिला नरसिंहपुर की तहसील गाडरवारा की एक सामाजिक संस्था श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति ने। आज से करीब दस साल पूर्व 23 जनवरी 2014 एक ज्ञापन के माध्यम से एक पहल की शुरुवात हुई। जिसमे शहर में ब्लड बैंक स्टोरेज यूनिट के स्थापना की मांग की गई। वह एक छोटी सी पहल धीरे धीरे कब एक अभियान में बदल गई पता ही नहीं चला। जिसके बदौलत आज शहर में जरूरतमंदो को सरलता से ब्लड मिल पा रहा है। समिति ने इसकी स्थापना में जितना संघर्ष किया था शायद उसको शब्दों में बया करने के लिये शब्द कम पड जाये। समिति ने सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा कर हजारों लोगों से सम्पर्क कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसमे 10 हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षर करवाये। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, कमिश्नर, कलेक्टर, अनुविभगीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार इत्यादि को दो दर्जनों से अधिक ज्ञापन सौपे। यहाँ तक की समिति सदस्यों ने खून से भी लेटर लिखे। करीब ढेर साल के सतत संघर्षों एवं प्रयास के बाद शासन प्रशसन को लगा की शहर में ब्लड बैंक की आवश्यकता है जिसके बाद शासकीय सिविल अस्पताल में दो जलाई 2015 में इसका शुभारंभ किया गया था। यह प्रदेश एक मात्र ब्लड स्टोरेज यूनिट बैंक है जिसमे हर वर्ष सैकड़ों यूनिट जरुरतमंदो को रक्त प्राप्त होता आ रहा है। जिसकी आज स्थापना दिवस के अवसर पर समिति ने चिकित्सा प्रभारी डॉ आशुतोष मेहता,ब्लड बैंक प्रभारी डॉ बबीता सिंग और सहायक अजय घारू को साईं चुनरी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही स्वश्री महाराज सिंह राय की जन्मतिथि के अवसर पर युवा सजीव राय ने रक्तदान भी किया।
दिनाँक 19 जनवरी 2014 को रखी थी नीब- समाजसेवा को अपना दायत्व मानते हुए समिति रक्त की महत्ता के लिये कई सालो से दर्जनों रक्तदान तथा जागरूकता शिविर लगाकर करीब 700 यूनिट रक्त का दान कर चूकी है। जब एक गर्ववत्ती महिला की रक्त के आभाव में रास्ते में हुई मौत समिति को सोचने पर मजबूर कर गई की आखिर आज शहर में ब्लड बैंक होता तो शायद उस महिला को बचाया जा सकता था जिसके बाद दिनाँक 19 जनवरी 2014 दिन गुरुवार को शहर में ब्लड बैंक की स्थापना के लिये नीब रखी गई थी। तब कईयों ने इसका हास्य बनाया है, व्यंग कसे थे, चुटकी ली थी। पर समिति के सदस्यों का दृढ संकल्प ही रहा जो इस जनहिताय लोककल्याणकारी ब्लड स्टोरेज की स्थापना को सुनिश्चित किया गया। जिसके पूरे होने में करीब ढेर साल का समय लगा लेकिन समिति अपने लक्ष्य से हारी नही,थकी नही जबतक की लक्ष्य प्राप्त नही हो गया। इस मुहीम में तात्कालिक जनप्रतिनिधि,अधिकारी,जिम्मेदार नागरिक एवं पत्रकार बन्धुओ का प्रशंसनीय सहयोग रहा था।
अभी तक हजारों मरीजों को मिला चूका है रक्त - जब इसकी स्थापना के लिये सतत अभियान चलाया जा रहा था तब कई बुद्धिहीन लोगो ने इसका विरोध भी किया था। जिसमे टिका टिप्पडी का भी सामना करना पड़ा। साथ ही कही फ्रिज की खराबी तो नवीन लायसेंस रिन्यूबल के कारण इसे बीच में बंद भी किया गया। पर समिति के दृढ़ सकल्प के आगे कुछ नहीं टिका। जिसके बाद हजारों जरूरतमंदों को 55 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल नरसिंहपुर की बिना यात्रा किये शहर के ही शासकीय अस्पताल में रक्त एक्चेंज कर अपने जरूरतमंद को यही रक्त चढ़वाये जाने की सुविधा मिलने लगी है। जिससे गर्ववत्ती महिला,एक्सिडेंट मरीज,कमजोर बच्चे,महिला,पुरुषों को यहाँ से रक्त प्राप्त हुआ है जो आज पूर्णः स्वास्थ्य होकर अपना जीवन यापन कर रहे है ।
तत्कालिक कलेक्टर श्री नरेश पाल (वर्तमान कमिश्नर मप्र शासन ) का ब्लड स्टोरेज बैंक के स्थापना में अतुलनीय योगदान रहा। ब्लड स्टोरेज के लायसेंस की प्रक्रिया के साथ साथ रेडक्रास सोसायटी मद से जनरेटर, फ्रीजर अन्य सामग्री की व्यवस्था की भी व्यवस्था कराइ गई। सही मायने मे देखा जाये तो समिति ने तो एक पहल की थी पर उसे जमीनी पटल पर कलेक्टर की सकारात्मक सोच और दृढ संकल्प की इच्छा शक्ति ही थी। जिसके बाद दो जलाई 2015 में इसका शुभारंभ किया गया था। लेकिन कुछ वर्ष बाद में फ्रिज एवं तकनीकी खराबी के कारण इसे बंद कर दिया गया था। फिर सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने समिति के अनुरोध पर दो लाख चालीस हजार की राशि सांसद निधि से प्रदान की जिसके बाद नवीन फ्रिज एवं मूलभूत सुविधा से निरन्तर चल रहा है ।
यह तारीख कभी नहीं भूली जा सकती है साथ ही वह क्षण कभी नहीं भूल पाउँगा। क्योकि मेने बहुत करीब से देखा है उन जरूरतमंदो को जो रक्त के आभाव में परेशान होते थे। उनके पास जिला अस्पताल जाने के भी पैसे नहीं रहते थे, वही परदेश में कोई साथ देने वाला नहीं होता था, पर अब मरीज़ की सारी व्यवस्था यही हो जाती है तो बड़ी ख़ुशी मिलती है। इस ब्लड स्टोरेज युनिट की स्थापना विशेष रूप से तत्कालिक कलेक्टर के प्रति साधुवाद एवं तताम प्रत्क्षय अप्रत्यक्ष सहयोगियों एवं विशेष रूप से आप जैसे पत्रकार बंधुओ के प्रति आभार जिन्होंने स्थापना हेतु अनुकरणीय सहयोग प्रदान किया था जिसका लाभ आज हर जरूरतमंद की मिल रहा है। - आशीष राय (समिति संयोजक एवं रेडक्रास सदस्य)
श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति के साधूवाद के लिय धन्यवाद। समिति के विशेष सहयोग से जो जनहित में 2015 में अकल्पनीय नींव रखी गई जिसका लाभ आज हर जरुरतमंदो की मिल रहा है। प्रतिवर्ष लगभग 400 यूनिट रक्त जरुरतमंदो को प्राप्त हो रहा है यह सिर्फ साईं श्रद्धा सेवा समिति के कारण ही जो इसका लाभ आज प्राप्त हो। डॉ आशुतोष मेहता अस्पताल प्रभारी
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