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: बैठक में लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का निर्णय ,धान खरीदी केंद्र पूर्व की तरह पचामा में ही संचालित कराया जाय

Aditi News Team

Sun, Dec 4, 2022
बैठक में लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का निर्णय धान खरीदी केंद्र पूर्व की तरह पचामा में ही संचालित कराया जाय। ग्राम के लिए बिजली,पानी, सड़क, राशन, पेंशन, आवास, योजनाओं में घोटाले, पंचायतों के घोटाले, राजस्व सहित हर अन्याय के खिलाफ आंदोलन का लिया निर्णय। विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन अनशन चक्काजाम, घेराव, पुतला दहन जैसे विरोध प्रदर्शन करने का लिया निर्णय। जैसा कि सभी को विदित है ग्राम पचामा में विगत वर्षों से धान एवं गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर केंद्र बनकर होती रही है, इस वर्ष शासन प्रशासन ने सालीचौका स्वर्ण परी वेयर हाउस कर दिया है, जिसका विरोध ग्रामीण जन पूर्व से ही प्रशासन को आवेदन, धरना, पुतला दहन कर, एवं एस डी एम कार्यालय के सामने भरता बाटी बनाने अंगीठी लगाकर विरोध प्रदर्शन करके उनके संज्ञान में कर चुके हैं इस सबके बावजूद प्रशासन ने किसानों के सामने आने वाली प्रेषाणियो को नहीं समझा है। बैठक में सभी ने आरोप लगाया है शासन प्रशासन के लोग चंद स्वार्थ एवं समिति के लोगों की तर्कहीन सुझाव को मानकर केंद्र संचालित नहीं कर रहे हैं। लाखों ट्रक निकलते रहे हैं किसी एक लापरवाह ट्रक ड्राइवर द्वारा एक ट्रक फसा दिए जाने का कारण बताकर कैंसिल कराना केवल एक बहाना है। शासन एक तरफ सुविधा की बात कर रहा है दूसरी तरफ किसानों को परेशानी में डाल रहा है, एस डी एम महोदया द्वारा केंद्र बनाने से इंकार कर देने एवं उनके वश में न होने की बात कही है अब किसान कलेक्टर महोदया जी को सोमवार 5 दिसंबर को ज्ञापन देकर मांग करेंगे और उसमें 3दिन का समय मांगेगे, हल नहीं निकला तो 9दिसंबर से शासन प्रशासन सहित नेताओं का पुतला दहन, अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अनशन चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी जबाबदारी शासन प्रशासन की होगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया है शासन प्रशासन मिलीभगत कर किसानों को परेशान करने का ही मन बनाता है तो नेताओं की गांव में प्रवेश पर रोक, चुनाव का बहिस्कार जैसे लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाया जायेगा। बैठक में शासन प्रशासन से अपील की है कोई भी जनप्रतिनिधी प्रशासन के लोग जनहित में समस्या का समाधान करते हैं तो उनका फूल मालाओं से स्वागत करेंगे, अन्यथा नाकारा लोगों के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।  

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