: गाडरवारा, श्री नर्मदापुराण के दिव्य आयोजन से,भक्ति में लीन हुये श्रद्धालु.
Mon, Dec 12, 2022
श्री नर्मदापुराण के दिव्य आयोजन से,भक्ति में लीन हुये श्रद्धालु.गाडरवारा।नगर के इंद्रा वार्ड स्थित पंचवटी कॉलोनी में शिव मंदिर पर सप्तदिवसीय श्री नर्मदा पुराण कथा का आयोजन प्रारंभ हुआ है,नर्मदा पुराण कथा के प्रवक्ता पं.राजकुमार शास्त्री जी के मुखारविंद से कथा का श्रवणपान कराया जा रहा है। कथा से पहले कलश यात्रा का आयोजन किया गया जो कि शिव मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए कार्यक्रम स्थल तक कलश यात्रा पहुंची एवं प्राण प्रतिष्ठा कर कथा का आयोजन शुरू हुआ।पं. राजकुमार शास्त्री जी ने बताया कि नर्मदा जी की उत्पत्ति का विचरण किया और नर्मदा जी साक्षात धरती पर मौजूद है। पं.शास्त्री ने कहा कि नर्मदा के जल के स्पर्श से पाषाण भी शिव हो जाते हैं और बताया कि नर्मदा जी ने शंकर से वरदान मांगा था कि मेरे जल में आप सदा निवास करें शंकर जी ने वरदान दिया था जब से ही शिव नर्मदा में कंकर के रूप में रहते हैं।नर्मदेश्वर का बड़ा महत्व है। इस नर्मदा पुराण का आयोजन विगत 09 दिसम्बर से 15 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 01 बजे से शाम 04 बजे तक किया जा रहा है। इसका समापन 16 दिसंबर को पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ किया जाएगा।इस आयोजन में शिव मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा धार्मिक श्रद्धालुओं से प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा संख्या में आने की अपील की गई है।
: हमें भारतीय होने पर होना चाहिए गर्व- राधिका प्रियादेवीजी
Mon, Dec 12, 2022
हमें भारतीय होने पर होना चाहिए गर्व- राधिका प्रियादेवीजीश्रीधाम स्थानीय सिंघवाहिनी कॉलोनी कुम्हड़ाखेड़ा में 6दिसम्बर से चल रही श्री नर्मदा पुराण कथा मे कथाव्यास राधिका प्रियादेवीजी द्वारा कथा वाचन किया जा रहा है सर्वप्रथम पं.बद्रीप्रसाददुबे पं.ओम दुबे द्वारा पूर्ण विधि-विधान मंत्रोच्चारण से पूजनअर्चन पाठ पूर्ण कराये जाने के उपरांत कथा के षष्टमदिवस कथावाचक राधिका प्रियादेवीजी ने बतायाकि मनुष्य का जन्म भाग्य से मिलता है रामायणजी मे भी तुलसीदासजी ने लिखा है बड़े भाग मानस तन पावा सुर दुर्लभ सब ग्रंथहि गावा और मानव की योनि मिलने पर भी इस भारत भूमि पर सौभाग्य से जन्म मिलता है विदेशी धर्म सभा मे भारतीयों को नीचा दिखाने जब विदेशी साहित्य कारों ने रामायणजी को सभी ग्रंथो के नीचे रखा और ऊपर सारे दूसरे विदेशी ग्रंथो को रख दिया तब स्वामी विवेकनंद जी ने धीरे से रामायणजी को खींच लिया और सारे ग्रंथ गिर जाने पर स्वामी विवेका नंदजी ने कहा यह भारत का ग्रंथ है जो दूसरे विदेशी ग्रंथो को आधार देकर रखा था जैसे ही हटा सारे ग्रंथ गिर गए ऐसे ही हम भारतीय है जो दूसरों को आधार देते है धक्का देकर औरो को आगे कर देते है और भारत आधार नही देते है तभी तो सब डगमगा गया है शास्त्रो में भारत भूमि की बहुत महिमा बताकर कहाकि हमे भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए कल कथा में भगवान शालिगरामजी और माता तुलसीजी का विवाहोत्सव धूमधाम से बनाए जाने पर भक्तो ने श्रद्धापूर्वक भक्ति भाव से आनंद उठाया इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुबंधु उपस्थित होकर धर्म लाभ उठा रहे हैं।
: आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ की कुंडलपुर में आज होगी भव्य अगवानी
Sun, Dec 11, 2022
*आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ की कुंडलपुर में आज होगी भव्य अगवानी*https://youtu.be/Nr5f-L9pJLUकुंडलपुर । सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ (10 पिच्छी )की अगवानी 12 दिसंबर प्रातः काल होने जा रही है । आर्यिका संघ का बरी कनोरा में संत भवन के उद्घाटन के पश्चात हारट, हटा होते हुए सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में मंगल प्रवेश हो रहा है। कुंडलपुर में मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज एवं 3आर्यिका रत्न पहले से विराजमान हैं। यहां पर आर्यिका संघ के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है ।सागर के पुण्या र्जक परिवार द्वारा इस विधान का आयोजन हो रहा है।