: विभिन्न राज्यो में सतत एक माह कन्या, वृद्ध, दिव्यांग सेवा कर समाजसेवा की मिसाल बने बसेड़िया
Sun, Dec 25, 2022
विभिन्न राज्यो में सतत एक माह कन्या, वृद्ध, दिव्यांग सेवा कर समाजसेवा की मिसाल बने बसेड़ियादेश को महिषमर्दिनी अर्थात सशक्त बेटियो की आवश्यकता है - मुकेश बसेड़ियाhttps://youtu.be/ZjY7uIuiVfAगाडरवारा । नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया ने एक माह तक लगातार विभिन्न राज्यो में भ्रमण करते हुए कन्याओं , वृद्धजनों , दिव्यांगो ,निराश्रित जनो को वस्त्र, गर्म कपडे, कंबल,मोजे,टोपे, मच्छरदानी, बेटियो को वस्त्र, श्रृंगार के साथ साथ उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें पठन लेखन सामग्री प्रदान की। उन्होंने असम के गुवाहाटी कामाख्या धाम ,पश्चिम बंगाल न्यू जलपाईगुड़ी, विहार के कटिहार से लेकर खंडवा ,ओंकारेश्वर ,उत्तरप्रदेश के काशी, मिर्जापुर, प्रयागराज, मध्यप्रदेश के सलकनपुर धाम , दादाधाम साँईखेड़ा ,उज्जैन, नलखेड़ा, मालवा, देवास , मैहर , पुरैना रंधीर आदि के नव दिव्य शक्तिपीठ,उपपीठों व तीन ज्योतिर्लिंग में वृद्धजनों ,दिव्यांगों , निराश्रित जनो तथा बेटियो को सम्मानित किया । उन्होने बरमान के वृद्ध आश्रम में महिलाओं का सम्मान कर स्वेटर प्रदान किये ।उपरोक्त सेवा माह में दिव्यांग सम्मान, वैदिक विप्र सम्मान, पौधारोपण के साथ दुर्गम बनांचल ग्रामो के पीपला, वेरवन, छीरई ,कुक्लोर, गङ्गडोर ,आफ़तगंज टोला,सांवरी ,भोबरी आदि में आदिवासी भाइयों, बच्चों ,महिलाओं , वृद्धजनों , को गर्म कपड़े ,कंबल ,वस्त्र पठनलेखन सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि मुकेश बसेड़िया ने जन्मोत्सव के अवसर पर युवा पीढी को एक माह सतत सेवा का संकल्प लेकर स्वयं के खर्चे पर अनवरत बिना रुकेबिना थके परमार्थ सेवा का संदेश दिया । उंन्होने सेवाकार्य के दौरान बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश को महिषासुरमर्दिनी अर्थात सशक्त बेटियो की आवश्यकता है जो बेटियां की शिक्षा व प्रोत्साहन से संभव है ।। विदित हो कि 23 नवंबर को मां रेवा के ककराघाट में परहित व निष्काम सेवा का संकल्प लेकर खंडवा में निशान अर्पित कर सेवा का शुभारंभ कर सतत एक माह सेवा का समापन मां विजयासन धाम सलकनपुर में कन्याओं के पद पखारकर , उन्हें वस्त्र , शिक्षण सामग्री प्रदान , प्रसादी वितरण ,महाआरती के साथ शासकीय अस्पताल गाडरवारा में मानव सेवा संघ व रात्रि में रेल्वे स्टेशन में विशाल राम रोटी सेवा के तत्वावधान में मरीजो व असहाय लोगो को खिचड़ी, भोजन प्रसादी वितरण कर सेवा का संकल्प पूर्ण किया ।और संपूर्ण निष्काम सेवा को श्री दादाजी धूनिवालो के चरणों मे अर्पित किया। उपरोक्त सेवा कार्य मे परिवार जनो के साथ मां विजयासन इंस्टीट्यूट की बेटियां , स्टाफ़ , सतपाल राजपूत, धर्मेंद्र भार्गव, नितिन बसेड़िया, राघवेंद्र भार्गव, दीपक श्रीवास्तव, छोटू विश्वकर्मा, अभय बानगात्री , कपिल शर्मा, प्रिंन्स बसेड़िया, रामकुमार कौरव, तनुश्री बसेड़िया, राजेश मेहरा, शिवप्रसाद मेहरा, चंदन कुशवाहा ,आदि का योगदान रहा। श्री बसेड़िया ने जन्मोत्सव में माइक, माला ,मंच, व केक से दूर रहकर पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर वैदिक सनातन संस्कृति से जन्मोत्सव मनाकर युवाओं को संदेश दिया जो अनुकरणीय व सराहनीय है । उपरोक्त जन्मोत्सव सेवा माह की परमार्थ सेवा की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। श्री बसेड़िया सदा से ही निराश्रित व गरीबो की मदद करने अग्रणी रहते है।
: कुंडलपुर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह आयोजित हुआ
Sun, Dec 25, 2022
कुंडलपुर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह आयोजित हुआकुंडलपुर ।पिच्छिका दिगंबर जैन साधु का अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है ,जिसके बिना जैन साधु गमनागमन एवं पठन-पाठन आदि कोई भी प्रवृति नहीं कर सकता। पिच्छिका प्रतिलेखन अर्थात परिमार्जन में सहायक रहती है। यह पिच्छिका मयूरपंख की ही बनती है ।चातुर्मास के अंत में इसे बदलकर नई पिच्छिका ग्रहण कर ली जाती है। इस तरह पुरानी पिच्छिका अलग कर नई को ग्रहण कर लेना ही पिच्छिका परिवर्तन है उपरोक्त उद्गार संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने कुंडलपुर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह में व्यक्त करते हुए आगे कहा यह हृदय परिवर्तन का कार्य है ।अपनी जीवन चर्या को सात्विक संयमित बनाने वाले कुछ श्रावक ग्रहस्थ मुनि गणों को नई पिच्छिका प्रदान करते हैं और कुछ पुरानी पिच्छिका ग्रहण करते हैं। इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी पदाधिकारी एवं बाहर से पधारे भक्त गणों ने मुनि श्री को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया। मंगलाचरण, चित्र अनावरण ,दीप प्रज्वलन के पश्चात शास्त्र भेंट किए गए। आचार्य श्री की संगीतमय पूजन हुई ।श्रावक गणों ने अलग-अलग समूह में नाचते गाते हुए अष्टद्रव्य समर्पित किए। इस अवसर पर सांस्कृतिक मनमोहक प्रस्तुति हुई ।मुनि श्री को नई पिच्छिका भेंट करने का सौभाग्य समस्त ब्रह्मचारी भैया एवं दीदी जी कुंडलपुर को प्राप्त हुआ ।मुनि श्री की पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य प्रकाश चंद जैन श्रीमती मालती अमित जैन शास्त्री कुंडलपुर को प्राप्त हुआ। सकल जैन समाज कुंडलपुर एवं बाहर से पधारे हुए भक्त जनों की उपस्थिति रही।
: हटा जैन समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा
Wed, Dec 21, 2022
हटा जैन समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर रैली निकालकर ज्ञापन
सौंपा,सम्मेद
शिखर हमारा है, प्राणों से भी प्यारा हैhttps://youtu.be/ARYauXg1xhcहटा। झारखंड में स्थित सम्मेद शिखर जैन तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित किया गया है। इसको लेकर जैन समाज में भारी रोष व्याप्त है। बुधवार को हटा जैन समाज के लोगों ने रैली निकालकर विरोध जताया। सभी पुरुष वर्ग, महिला वर्ग, बच्चे, आचार्य ज्ञानसागर पाठशाला के बच्चे बच्चियां एवं अन्य समाज के लोगों ने हटा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री सहित झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम श्री अभिषेक ठाकुर को सौंपा। इस संबंध में जयकुमार जलज ने बताया कि विश्वविख्यात तीर्थराज सम्मेद शिखर जो वर्तमान बीस जैन तीर्थंकरों की मोक्ष स्थली है यहां से अनंतानंत मुनियों ने सिद्ध पद प्राप्त किया है। यह जैनों का सबसे पवित्र पावन तीर्थ क्षेत्र है ।जहां का कण-कण पवित्र है ।इसे झारखंड सरकार व केंद्रीय वन मंत्रालय ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थल को वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा बताने के साथ यहां पर्यावरण पर्यटन की अनुमति दे दी है ।सरकार के फैसले से तीर्थ स्थल की स्वतंत्र पहचान व पवित्रता नष्ट होने के कगार पर है ।इसका जैन समाज के लोग घोर विरोध व निंदा करते हैं। यह रैली रतन बजरिया जैन मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग से बड़ा बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची ।जहां पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जिसमें महिला ,पुरुष, बच्चे ,युवा साथी सहित सैकड़ों लोग सम्मिलित रहे। मडियादो, बरोदा, लोहर्रा आदि ग्राम से भी लोग उपस्थित रहे। जैन समाज के साथ अन्य लोगों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध प्रकट किया।