: मोहनी एकादशी पर नगर मे विविध कार्यक्रम
Sun, May 19, 2024
जितेन्द दुबे शाहनगर ,पन्ना
मोहनी एकादशी पर नगर मे विविध कार्यक्रम
शाहनगर । नगर के बिहारी बिहारणी जु मंन्दिर मे मोहनी एकादशी के पावन अवसर विविध कार्यक्रमों का आयोजन कराया गया जहां नगर के महिला मंङल ने मानस पाठ का वाचन किया साथ ही एकादशी महात्म्य का लाभ केसे मिलता है। इसके बारे मे विस्तार से चर्चा की मंन्दिर के पुजारी श्री सखाराम जी महराज ने बताया की महिने की प्रत्येक एकादशी को नगर की महिलायें एकत्रित होकर यह धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करती है एकादशी भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित व्रत होता है। इस एकादशी का व्रत करके श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए। इस दिन विधिपूर्वक जल कलश का दान करने वालों को पूरे साल की एकादशियों का फल मिलता है। इस प्रकार जो इस पवित्र एकादशी का व्रत करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।
: गायत्री मंत्र क्यों और कब ज़रूरी है आइए आप भी पढ़िए पूरी खबर
Sun, May 19, 2024
गायत्री मंत्र क्यों और कब ज़रूरी है आइए आप भी पढ़िए पूरी खबर
★ सुबह उठते वक़्त 8 बार👉 अष्ट कर्मों को जीतने के लिए ★ भोजन के समय 1 बार👉 अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए ★ बाहर जाते समय 3 बार👉 समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए ★ मन्दिर में 12 बार👉 प्रभु के गुणों को याद करने के लिए ★ छींक आए तब गायत्री मंत्र उच्चारण 1 बार👉 अमंगल दूर करने के लिए ★ सोते समय 7 बार👉 सात प्रकार के भय दूर करने के लिए ॐ भूर्भुवः स्वःतत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। यह मंत्र सूर्य देवता (सवितुर) के लिये प्रार्थना रूप से भी माना जाता है। हे प्रभू! आप हमारे जीवन के दाता हैं। आप हमारे दुख़ और दर्द का निवारण करने वाले हैं आप हमें सुख़ और शांति प्रदान करने वाले हैंहे संसार के विधाता हमें शक्ति दो कि हम आपकी ऊर्जा से शक्ति प्राप्त कर सकें, कृपा करके हमारी बुद्धि को सही रास्ता दिखायें। मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या गायत्री मंत्र के पहले नौं शब्द प्रभु के गुणों की व्याख्या करते हैं • ॐ = प्रणव• भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाले• भुवः = दुख़ों का नाश करने वाले• स्वः = सुख़ प्रदान करने वाले• तत = वह,• सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल• वरेण्यं = सबसे उत्तम• भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाले• देवस्य = प्रभू• धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान)• धियो = बुद्धि• यो = जो,• नः = हमारी,• प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें।
: गाडरवारा,संत भूरा भगत जयंती का हुआ आयोजन
Sun, May 19, 2024
संत भूरा भगत जयंती का हुआ आयोजन
गाडरवारा - कतिया समाज के आराध्य गौरव मार्गदर्शक प्रेरणाश्रोत महान समाज सुधारक भगवान भोलेनाथ के परम भक्त संत शिरोमणि भूरा भगत जी महाराज की जयंती बड़े ही धूम धाम से सामाजिक बंधुओ की उपस्थिति में शिव धाम डमरू घाटी के समीप शिवांगन कॉलोनी गाडरवारा में तहसील अध्यक्ष शिवदयाल नागवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमे मुख्य अतिथि फूलसिंह पगारे, वरिष्ठ अतिथि वसंत आरसे,सुरेंद्र पगारे एवं राजकुमार गढ़वाल, देवेन्द्र कुमार पगारे,महेंद्र नागवंशी,मोहन आम्रवंशी,दशरथ नागवंशी,विनयकांत सायलवार,नरेश पगारे,सत्यनारायण राकसिया, जीवनलाल पगारे, ओमकार नागवंशी, दर्शनलाल नागवंशी, नीतेश नागवंशी, बनवारीलाल नागवंशी,मनोहरलाल आरसे, राजेश नागवंशी, जगदीश नागवंशी, अजीत नागवंशी रूद्रप्रताप नाग, शिवकुमार नागवंशी, भगवत सायलवार राजेंद्र बेलवंशी,विक्की वेलवंशी, बृजमोहन सिगोतिया सहित समस्त कतिया समाज गाडरवारा के सामाजिक बंधु तथा बड़ी संख्या में महिला शक्ति की उपस्थिति रही साथ ही महिला शक्ति का विशेष योगदान रहा जिसमे माया नागवंशी, अल्का सायलवार, ज्योति पगारे , रामवती नागवंशी तारा बाई नागवंशी युवा महिला शक्ति में तान्या पगारे, प्रज्ञा नागवंशी,कृतिका पगारे, गगन्न्या पगारे उपस्थित रहीं ।
कार्यक्रम में गाडरवारा सहित नजदीकी ग्राम कोड़िया सूकरी ,पलोहा ,पुआरियां गोटीटोरिया,पलेरा से सामाजिक बंधु उपस्थित रहे कार्यक्रम में मंच संचालन देवेंद्र कुमार पगारे शिक्षक द्वारा किया गया कार्यक्रम का सुभारंभ संत शिरोमणि भूरा भगत महाराज की आरती पूजन अर्चन माल्यार्पण कर किया गया l सामाजिक बंधुओ का स्वागत हल्दी कुमकुम माल्यार्पण द्वारा ज्योति देवेंद्र पगारे , राजकुमार गढ़वाल,मोहन आम्रवंशी,महेंद्र नागवंशी द्वारा किया गया l स्वागत पश्चात सामाजिक बंधुओ द्वारा अपना अपना परिचय दिया गया एवं अपने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए संत शिरोमणि भूरा भगत महाराज की शिक्षा व सिद्धांतों को आत्मसात कर प्रेरणा लेने की बात कही कार्यक्रम उपरान्त शिवदयाल नागवंशी अध्यक्ष कतिया समाज गाडरवारा द्वारा आभार प्रस्तुत किया गया।