सड़क निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर रहे ठेकेदार : दस दिन भी नहीं टिक सकी गड्डे मरम्मत की 'औपचारिकता'.. डामरीकरण के बहाने 'चूना लगा गया ठेकेदार
Fri, Nov 7, 2025
दस दिन भी नहीं टिक सकी गड्डे मरम्मत की 'औपचारिकता'.. डामरीकरण के बहाने 'चूना लगा गया ठेकेदार' !
गाडरवारा। सार्वजनिक निर्माण से संबंधित चाहे जो भी कार्य हो, अगर उसमें भ्रष्टाचार ना हो तो यह लगभग नामुमकिन सी बात है।
ग्रामीणोंजन और प्रतिनिधियों का कहना है कि विशेषकर सड़क निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर ठेकेदार अपनी जेबें भर लेते है और आम जनता पहले की ही तरह त्रस्त परेशान रहती है।
हाली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड जबलपुर स्टेट हाईवे-22 के मुख्य मार्ग पर इन दिनों जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढो की खबर पर अपने ठेकेदार को आदेश कर पिपरिया से करेली तक सड़क पर बने जगह-जगह जानलेवा गड्ढो और सड़क की मरम्मत कार्य चालू करा दिया है। परन्तु सड़क मरम्मत कार्य फिलिंग और जानलेवा गड्ढो की मरम्मत कार्य में औपचारिक देखने को मिल रही है। गाडरवारा से ग्राम पंचायत कौड़ियां के बीच श्मशान घाट के सामने बने जानलेवा गद्दा आए दिन क्षेत्रीय लोगों और बाहरी राहगीरों को मौत का दावत देते नजर आते हैं। वहां ठेकेदार के द्वारा व्यवस्थित कार्य न कर केवल दिखावटी औपचारिकताएं की गई है। जिसका खामियाजा सड़क के जानलेवा गड्ढे महज 10 दिनों में ही उखड़ जाएंगे और इतना ही नहीं कुछ सड़क का हिस्सा और गड्डे तो ठेकेदार के लोगों को दिखाईं ही नहीं दिए जिन्हें आमजन द्वारा मरम्मत के लिए धोड दिया गया। स्टेट हाईवे-22 के मुख्य मार्ग पर हमेशा की तरह लीपापोती का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है।
अब स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार पर घटिया सामग्री से सड़क निर्माण करने और सड़क मरम्मत कार्य फिलिंग और जानलेवा गड्ढो की मरम्मत कार्य में औपचारिक लीपापोती कर ठेकेदार और अधिकारी मिलीभगत कर अपनी जेबें भर कर राज्य सरकार पर चूना लगा रहे हैं। साथ ही सड़क की मरम्मत के नाम पर की जा रही औपचारिकता सड़क निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री का सैंपल लेकर लैब में टेस्ट करवाकर और मरम्मत कार्य का अवलोकन करने से पक्ष जांच की जाए ताकि फर्जी बिल लगाकर गमन ना किया जा सके और सरकार को चुना ना लग सके मांग के साथ ही दोबारा गुणवत्ता पूर्वक सड़क की मरम्मत की मांग की है।
प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता : प्राकृतिक खेती के संबंध में कार्यशाला का आयोजन
Thu, Nov 6, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
प्राकृतिक खेती के संबंध में कार्यशाला का आयोजन
प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता
गोसलपुर।सिहोरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत कछपुरा के सभा कक्ष में शनिवार को परियोजना संचालक आत्मा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जबलपुर के द्वारा कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के तहत कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया संगोष्ठी में पधारे कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एस बी अग्रवाल ने किसान संगोष्ठी में उपस्थित सभी किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने एवं कम लागत में अधिक लाभ कमाने की अनेक विधियां बताई जैसे प्राकृतिक खेती की आवश्यकता महत्व प्राकृतिक खेती के सिद्धांत जुताई जल प्रबंधन पौधों की दिशा सहयोगी फसले आच्छादन सूक्ष्म पर्यावरण केशाकषण शक्ति देशी केंचुओ की गतिविधियां गुरुत्वाकर्षण बल भवंडर देसी बीज प्राकृतिक कृषि के आधार स्तंभ बीजामृत जीवामृत वपसा आच्छादन सह जीवन फसल प्रबंधन बीज उपचार जैसे अनेक तौर तरीके व विधियां किसानों को बताई गई प्राकृतिक खेती के फायदे जैसे पर्यावरण की दृष्टि से लाभ मिट्टी की दृष्टि से लाभ सहित मुख्य रुप से यह बताया गया की प्राकृतिक खेती में मुख्य आधार देसी गाय है प्राकृतिक खेती कृषि की प्राचीन पद्धति है यह भूमि के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखती है जैसी तमाम जानकारियां वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसबी अग्रवाल ने कृषि संगोष्ठी में शामिल सभी किसानों को बताई इस मौके पर आत्मा परियोजना की बीटीएम रिचा तिवारी एटीएम साक्षी ओझा ने भी प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह किसानों को दी एवं विभाग द्वारा संचालित अनेक योजनाओं की जानकारी भी किसानों को प्रदान की कृषक संगोष्ठी में प्रगतिशील किसान जयराम केवट ने भी अपने विचार रखे इस मौके पर बड़ी संख्या में कृषक बंधु शामिल थे।