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पांचवें दिन भी बंद रहा सिहोरा–खितौला, निर्णायक संवाद तक अनशन जारी रहेग : उपमुख्यमंत्री ने अनशनरत प्रमोद साहू से की बात, 16 दिसंबर को मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन

Aditi News Team

Sat, Dec 13, 2025

रिपोर्टर अनिल जैन

उपमुख्यमंत्री ने अनशनरत प्रमोद साहू से की बात, 16 दिसंबर को मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन

पांचवें दिन भी बंद रहा सिहोरा–खितौला, निर्णायक संवाद तक अनशन जारी रहेगा

सिहोरा - सिहोरा जिला बनाए जाने की मांग को लेकर जारी आंदोलन ने अब सरकार के शीर्ष स्तर तक दस्तक दे दी है। जबलपुर आए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अनशनरत प्रमोद साहू से फोन पर बातचीत की और आश्वासन दिया कि मंगलवार 16 दिसंबर को भोपाल में होने वाली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता कराई जाएगी।

इसके बावजूद पांचवें दिन भी सिहोरा और खितौला पूरी तरह बंद रहे। बाजार, प्रतिष्ठान और आवागमन ठप रहा, जिससे यह स्पष्ट है कि जनता केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस और निर्णायक निर्णय चाहती है।

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि

> “मुख्यमंत्री से निर्णायक वार्ता और ठोस आश्वासन मिलने तक अनशनरत प्रमोद साहू का आमरण अनशन और क्रमिक अनशन यथावत जारी रहेगा।"

समिति ने यह भी कहा कि आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है और किसी भी प्रकार की आधी-अधूरी घोषणा आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती।

इधर कलेक्टर जबलपुर की मध्यस्थता में आंदोलन समिति का प्रतिनिधिमंडल जबलपुर में वित्त मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा से मिला।इस दौरान सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े समिति सदस्यों के साथ रहे।प्रतिनिधिमंडल में

विकास दुबे, सुशील जैन, रमेश पटेल, शिशिर पांडे, साधना जैन एवं अरुण जैन शामिल रहे।

इस बैठक में वित्त मंत्री की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि 16 दिसंबर को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री से आंदोलनकारियों की वार्ता कराई जाएगी और सिहोरा जिला की मांग पर गंभीरता से विचार होगा।

शनिवार को हुए क्रमिक अन्न सत्याग्रह में संतोष वर्मा,ललित दुबे,अरविंद श्रीवास्तव,उमेश चौबे 24घंटे के सत्याग्रह में बैठे।

हालांकि आंदोलन समिति ने दो टूक कहा है कि

“जब तक मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष और निर्णायक संवाद नहीं होता, तब तक आंदोलन, बंद और सत्याग्रह वापस नहीं लिया जाएगा।”

सिहोरा की सड़कों पर आज भी एक ही आवाज गूंज रही है —

“आश्वासन नहीं, अब फैसला चाहिए।”

अब सबकी निगाहें 16 दिसंबर पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि सरकार सिहोरा की पीड़ा को सिर्फ सुनेगी या उसका स्थायी समाधान भी निकालेगी।

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सिहोरा एसडीएम

जबलपुर कलेक्टर

मुख्यमंत्री मप्र शासन भोपाल

उप मुख्यमंत्री मप्र शासन भोपाल

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