: अमेरिकी वाणिज्य सचिव, महामहिम सुश्री जीना रायमोंडो 7-10 मार्च के बीच नई दिल्ली का दौरा करेंगी
Mon, Mar 6, 2023
यात्रा के दौरान, भारत-यूएसए वाणिज्यिक संवाद और सीईओ फोरम आयोजित किया जाएगा
वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री, श्री पीयूष गोयल के निमंत्रण पर अमेरिकी वाणिज्य सचिव महामहिम सुश्री जीना रायमोंडो 7-10 मार्च के बीच नई दिल्ली, भारत का दौरा करेंगी। यात्रा के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए भारत-यूएसए वाणिज्यिक संवाद और सीईओ फोरम 10 मार्च 2023 को आयोजित किया जाएगा, जो दोनों देशों के बीच नए व्यापार और निवेश के अवसरों को अनलॉक कर सकता है। वाणिज्यिक संवाद एक सहकारी उपक्रम है जिसमें व्यापार को सुविधाजनक बनाने और आर्थिक क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला में निवेश के अवसरों को अधिकतम करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र की बैठकों के संयोजन में आयोजित होने वाली सरकार से सरकार की नियमित बैठकें शामिल हैं। पिछली भारत-यूएसए वाणिज्यिक वार्ता फरवरी 2019 में आयोजित की गई थी। तब से, महामारी और अन्य कारकों के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका। तीन साल के अंतराल के बाद आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और विविधीकरण और नए उभरते क्षेत्रों पर ध्यान देने के साथ रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ वाणिज्यिक संवाद को फिर से लॉन्च करने का प्रस्ताव है। इससे पहले, भारत-यूएस सीईओ फोरम को भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री और अमेरिकी वाणिज्य सचिव द्वारा 9 नवंबर 2022 को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सॉफ्ट-लॉन्च किया गया था, जिसके लिए प्रमुख प्राथमिकताओं की पहचान की गई थी आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन बढ़ाना, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना और समग्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना। , समावेशी डिजिटल व्यापार को आगे बढ़ाना; और विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के लिए महामारी के बाद आर्थिक सुधार की सुविधा प्रदान करना। व्यापार, वाणिज्य और अर्थव्यवस्था ने हमेशा भारत-अमेरिका के बहुआयामी रणनीतिक द्विपक्षीय संबंधों में प्रमुखता का स्थान प्राप्त किया है। आज दोनों देश एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। भारत अमेरिका का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जबकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। CY 2022 के दौरान वस्तुओं के द्विपक्षीय व्यापार में बहुत मजबूत वृद्धि देखी गई, जो 131 बिलियन डॉलर के सामान को पार कर गया, इस प्रकार 2014 से (8 वर्षों में) दोगुना हो गया, जबकि वस्तुओं और सेवाओं में कुल व्यापार 180 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार करने की उम्मीद है। यूएस भारत के लिए एफडीआई का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत भी है, और यूएसए भारत के लिए शीर्ष पांच निवेश स्थलों में से एक है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में अत्यधिक योगदान देगी।
: मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ
Mon, Mar 6, 2023
बालीपुर ने रचा इतिहास, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस ने दिया प्रमाण-पत्र,78 हजार 961 लाख रूपए के विकास कार्यों का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण
मनावर के नजदीक ग्राम बालीपुर धाम के माँ अम्बिका आश्रम में आज ब्रह्मलीन संत श्री गजानन्द महाराज के जन्मोत्सव के दौरान अनुयाइयों ने इतिहास रच दिया। समूचे विश्व में एक साथ नशा छोड़ने की शपथ इतने सारे व्यक्तियों ने कभी नहीं ली। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वृहद नशामुक्ति शपथ दिलाई। ज़िला प्रशासन और बालीपुर धाम को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स के श्री भरत शर्मा और हिमांशु तिवारी ने प्रमाण-पत्र सौंपा। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान सपत्निक अम्बिका धाम में श्री श्री 1008 गजानन जी महाराज के 103वें जन्मोत्सव पर भक्त के रूप में दर्शन करने पहुँचे और पूजन-अर्चन कर पौधा-रोपण भी किया। उन्होंने संत श्री योगेश महाराज का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बालीपुर धाम अद्भुत स्थल है, यहाँ आकर मैं धन्य हो गया हूँ। गुरूदेव ने यहाँ से प्रदेश के लाखों लोगों को सद्बुद्धि दी हैं और सम्मान से रहना सिखाया है। यह एक ऊर्जा सिद्ध क्षेत्र है। बालीपुर धाम में जो नशा मुक्ति का अभियान चल रहा है उसके लिए मैं पूरी तरह समर्पित हूँ। आज गुरू भक्तों का यह कार्य अद्भुत हैं। इस अभियान को बढ़ाने के लिए हम अपना पूरा योगदान देंगे। शराब की दुकानों के अहाते को 1 अप्रैल से बंद किया जाएगा। नशा, बुद्धि, स्वास्थ्य, परिवार और पैसे को बिगाड़ता है, नशा नाश की जड़ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा की बहनें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और पैसों की आवश्यकता के लिए परेशान न हो, इसलिए हर महीने बहनों को एक-एक हजार रूपए उपलब्ध कराने की व्यवस्था लाड़ली बहना योजना के रूप में की गई है। जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख रूपए से कम है, जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि है और जिन परिवारों में कोई आयकरदाता नहीं हो, ऐसे परिवारों की 23 से 60 आयु वर्ग की बहनें योजना के लिए पात्र हैं। बहनों को यह राशि उपलब्ध कराने से उनके साथ पूरे परिवार का भी कल्याण होगा। योजना के लिए 25 मार्च से 30 अप्रैल तक आवेदन भरे जाएंगे। मई माह में आवेदनों की जाँच होगी और 10 जून को पहली किस्त बहनों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। जिन बहनों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाने में भी मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आवेदन के लिए समग्र आईडी और आधार नम्बर आवश्यक है। मूल निवासी और आय प्रमाण-पत्र आदि की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना ने जब से मूर्तरूप लिया। तब से बेटियों के लखपति होने के साथ ही बेटियों को पढ़ाई में मदद के लिए किताबें, यूनिफार्म, साइकिल आदि की व्यवस्था की गई है। मजदूर बहन, बेटा-बेटी के जन्म के बाद आराम कर सके, इसके लिए संबल योजना में जन्म से पहले 4 हजार और जन्म के बाद 12 हजार रूपए देने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माईक्रो इरीगेशन सिंचाई परियोजना में मनावर मरियापुरा, सोल्यापुरा तालाब, गुलाटी को भी जोड़ने, जल जीवन मिशन में विकासखण्ड कुक्षी, निसरपुर एवं डही की नर्मदा नदी आधारित 105 ग्रामों की रेट्रोफिटिंग समूह नल-जल प्रदाय योजना की माँग पर परीक्षण कराने की बात कही। इसी तरह जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले के फ्लोराईड प्रभावित क्षेत्र के विकासखण्ड गंधवानी, मनावर, सरदारपुर, धरमपुरी, उमरबन, नालछा, तिरला के 233 ग्रामों में 06 समूह जल-प्रदाय योजनाओं की माँग पर परीक्षण की बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 78 हजार 961 लाख रूपये की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। धार जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख आवास पूर्ण होने पर हितग्राहियों की ओर से मुख्यमंत्री श्री चौहान को धन्यवाद पत्र सौंपा गया। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ कर 84 हजार 879 दीदियों ने अपनी वार्षिक आमदनी एक लाख रूपये से ज्यादा कर लखपति क्लब में शामिल होने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान को धन्यवाद ज्ञापित किया। औद्योगिक नीति निवेश एवं प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पशुपालन एवं सामाजिक न्याय मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, सांसद श्री छतर सिंह दरबार, श्री गजेन्द्र सिंह, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
: पुलिस सेवा आम नागरिकों के विश्वास की कसौटी : राज्यपाल श्री पटेल
Mon, Mar 6, 2023
पुलिस की संवेदनशील और व्यावसायिक पहचान बनाने में दें योगदान,राज्यपाल से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आई.पी.एस. अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने प्रशिक्षु आई.पी.एस. अधिकारियों से कहा है कि अपनी मेधा और ज्ञान के द्वारा ऐसे माहौल का निर्माण करें जिसमें नागरिक कानून लागू करने वालों से डरने के बजाय कानून से डरें और इसका सम्मान करें। किसी भी बेगुनाह को सजा नहीं मिले। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील एवं व्यावसायिक पहचान बनाने में आई.पी.एस. अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल आज भारतीय पुलिस सेवा के 74वें बैच के मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु अधिकारियों को राजभवन में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आई.पी.एस. अधिकारियों की ज़िम्मेदारी केवल कानून के शासन और हमारी लोकतांत्रिक राज-व्यवस्था की सामान्य अवधारणा को बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था और ईमानदार आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास की कसौटी भी है। आमजन, आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून-व्यवस्था के रखवाले और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी के रूप में देखते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आई.पी.एस. अधिकारी होने के नाते, आपके कंधों पर भारी जिम्मेदारी रहेगी। यह ऐसी सेवा है जो हमारी राष्ट्रीय प्रशासनिक प्रणाली के स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि आई.पी.एस. अधिकारी को विशेष अधिकार और शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, जो वास्तव में लोगों की सेवा का साधन बनती हैं। आई.पी.एस. अधिकारी का प्राथमिक कर्त्तव्य आम नागरिकों की सेवा करना और यह सुनिश्चित करना है कि गरीब से गरीब, वंचित और अंतिम कड़ी के व्यक्ति को भी न्याय मिले। श्री पटेल ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, अधिकारी व्यवस्था में निरंतरता और संविधान के प्रतिनिधि हैं। सभी से कानून की गरिमा की रक्षा की अपेक्षा भी है। उन्होंने कहा कि आई.पी.एस. वह दुर्लभ नौकरी है, जिसमें केवल कुछ व्यक्तियों के लिए नहीं बल्कि हजारों लोगों के जीवन में अंतर लाने का अवसर मिलता है। इसका सदुपयोग राष्ट्र और समाज निर्माण के रूप में करना चाहिए। पुलिस बलों के अधिकारी के रूप में, बिना किसी भय, पक्षपात और विलंब के कर्त्तव्य-पालन का स्वयं का उदाहरण प्रस्तुत कर, राष्ट्र-समाज के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। राज्यपाल ने प्रशिक्षु आई.पी.एस. अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। बताया गया कि 74वें बैच के मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के 09 अधिकारियों में से 4 मध्यप्रदेश, 2 उत्तर प्रदेश और ।-। अधिकारी कर्नाटक, राजस्थान तथा दिल्ली के निवासी है। सभी अधिकारी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त है। वर्तमान में ये 29 सप्ताह के लिए अपने कैडर राज्य मध्यप्रदेश में विभिन्न स्थानों और संस्थानों में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इन्हें 04 सप्ताह का प्रशिक्षण मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में दिया जायेगा। शेष प्रशिक्षण पदस्थापना जिलों में प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण में से अधिकारी मध्यप्रदेश की प्रशासनिक प्रक्रियाओं, स्थानीय विधान, भौगोलिक परिदृश्य तथा संस्कृति से परिचित होंगे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्रीमती अनुराधा शंकर और राज्यपाल के उप सचिव श्री स्वरोचिष सोमवंशी मौजूद थे। संचालन पुलिस अकादमी के उप निदेशक प्रशिक्षण श्री मलय जैन ने किया।