: सालीचौका,बुजुर्ग मतदाताओं का नगर परिषद साली चौका सभा कक्ष मे हुआ सम्मान
Sun, Oct 1, 2023
सालीचौका । आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस दिनांक 1 अक्टूबर 2023 को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्य प्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार नगर परिषद साली चौका में ऐसे मतदाता जिनकी आयु 80 वर्ष या उससे अधिक है उन सभी मतदाताओं को नगर परिषद साली चौका सभा कक्ष में आमंत्रित कर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें नगर परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री जितेंद्र राय सांसद प्रतिनिधि श्री रामनारायण बड़कुर, श्री रामदयाल पटेल, पार्षद श्रीमती किरण मेहरा, श्री राजेश पटेल पार्षद प्रतिनिधि श्री दुर्गा प्रसाद पटेल,श्री सुरेश वर्मा,श्री योगेश पटेल, श्री गोलू गुप्ता, सीएमओ श्री भवानी शर्मा सहित समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा नगर परिषद कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
: गाडरवारा ,वृद्ध दिवस पर विशेष सुशील शर्मा की कलम से
Sun, Oct 1, 2023
वृद्ध दिवस पर विशेष सुशील शर्मा की कलम सेइक्कीसवी सदी में वृद्धों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होने की सम्भावना है। विकसित राष्ट्रों में स्वास्थ्य एवं समुचित चिकित्सीय सुविधा के चलते व्यक्ति अधिक वर्षों तक जीवित रहतें हैं अतः वृद्धों की जनसँख्या विकासशील राष्ट्रों से ज्यादा विकसित राष्ट्रों में ज्यादा है। भारत एवं चीन जो कि विश्व की जनसँख्या का अधिकांश का हिस्सा रखते हैं इनमे भी बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा के चलते वृद्धों की जनसँख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में वृद्धजनों की संख्या 10. 38 करोड़ है। संस्कृतियों में वृद्धावस्था विद्वता एवं जीवन के अनुभवों का खजाना माना जाता रहा है लेकिन वर्तमान में यह अवांछनीय प्रक्रिया माना जाता है। परम्परागत रूप से हर संस्कृति में वृद्धों की देखभाल परिवार की जिम्मेदारी मानी जाती हैं लेकिन सामाजिक परिवर्तनों के चलते अब यह राज्य एवं स्वशासी संघटनों की भी जिम्मेवारी बन चुकी है। भारतीय संस्कृति में वृद्धों को अत्यंत उच्च एवं आदर्श स्थान प्राप्त है श्रवण कुमार ने अपने वृद्ध माता पिता को कंधें पर बिठा कर सम्पूर्ण तीर्थ यात्रा करवाईं थीं। आज भी अधिकांश परिवारों में वृद्धों को ही परिवार का मुखिया माना जाता है। कितनी विडंबना है की पूरे परिवार पर बरगद की तरह छाँव फैलाने वाला व्यक्ति वृद्धावस्था में अकेला असहाय एवं बहिष्कृत जीवन जीता है। जीवन भर अपने मन क्रम वचन से रक्षा करने वाला ,पौधों से पेड़ बनाने वाला व्यक्ति घर में एक कोने में उपेक्षित पड़ा रहता है या अस्पताल या वृद्धाश्रम में अपनी मौत की प्रतीक्षा करता है आधुनिक उपभोक्ता संस्कृति एवं सामाजिक मूल्योंके क्षरण की यह परिणिति है। आज के वैश्विक समाज में वृद्धों को अनुत्पादक,दूसरों पर आश्रित ,सामाजिक स्वतंत्रता से दूर अपने परिवार एवं आश्रितों से उपेक्षित एवं युवा लोगों पर भार की दृष्टि से देखा जाता है। जब तक हम वृद्ध जनों की कीमत नहीं समझेंगें उस उम्र की पीड़ा का अहसास नहीं करेंगे तब तक हमारी सारी अच्छाइयाँ बनाबटी होंगी। सुशील शर्मा
: गाडरवारा ,नगरपालिका सफाई कामगारो ने समाप्त की हड़ताल
Sun, Oct 1, 2023
नगरपालिका सफाई कामगारो ने समाप्त की हड़ताल
गाडरवारा । पिछले एक सप्ताह से स्थानीय नगर पालिका के सफाई सेवकों की हड़ताल आज समाप्त हो गई है । प्रांतीय व स्थानीय स्तर की मांगों के निराकरण के लिए नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा, के आश्वासन से संतुष्ट होकर सभी सफाईकर्मी काम पर प्रसन्नता के साथ लौट आये हैं ,समाधान कारक चर्चा में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, व संजय श्रीवास भी उपस्थित थे । उल्लेखनीय है प्रांत संगठन के आव्हान पर आठ सुत्रीय तथा स्थानीय अधिकारियों से कार्य संतुलन से जुड़ी मांगे थी । मांगो की श्रृंखला में ठेका प्रथा बंद कर सीधे भर्ती, स्वेच्छापूर्वक सेवा निवृत्त होने पर परिवार के सदस्य को नौकरी, रोस्टर प्रणाली मुक्त करने, अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने, सफाई विभाग के कर्मचारियों को पदानुरूप वेतनमान देने की, नियमितीकरण, पद वृद्धि, अस्थायी दैनिक वेतन भोगी आदि को पच्चीस हजार प्रति माह वेतन दिये जाने की प्रांत स्तरीय मांगो के अलावा स्थानीय प्रशासन के व्दारा समयबद्ध सभी प्रकार के निराकरण, और प्रशासनिक अधिकारियों का उपेक्षित कार्य व्यवहार बंद करने आदि की महत्वपूर्ण मांगे थी। उपरोक्त सभी मागो पर सारगर्भित बातचीत करते हुए अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने आश्वासन देते हुए सदैव सफाई कर्मियों के साथ मांगो को लेकर बराबरी के साथ खडे रहने का संकल्प व्यक्त किया गया कर्मचारियों ने एक ज्ञापन. देकर हड़ताल समाप्ति की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि गाडरवारा में स्थायी, अस्थायी सफाई सेवकों की संख्या लगभग दौ सौ पचास है। आगे देखना यह है कि समय रहते नगर पालिका प्रशासन सफाई कामगारों को दिये गए आश्वासन को पूरा करता है या नहीं ।