: गाडरवारा,अन्न उत्सव हेतु शिक्षको का प्रशिक्षण आयोजित
Tue, Aug 3, 2021
गाडरवारा। 7 अगस्त को जिले की समस्त राशन दुकानों में होने वाले अन्न उत्सव कार्यक्रम हेतु नोडल अधिकारी बनाये गए साईंखेड़ा , चीचली एवं चांवरपाठा विकासखंडों के शिक्षको का एक दिनी प्रशिक्षण बीते मंगलवार को अलग अलग समय मे जिला शिक्षा अधिकारी अरुण इंग्ले के आदेश पर स्थानीय बीटीआई स्कूल में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में साईखेड़ा बीईओ श्रीमती सुनीता पटैल, बीआरसी साईंखेड़ा चंदन शर्मा, बीआरसी चीचली डी के पटैल, प्रभारी प्राचार्य जयमोहन शर्मा , बीएसी योगेंद्र झारिया एवं राम नारायण दीक्षित खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने नोडल अधिकारियों को अन्न उत्सव के दिन राशन दुकानों में सफाई कराते हुए फ्लेक्स लगाए जाने, राशन का आवंटन तय सीमा में पहुंचाने, दुकान पर उपस्थित होने वाले जनप्रतिनिधियों एवं उपभोक्ताओं की सूचियाँ तैयार करने, प्रत्येक दुकान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन सबंधी समुचित व्यवस्था करने, कार्यक्रम हेतु आवश्यक टेंट, कुर्सी एवं माइक आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में शिक्षको को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दिए जाने पर प्राथमिक शिक्षक सुरेन्द्र पटैल ने बताया की हम लोगो के लिये ये जिम्मेदारी पहली बार मिली है । हम लोग बेहतर से बेहतर कार्य करने की पूरी कोशिश करेंगे। प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी बनाये गए साईखेड़ा, चीचली एवं चांवरपाठा विकासखण्ड के शिक्षको की उपस्थिति रही।
: Bhopal राज्य मंत्री परमार ने मंत्रालय में "प्राकृतिका" टेरेस गार्डन का किया लोकार्पण
Sun, Aug 1, 2021
भोपाल। स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि वर्तमान में मानव समाज अपने विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है, जिससे कांक्रीट जंगलों में बढ़ोतरी होती जा रही है। इसके प्रतिकूल प्रभाव ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस गैसेस में वृद्धि, प्रदूषण इत्यादि रूप में दृष्टिगोचर होने लगे हैं। इसलिए आवश्यक है कि विकास के साथ प्रकृति का भी संतुलन बनाया जाएं। इससे न सिर्फ पर्यावरण सुधारने में सहायता प्राप्त होगी बल्कि प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण एक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण निर्मित होगा।
सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री परमार आज वल्लभ भवन के एनेक्सी क्रमांक-2 के चौथे तल पर टेरेस गार्डन "प्राकृतिका" का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर श्री परमार ने "प्राकृतिका" को विकसित करने में अहम योगदान देने वाले वाल्मी संस्थान के अधिकारी और कर्मचारियों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र श्री धनराजू एस, संचालक वाल्मी संस्थान श्रीमती उर्मिला शुक्ला, उप सचिव श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, उप सचिव सामान्य प्रशासन श्री डी.के. नागेन्द्र सहित स्कूल शिक्षा, सामान्य प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
ईको फ्रेंडली
"प्राकृतिका" टेरेस गार्डन
"प्राकृतिका" टेरेस गार्डन को मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान, भोपाल द्वारा ईको फ्रेंडली पद्धति से विकसित किया है। टेरेस गार्डन में आम, कचनार, मोगरा, अर्जुन, पीपल, बेलिया चमेली, सीता अशोक, हैंगिंग ग्रास, रुद्राक्ष, हर्रा, गूलर, शीशम, आँवला, गरुड़ आदि के पौधे रोपित किये गए है। "प्राकृतिका" में इको फ्रेंडली सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न औषधीय, सुगंधित और वन प्रजातियों का चयन कर रोपण किया गया है। सांस्कृतिक परिवेश की पृष्ठभूमि निर्मित करने के लिए मांडना और लाइन आर्ट द्वारा चित्रण किया गया है। टेरेस गार्डन के वातावरण को और अधिक सुंदर बनाने के लिए विभिन्न जगह पर हैंगिंग प्लांट्स भी लगाए गए हैं।
वाल्मी संस्थान ने 'वाल्मी शीघ्र वन विकास पद्धति का उपयोग किया है। इस पद्यति में एक वर्ष में घने जंगल की गारंटी की अवधारणा एवं तकनीक का उपयोग कर कांक्रीट सतह पर प्राकृतिक हरियाली एवं सौदर्यीकरण विकसित करने का कार्य किया है। यह तकनीक पूर्ण रुप से जैविक है, जिसमें एक मीटर गहराई के बेड को विभिन्न किस्म के कार्बनिक पदार्थों जैसे धान का भूसा, पेरा, गोबर की खाद, जीवामृत, घन जीवामृत, वर्मीकंपोस्ट इत्यादि को मिट्टी के साथ मिलाकर तैयार किया गया है। इन बेड्स में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण रैंडम आधार पर किया जाता है। रोपित पौधों में केनोपी, वृक्ष, उप वृक्ष एवं झाड़ीदार श्रेणी के पौधों को एक निश्चित अनुपात में लगाया जाता है। ताकि जल्द सूर्य का प्रकाश और पोषक तत्वों के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा न होकर मित्रवत व्यवहार रहे। पौधा-रोपण के बाद वाष्पीकरण द्वारा पानी का नुकसान न हो इसलिए जैविक पलवार का उपयोग किया जाता है। इस विधि में पौधों का विकास अत्यंत तीव्र गति से होता है। इसलिए पौधों को सहारा देने के लिए बाँस की डंडियों का उपयोग प्रारंभिक अवस्था में ही किया जाता है।
: दोषियों को हर हाल में मिलेगी सजा – वित्त मंत्री देवड़ा
Sun, Aug 1, 2021
अवैध शराब सेवन से प्रभावित परिजनों से की भेंट,अब तक हुई कार्रवाई पर जताया संतोष
वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज मंदसौर प्रवास के दौरान मल्हारगढ़ के खखराई गाँव पहुँचकर अवैध शराब सेवन से प्रभावित हुए व्यक्तियों के शोकाकुल परिजनों से भेंट की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दोषियों को हर हाल में सजा मिलेगी। प्रभावित परिवार को न्याय मिलेगा, राज्य सरकार दु:ख की इस घड़ी में आपके साथ है।
वित्त मंत्री ने कहा कि घटना के संबंध में शासन द्वारा उच्च-स्तरीय जाँच समिति बनाई गई है। समिति अपनी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को देगी। उन्होंने कहा कि घटना की तह तक जाना बहुत जरूरी है, तभी दोषी व्यक्तियों पर कार्यवाही संभव हो सकेगी। जाँच में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जायेगी। घटना से प्रभावित हुए परिवारों के बच्चों को पढ़ाई और बेरोजगारों को रोजगार देकर हर-संभव मदद की जायेगी। श्री देवड़ा ने प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिला कलेक्टर को दिये।
स्थानीय लोगों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को जल्द पकड़ने की माँग की। ज्ञापन में कहा गया कि वे चाहते हैं कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। जिला प्रशासन ने अब तक जो कार्रवाई की है वह संतोषजनक है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के दोषी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे होना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने वित्त मंत्री को भरोसा दिलाया कि वे सचेत और सावधान रहेंगे, यदि भविष्य में कोई भी ऐसी घटना होने का अंदेशा होता है, तो तत्काल पुलिस और प्रशासन के ध्यान में लायेंगे।