: नरसिंहपुर, कलेक्टर ने ली संकुल प्राचार्यों की वीसी के माध्यम से बैठक
Thu, Jul 28, 2022
कलेक्टर ने ली संकुल प्राचार्यों की वीसी के माध्यम से बैठक
नरसिंहपुर, 28 जुलाई 2022. कलेक्टर श्री रोहित सिंह ने गुरूवार को जूम एप के माध्यम से जिले के समस्त संकुल प्राचार्यों की बैठक ली। श्री सिंह ने कहा कि जिले में प्रोजेक्ट उजाला के अंतर्गत सभी शासकीय स्कूलों में बिजली की व्यवस्था, पंखे एवं लाईट हो। संकुल प्राचार्य अपने- अपने संकुल के स्कूलों का भ्रमण कर 30 जुलाई तक यह रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे कि सभी स्कूलों में विद्युतीकरण का कार्य हुआ है अथवा नहीं। इसके अलावा स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य भी किया जाना है। जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज लेकर इसे लोक सेवा केन्द्रों में भिजवायें। इस कार्य को आगामी गुरूवार तक सुनिश्चित करें।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत हो प्रतिदिन गतिविधियां
वीसी में कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों को हर घर तिरंगा अभियान की जानकारी दें। स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता, ड्राइंग, नारा लेखन सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवायें।इसके पश्चात वीसी के माध्यम से हुई महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक में उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा जिले की 982 आंगनबाड़ियों में से 768 में विद्युतीकरण का कार्य किया जा चुका है। शेष 241 आंगनबाड़ियों में उक्त कार्य किया जाना है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सीडीपीओ एवं सुपरवाईजर अपनी- अपनी आंगनबाड़ियों में जाकर इस बात की पुष्टि करेंगे। इसकी रिपोर्ट शनिवार 30 जुलाई तक प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा मिशन चिरंजीवी, एएनसी, एनआरसी में बच्चों की उपस्थिति पर भी ध्यान देंगे। बरसात के मौसम को देखते हुए फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए समुचित प्रयास करेंगे।
: गाडरवारा ,आदर्श स्कूल में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
Thu, Jul 28, 2022
आदर्श स्कूल में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजनगाडरवारा । माननीय मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरसिंहपुर श्री एम . के . शर्मा के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा द्वारा आदर्श स्कूल में बच्चों के मैत्रीपूर्ण विधिक सेवायें और उनके संरक्षण के लिए विधिक साक्षरता शिविर के विषय पर द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. श्रीमति अंजली पारे गाडरवारा की उपस्थिति में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । उक्त विधिक साक्षरता शिविर में माननीय महोदया डॉ. श्रीमति अंजली पारे द्वारा एक शिक्षक के रूप में छात्रों के बीच उपस्थित होकर छात्रों की सामान्य भाषा में पॉक्सो एक्ट लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम पर विस्तार से समझाया गया एवं छात्रों को विधिक सहायता के संबंध में जागरूक किया गया एवं कार्यालय द्वारा संचालित पैनल अधिवक्ता योजना के साथ ही सामान्य विधिक अधिकार एवं छात्रों को उनके नैतिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया । उक्त शिविर में विद्यालय से एन . के . साहू प्रभारी प्राचार्य, सुशील शर्मा , राजेश गुप्ता , श्रीमति पाराशर , श्रीमति नामदेव , श्रीमति नेहा , एवं शाला के सभी शिक्षकगण एवं पी . एल. व्ही. शेख रहीम की उपस्थिति रही एवं सहयोग प्रदान किया गया ।
: नरसिंहपुर , जिले के शिक्षकों को मिला ब्रेल लिपि व सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण
Thu, Jul 28, 2022
जिले के शिक्षकों को मिला ब्रेल लिपि व सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षणनरसिंहपुर। जिले के विशेष आवश्यकता वाले पूर्ण दृष्टिबाधित व मूक बधिर बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा भोपाल में सामान्य शिक्षकों के लिए ब्रेल लिपि एवं सांकेतिक भाषा का 8 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में प्रत्येक जिले से एक मोबाइल स्रोत सलाहकार और एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया गया। जिले में सांकेतिक भाषा के प्रशिक्षण के लिए मोबाइल स्रोत सलाहकार श्रीमती रश्मि पटवा व शिक्षक श्रीमती रश्मि नेमा को और ब्रेल लिपि के लिए मोबाइल स्रोत सलाहकार श्री संजय सिंह एवं माध्यमिक शिक्षक श्रीमती सिया झारिया को प्रशिक्षित किया गया। ये शिक्षक जिले में उन शालाओं के शिक्षकों को ब्रेल लिपि एवं सांकेतिक भाषा सिखायेंगे, जहां पूर्ण दृष्टिबाधित एवं मूक बधिर बच्चे पढ़ रहे हैं। सामान्य शिक्षक यह प्रशिक्षण लेकर उक्त दिव्यांग बच्चों को आसानी से पढ़ा सकेंगे। यह प्रशिक्षण बच्चों और अभिभावकों को भी दिया जायेगा, ताकि शिक्षक स्कूल में और अभिभावक घर में आसानी से इन बच्चों को पढ़ा सकें और ये बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल हो सकें।उल्लेखनीय है कि समग्र शिक्षा अभियान में समावेशित शिक्षा के अंतर्गत स्कूलों में सामान्य बच्चों के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें सामान्य शिक्षक ही पढ़ाते हैं। इस दौरान सामान्य शिक्षक को कठिनाई होती है। ऐसे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा समय- समय पर सामान्य शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है।