: भारतीय संस्कृति की ध्वज वाहक है वर्तमान पीढ़ी-मंत्री सुश्री ठाकुर
Tue, Oct 18, 2022
भारतीय संस्कृति की ध्वज वाहक है वर्तमान पीढ़ी-मंत्री सुश्री ठाकुर।*रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर 5 देश और 5 प्रांत की रामलीला का मंचन और विविध माध्यमों के शिल्प, प्रदर्शनी और व्यंजन।संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति की ध्वजवाहक है। यही पीढ़ी सनातन संस्कृति के मूल्य, परंपराएँ और संस्कारों को भावी पीढ़ी में अंतरित करेंगी। मंत्री सुश्री ठाकुर भोपाल स्थित रवींद्र भवन के मुक्ताकाशी मंच पर श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों पर एकाग्र 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम लीला उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि संस्कृति विभाग देश और प्रदेश की संस्कृति और धरोहर को संरक्षित करने के साथ ही उसके संवर्धन और उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में देश और विदेश में व्याप्त भगवान श्रीराम के उत्तम चरित्र को एक साथ मंचित करने का नवाचार किया गया है। संचालक संस्कृति श्री अदिति कुमार त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। संस्कृति विभाग एवं भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद् नई दिल्ली के सहयोग से 22 अक्टूबर तक श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों पर एकाग्र सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम लीला उत्सव का रवींद्र भवन मुक्ताकाश मंच एवं परिसर पर किया जा रहा है।*पहली बार श्रीहनुमान चालीसा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी*उत्सव में पहली बार श्रीहनुमान चालीसा आधारित “संकटमोचन” चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जा रहा है। श्रीराम कथा में सबसे प्रमुख चरित्र के रूप में संत कवि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीहनुमान का वर्णन किया है। भक्ति की पराकाष्ठा का अनुभव श्रीरामचरित मानस में श्रीहनुमान द्वारा भगवान श्रीराम के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। श्रीहनुमान प्रत्येक भक्त के लिये 'संकट मोचक' के रूप में अपना आशीष व्यक्त करते हैं। श्रीहनुमान के इस महान चरित्र को पहली बार चित्रात्मक रूप से अभिव्यक्त करने का कार्य संस्कृति विभाग द्वारा किया गया है। चित्र सृजन का कार्य ख्यात चित्रकार श्री सुनील विश्वकर्मा, वाराणसी द्वारा किया गया है। श्री विश्वकर्मा की विशिष्टता भारतीय आध्यात्मिक चरित्रों को पूर्ण शुचिता के साथ अभिव्यक्त करने की रही है। श्रीहनुमान कथा की चौपाइयों और दोहों को 40 चित्रों में समेटा गया है। इन सभी चित्रों को पहली बार 'संकट मोचन' प्रदर्शनी से रवीन्द्र भवन परिसर में प्रदर्शित किया जा रहा है।दीपावली के अवसर पर दीपोत्सव मेला में 175 से अधिक शिल्पी विविध माध्यमों के शिल्प एवं वस्त्रों, बाँस, लोहा, पीतल, तांबा एवं अन्य धातु से बने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। शिल्प मेले में भील एवं गोण्ड जनजातीय समुदाय के चित्रकार भी हिस्सेदारी कर रहे हैं। स्वाद- व्यंजन मेला में 9 व्यंजनकार बघेली, बुंदेली, राजस्थानी, मराठी, सिंधी एवं जनजातीय समुदाय के व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। लोकराग में नृत्य, गायन एवं कठपुतली प्रदर्शन की गतिविधियाँ प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से रवींद्र भवन परिसर में की जायेंगी। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
: गोलबॉल नेशनल्स के करीबी मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तराखंड को हराया
Tue, Oct 18, 2022
गोलबॉल नेशनल्स के करीबी मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तराखंड को हरायाउत्तराखंड के दीपक राजपूत को टूर्नामेंट क सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।गोलबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 14 अक्टूबर 2022 को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में गोलबॉल नागरिकों की स्थापना की। 3 दिवसीय आयोजन में देश भर से कुल 10 टीमों ने भाग लिया। पुरुषों की श्रेणी में महाराष्ट्र ने उत्तराखंड को सीट एनकाउंटर में हराया, जिसमें अंतिम स्कोर महाराष्ट्र के पक्ष में 10-9 रहा। महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने उत्तराखंड को 10 गोल से हराया।गोलबॉल एक पैरालंपिक खेल है; यह विशेष रूप से निश्चित उम्र के नेत्रहीन लोगों के लिए बनाया गया है। भारत का गोलबॉल महासंघ देश भर में खेल को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रहा है और खेल में कुछ बेहतरीन प्रतिभाओं का दोहन कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए ख्याति लाएंगे।गोलबाल टूर्नामेंट में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड,विहार के 150से अधिक राज्यो से चयनित दिव्यांगों ने भाग लिया गोलबाल फेडरेशन द्वारा मध्यप्रदेश टीम को बेस्ट डिसिप्लिन टीम से सम्मानित किया, मध्यप्रदेश से मुकेश तिवारी, कमलेश रजक को सम्मानित किया गया।
: गाडरवारा, ग्राम खुर्सीपार में हुआ विप्र समाज की बैठक का आयोजन
Tue, Oct 18, 2022
ग्राम खुर्सीपार में हुआ विप्र समाज की बैठक का आयोजन
सर्व ब्राह्मण गाडरवारा के तत्वावधान में फरवरी 2023 में ब्राह्मणों का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है इसे हेतू बैठकों का दौर जारी है इसी क्रम में कल दिनांक 16 अक्टूबर 2022 को श्री राम जानकी मंदिर खुर्सीपार में एक बैठक का आयोजन किया गया सर्वप्रथम पंडित सत्यनारायण शर्मा शांतनु तथा पंडित बालाराम शास्त्री द्वारा भगवान श्री राम,माता जानकी तथा भगवान परशुराम जी का पूजन अर्चन तथा स्वस्तिवाचन कर बैठक का श्रीगणेश किया। ग्राम के सरपंच पंडित मनोज दुबे द्वारा सर्व ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों का स्वागत किया गया तथा उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। ग्राम के वरिष्ठ पंडित रामस्वरूप शुक्ला ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए और बालकों के विवाह भी कराने की बात कही जिनकी आयु अधिक हो गई है और विवाह नहीं हो पा रहे हैं। पंडित रजनीश दीक्षित ने सामूहिक सम्मेलन कार्यक्रम को प्रशंसनीय तथा आवश्यक बताया तथा अधिक से अधिक विप्र बंधुओं से इस सम्मेलन में विवाह हेतु जोड़े लाने का आह्वान किया। पंडित अनुपम ढिमोले समाज की मानसिकता बदलने की आवश्यकता जताते हुए सरकार तथा प्राइवेट नौकरी के अलावा कृषि कार्य कर रहे योग्य बालकों को भी विवाह हेतु कन्या देने का अनुरोध किया। पंडित आशीष दीक्षित कोडिया ने प्रत्येक कार्यक्रम में विप्र बंधुओं के समय पर पहुंचने का अनुरोध किया। पंडित सुखदेव शर्मा ने विवाह हेतु एक तहसील स्तरीय पत्रिका के प्रकाशन पर जोर दिया। पंडित चंद्र कांत शर्मा ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के पूर्व ब्राह्मणों का युवक- युवती सम्मेलन रखने का सुझाव प्रस्तुत किया। श्रीमती साधना स्थापक इन बैठकों में अधिक से अधिक युवाओं को भी शामिल करने का आह्वान किया जिससे वे सामूहिक विवाह सम्मेलन में स्वयं का विवाह करने हेतु सहमति प्रदान कर सकें। सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पं राजीव दुबे ने ब्राह्मणों से विवाह तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में व्यर्थ प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया तथा विप्र विवाह एक सम्मेलन में शामिल होने वाले वर वधु तथा परिवारों और बारातियों को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान कराने का आश्वासन दिया। इनके अलावा पंडित सत्यनारायण शर्मा ,पंडित रमाकांत शुक्ला, पंडित भैयाजी रावत,पं आनंद पिपरोनिया, पंडित दीपक तिनगुरिया,पं वसंत जोशी, पंडित नगेंद्र त्रिपाठी, पंडित राम कुमार पाराशर, पंडित रत्नेश मिश्रा ने भी अपने अपने सुझाव प्रस्तुत किए इस बैठक में ग्राम खुर्सीपार के अलावा आसपास के अनेक विप्र बंधु भारी संख्या में उपस्थित थे ।कार्यक्रम का संचालन पंडित सत्यप्रकाश बसेड़िया तथा आभार प्रदर्शन पंडित बृजेश अधरुज ने किया अगली बैठक दिनांक 30 अक्टूबर 2022 रविवार को सिहोरा (बोहानी) में आयोजित होगी जिसकी सूचना पृथक से दी जाएगी।