: अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित
Tue, Nov 1, 2022
इंदौर में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की संध्या पर हुये रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और गीत-संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियां।इंदौर में आज मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस की संध्या पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गीत-संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियां हुई। इसी के साथ इंदौर में आज से मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के 7 दिनी आयोजनों का शुभारंभ भी हुआ।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा, श्री गौरव रणदिवे, श्री मधु वर्मा, श्री पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता तथा श्री राजेश सोनकर, श्री सचिन शर्मा आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री शंकर लालवानी ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं और विशिष्टताओं की जानकारी दी। उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में भी बताया। सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि मध्यप्रदेश में तेज गति से विकास किया जा रहा है। चहुमुखी विकास के लिये पुरजोर प्रयास किये जा रहे है। बुनियादी सुविधाओं स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिचाई, सड़कों आदि का विस्तार हो रहा है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध नृत्यांगना सुश्री रागिनी मख्खर के दल नाद योग के कलाकारों द्वारा माँ अहिल्याबाई के जीवन गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। साथ ही इन्होंने देवी माँ की आराधना का कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इसी तरह इंदौर के उभरते गायक-कलाकारों प्रबल जैन, रवि शुक्ला तथा मयंक श्रीवास ने देश-भक्ति तथा भक्तिभाव पर आधारित गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में कलापथक के दल द्वारा मध्यप्रदेश गान किया गया।
कार्यक्रम में भोपाल से मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
: मेरा मध्यप्रदेश, (मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर गीत)
Tue, Nov 1, 2022
मेरा मध्यप्रदेश, (मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर गीत) सदा वत्सले रत्न सुगर्भामेरा मध्यप्रदेश। मातु नर्मदा इसकी रक्षकयह है रम्य निकुंज।भारत का यह हृदय सुकोमलस्वर्णपुष्प रवि पुंज।भाषा बोली भिन्न सभी हैंपर सब मिल कर एक।श्रम सिंचित भूमि यह पावनफूलें सुमन अनेक। खनिज संपदा उर्वर धरतीभारत का हृदयेश। चित्रकूट खजुराहो मांडूविंध्य सतपुड़ा मेख।रामलला का नगर ओरछामहाकाल आरेख।भीमबेठका विश्वधरोहरअद्भुत भेड़ाघाट।पंचमढ़ी की छटा निरालीउन्नत सदा ललाट। ज्ञान भक्ति वैराग्य सत्य कासंगम शुद्ध सुवेश। छत्रसाल बुंदेला गौरवहै प्रदेश अभिमान।दुर्गावती अहिल्याबाईहम सब की हैं शान।तात्या लक्ष्मी झलकारी सबआज़ादी के वीर।काँप रहे थे गोरे जिनसेथे आज़ाद अधीर। भारत के गौरव गानों मेंअब्बल यही प्रदेश। माखन और सुभद्रा गातेआज़ादी के गीत।लता किशोर रत्न भारत केइस माटी के मीतविश्व पटल पर हुआ तरंगितओशो का संदेश।आशुतोष का अद्भुत अभिनयजैसे शिव आदेश। है महान यह हृदय हमारासंकल्पित परिवेश। उन्नत खेती खनिज संपदाउर्वर मस्तक मान।आदिवासियों की धरती यहजीवन गीता ज्ञान।फुल्ल कुसुममय अमिय सुधा सम।सदा सुवासित गीत।कण कण में संस्कृति समाहित।संस्कार मय रीत। नव विकासपथ चला हमाराप्यारा मध्यप्रदेश। सुशील शर्मा
: गाडरवारा, गोपाष्टमी पर श्री देव राम जानकी गौशाला मैं गोधूलि बेला मैं गौ माता का पूजन किया गया
Tue, Nov 1, 2022
गाडरवारा। आज गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर श्री देव राम जानकी गौशाला मैं गोधूलि बेला मैं गौ माता का पूजन किया गया जिसमें विभाग के बौद्धिक प्रमुख बसंत जोशी महाराणा प्रताप आईटीआई के संचालक प्रशांत राजपूत प्रशांत पाठक ,प्रवेश राय ,महेश शर्मा राजेश अवस्थी ,अनंत कौरव ,सोनू बाथरे एवं माताएं बहने शामिल हुई सब ने गौ माता का पूजन किया।पूज्य महामंडलेश्वर अखिलेश्वर आनंद गिरि जी का संदेश बसंत जी जोशी द्वारा बताया गया की पूज्य महाराज श्री ने समस्त गौ भक्तों से यह आह्वान किया है कि हमारी पुरानी परंपरा गो ग्रास निकालने की रही है गो ग्रास के रूप में 10 रूपया प्रति दिन प्रति परिवार गौ ग्रास के लिए निकालें और 1 साल का 3600सौ रूपया इकट्ठा करके अपनी नजदीकी गौशालाओं में जाकर दान करें ताकि गौ माताओं का विधिवत भरण पोषण हो सके सी अवसर पर गौ शाला के संचालक महंत बालक दास जी ने बताया कि भगवान कृष्ण आज ही के दिन गोपाष्टमी पर प्रथम बार गोचरण करने गोकुल से वृंदावन गए थे तभी से गोपाष्टमी मनाने की परंपरा चली आ रही है हम सब भगवान गोपाल को तो मानते हैं पर गोपाल ने हमें गोपालन सिखाया है यह भी तो हम माने तभी हमारे गोपाल जी प्रसन्न होंगे आओ हम सब मिलकर गौ माता की सेवा करें और हर घर से गौ ग्रास निकालने की परंपरा निमित करें वंदे गौ मातरम।