: जिनमंदिर एव संत निवास का भूमि पूजन संपन्न
Wed, Apr 30, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
जिनमंदिर एव संत निवास का भूमि पूजन संपन्न
सिहोरा,गोसलपुर|| सम्मेदगिरी तीर्थ क्षेत्र में विराजमान निर्यापक पुंगव मुनि श्री सुधासागर जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा की ‘’ तीर्थ क्षेत्र मैं जिनमंदिर जिनमूर्ति की स्थापना मैं अपनी सामर्थता के अनुसार दान करना चाहिए,यह दान फलीभूत होता है।जो व्यक्ति जिनमंदिर निर्माण या मूर्ति स्थापना का भाव रखता है पर सामर्थवान नहीं है उसे आज इस तीर्थ क्षेत्र मैं एक शिला या नारियल भेंट कर ईश्वर से कामना करनी चाहिए की मुझे सामर्थवान बनाये जिससे मैं मंदिर निर्माण अथवा मूर्ति स्थापना का पुण्यकार्य कर सकू।”आप सभी आज अक्षय तृतीया के अवसर पर दान अवश्य करे। मुनि श्री के पावन सानिध्य मैं श्री जिनेश भैया जबलपुर के निर्देशन पर दो जिनालय के भूमिपूजन व शिलान्यास पुण्यार्जक श्री अशोक ममता सेठी कलकत्ता के द्वारा किया गया। संत भवन की आधारशिला रखने का सौभाग्य श्री अनिल अमित अकास मोनू जैन चौधरी परिवार गोसलपुर को मिला।इस तीर्थ क्षेत्र मैं श्री शांतिनाथ अरहनाथ व कुँथनाथ भगवान की पाँच फुट ऊचाई की पद्मासन प्रतिमाएं विराजमान होगी। जिनके लिए दान दाताओं ने अपनी दानराशि की घोषणा की।मूलनायक भगवान ऋषभदेव होंगे। कल से लघु पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ मुनि श्री सुधासागर जी के पावन सानिध्य में प्रारंभ होगा।पात्रो का चयन सायं जिज्ञासा समाधान के पश्चात किया जाएगा,अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी की आहार चर्या मोनू जैन के यहाँ सम्पन्न हुई ।
: जिसके जीवन में गुरु नहीं,उनका जीवन शुरू नहीं, कमलेश भाई शास्त्री
Tue, Apr 29, 2025
जिसके जीवन में गुरु नहीं,उनका जीवन शुरू नहीं, कमलेश भाई शास्त्री
बालविवाह जैसी कुप्रथा को मिटाने के लिए समाज शासन का सहयोग करे, कमलेश भाई शास्त्री,
सालरिया बावड़ी के नवनिर्मित भव्य मन्दिर के अक्षय तृतीया को अपने नवग्रह परिवार के साथ विराजेंगे भगवान शनिदेव
सुसनेर/29 अप्रैल,जनपद सुसनेर की ग्राम पंचायत सालरिया में नव निर्मित शनिदेव व नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में चल रही सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के समापन दिवस पर क्रांतिकारी कथा प्रवक्ता कमलेश भाई शास्त्री ने मनुष्य जीवन में चार बाते अपनाना आवश्यक बताया और ये चार बाते एक गुरु,एक ग्रन्थ,एक मंत्र एवं एक ईष्ट ये सब जीवन की चारपाई है ,जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण भूमिका। गुरु की है और जिसने गुरु को अपना लिया तो शेष तीन गुरु के माध्यम से मिल जाती है और जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं अर्थात गुरु को भगवान से भी बड़ा माना है क्योंकि अनाथ इंसान जिन्दा रह सकता है,लेकिन जिसके जीवन में गुरु नहीं,उसका कोई ठिकाना नहीं और गुरु के बिना किसी ने भव को पार नहीं किया हैऔर जो समाज के लिए देना जानता है,वह समाज को कुछ देता है,वहीं सच्चा गुरु है ।शास्त्री जी ने नकारात्मक ऊर्जा के बजाय सकारात्मक ऊर्जा पर ध्यान देने की सीख देते हुए अक्षय तृतीया,भगवान परशुराम जी के अवतरण दिवस एवं सालरिया बावड़ी में कल से अपने नवनिर्मित मंदिर में भगवान शनिदेव नवग्रह देवताओं के साथ विराजने की सब को बधाई देते हुए बाल विवाह जैसी कुप्रथा को मिटाने के लिए हमें सरकार का सहयोग करना चाहिए क्योंकि विवाह एक रस्म है,जिसे बालक एवं बालिका दोनों को निभाना है और वह परिपक्व अवस्था में हो तो दोनों के विकास के लिए अच्छा है ।शास्त्रीजी ने सनातन को जीवित रखने के लिए ब्राह्मण की अहम भूमिका के बारे बताते हुए कहां कि कल अक्षय तृतीया को भगवान परशुराम जी का प्रकट दिवस है और सभी देशवासियों को परशुराम जन्मोत्सव की बहुत बहुत बहुत बधाइयां ।सप्त दिवसीय श्री राम कथा एवं 21 कुंडिय शिवशक्ति महायज्ञ के प्रधान यजमान गोवर्धन सिंह पूर्व सरपंच ने अपने परिवार के साथ श्रीराम कथा के विश्राम पर आरती की और शनिदेव एवं नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले श्याम सिंह, नारायण सिंह बायरा,लाल सिंह,रामलाल भक्त जी,शिवनारायण,मेहरबान सिंह ,नारायण सिंह चौकीदार बायरा,प्रकाश सिंह,मुकेश , डॉक्टर गोपाल एवं पंडित भरत शर्मा आदि कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास जो कार्य सफल हुआ है उसके लिए पूज्य कमलेश भाई शास्त्री ने उपरना ओढ़ाकर सभी कार्यकर्ता का आभार जताकर उन्हें धर्म कार्य में हमेशा जूते रहने का आशीर्वाद दिया और कहा कि कल अक्षय तृतीया के अभिजीत मुहूर्त में भगवान शनिदेव अपने सभी नवग्रह परिवार के साथ भव्य मंदिर में विराजेंगे उसे ऐतिहासिक बनाएं ऐसा सभी को आशीर्वाद दिया । शनिदेव मंदिर एवं नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रातः 08 बजे से प्रातः 11 बजे तक प्रथम पारी एवं सायंकाल 4 बजे से 06 बजे तक द्वितीय पारी में 21 कुंडिय शिवशक्ति महायज्ञ में 78 से यजमान परिवारों द्वारा यज्ञाचार्य पंडित केदारदत्त व्यास हिम्मतगढ़ राजस्थान एवं उपाचार्य पण्डित मांगीलाल व्यास सरखेड़ी राजस्थान के सानिध्य में यज्ञ हुआ और भगवान शनिदेव एवं नवग्रह देवताओं का वेदपाठ के साथ मूर्ति के शुद्ध स्नान व गंगाजल यात्रा एवं हवन यज्ञ हुआ और कल अक्षय तृतीया ,बुधवार,30 अप्रैल को शनि देव भगवान की नवग्रह देवताओं के साथ मंदिर में प्रतिष्ठा होगी ।
: भगवान परशुराम जी के प्राकट्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं (जयंती विशेष पर प्रभु परशुराम के दोहे)
Tue, Apr 29, 2025
भगवान परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं ,, परशुराम जयंती पर हार्दिक अभिनंदन
प्रभु परशुराम पर दोहे
परशुराम प्रभु नाम है, शक्ति शौर्य का रूप।विप्र शिरोमणि आप हैं, भार्गव वंश अनूप।। पिता जमदग्नि सुत प्रबल, मात रेणुका लाल।फरसा कर में धारते, तेज प्रचंड विशाल।। लड़ते रहे अधर्म से, क्रोध अग्नि अवतार।शस्त्र ज्ञान बुद्धि प्रबल, महिमा अपरम्पार।। शिव के अनुपम शिष्य हैं, विद्या प्रबल प्रवीण।न्याय हेतु लड़ते सदा, रखते धर्म नवीन।। दानवीर अति वीर वर, कर दी पृथ्वी दान।हृदय भाव वैराग्य का, तज मन का अभिमान।। ब्राह्मण तेज अनूप है, वाणी में थी धार।सत्य हेतु संघर्षरत, करते नहीं विचार।। टूटा जब गुरु का धनुष, लिया क्रोध अवतार।शांत हुए तत्काल फिर,देख राम व्यवहार। भीष्म, द्रोण गुरु आप हैं,आप सत्य संधान।शस्त्र आप से सीख कर, मिला कर्ण को ज्ञान। परशु जयंती आज है, करते सुमिरन ध्यान।जीवन में साहस भरें, करें धर्म का मान।। विप्र शिरोमणि आप हैं, शक्ति बुद्धि आधार।पाप मिटे इस धरा से, हो सबका उद्धार।। विप्र वंश पर हो कृपा,दो बल विद्या दान।अन्यायों से हम लड़ें,रहे न मन अभिमान। ✒️
सुशील शर्मा
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ब्राह्मणत्व की ज्योति
(दो कविताएं - सुशील शर्मा)
1ब्रह्म के पथ पर जो चलता है।ज्ञान दीप सा जो जलता है।शांत, सरल, सहिष्णु, विवेकी,धर्म हेतु जो हिम सा गलता है। वेद ऋचाओं का स्वर बनकर,ज्ञान फैलता मंत्रों को गाकरवह ब्राह्मण है, सृष्टि का दीपकजो अन्याय से लड़ता है संघर्ष चुन कर। ज्ञान देकर भी जो पीड़ा सहता हैनहीं अहंकारों में ब्राह्मण बहता है।सत्य-मार्ग का वह पथिक सनातन हैराष्ट्र के लिए समर्पित जिसका जीवन है। 2 वेदों की वीणा के झंकृत स्वर,यज्ञों की अग्नि में तप कर।श्लोकों की धारा, मंत्रों का आवाहन।ब्रह्मस्वरूप वह ज्ञान अवगाहन। सृष्टि के सूरज की पहली किरण,संस्कारों की धरती पर गुणों का आवरण।जगत का वह प्रथम पुरोहित है,जिसकी वाणी में सत्य आरोहित है। वर्तमान में भी जो प्रासंगिक है।संस्कारों का जो आनुषंगिक है।मानवता का जो दीप जलाता है,ब्राह्मण दाधीच सा स्वयं को मिटाता है। ✒️
सुशील शर्मा
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आपका परशुराम अवतरण दिवस पर आत्मीय अभिनंदन भगवान परशुराम आपको यश,विद्या ,बुद्धि ,बल प्रदान करें।