: गाडरवारा, ताज कृपा दरबार में झंडावंदन सम्पन्न
Wed, Jul 26, 2023
ताज कृपा दरबार में झंडावंदन सम्पन्न
गाडरवारा । स्थानीय सर्व धर्म समभाव की भावना से ओतप्रोत स्थली ताज कृपा दरबार में संस्थापक मकसूद अहमद नासिर मासाब व्दारा स्थापित परम्परा अनुसार मोहर्रम की पांच तारीख को आदरणीय प्रभाकर रावजी डहाके अध्यक्ष श्री ताज दरबार बाकी नागपुर तथा प्रधान मुखिया ताज कृपा दरबार गाडरवारा के कर कमलों से सरकार ताजुल औलिया, दादा जी केशवानंद जी धुनी वाले, सिध्द साब व कर्बला वालो की शान में झंडा वंदन किया गया । कार्यक्रम के व्दितीय चरण में परमहंस सतो दादा धूनी वालो, गजानन महाराज शेगांव, शिर्डी के साई बाबा, रामकृष्ण परमहंस, ताजुल औलिया व देश के प्रसिद्ध बाबन संतो की फूल माला, सेहरा, चंदन, इत्र व प्रसाद पेश किया गया । इस अवसर पर ताज दरबार बाकी के एक अन्यन सहयोगी श्री नारायण जी गिरी, शोभापुर से राजेंद्र साहु, बरेली से प्रहलाद चौरसिया, महेश नेमा, प्रधान अर्चक टनटू दादा, अशोक मोलासरिया,एम एस मेहरा, बड़े बाबू परषोतमदास पलोड, विमलेश प्रजापति, हेमन्त परचानी, मोहित सोनी, मुलायम सिंह केवट, सगीर भाईजान, रामकृष्ण सेन, श्रीमती कामिनी निगम और अनेक श्रृध्दालू , इस अवसर पर उपस्थित थे और सभी ने शांति, सौहार्द, समृद्धि, भाई चारे के लिए प्रार्थना की गई , अंत में भाऊसाहब ने सभी को प्रसाद वितरित किया गया ।इस कार्यक्रम की सर्वत्र सराहना की जा रही है ।
: स्वार्थपूर्ण हैं संसार के सम्बन्ध शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती
Tue, Jul 25, 2023
स्वार्थपूर्ण हैं संसार के सम्बन्ध शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती
संसार में जितने भी प्रकार के सम्बन्ध हमें अपने आस-पास दिखाई देते हैं वे सब स्वार्थ से परिपूर्ण होते हैं। जब तक मतलब रहता है तब तक लोग आपसे व्यवहार करते हैं पर जैसे ही काम निकला वैसे ही सब सम्बन्ध निर्वाह समाप्त हो जाता है। केवल भगवान् ही एकमात्र ऐसे हैं जिनसे आप सम्बन्ध जोडोगे तो कभी घाटे में नहीं रहोगे।उक्त उद्गार परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती '1008' ने चातुर्मास्य प्रवचन के अवसर पर चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ में विदुर कथा कहते हुए कही।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार धन समाप्त होने पर वैश्या प्रेम करना छोड देती है, कमजोर राजा को प्रजा छोड देती है, दक्षिणा मिलते ही पुरोहित यजमान को छोड देता है, ज्ञान मिलते ही शिष्य गुरु को छोड देता है, पक्षी फलहीन वृक्ष को छोड देते हैं, आग लगने पर पशु जंगल को तथा भोजन के बाद अतिथि घर को छोड देते हैं ऐसे ही संसार के सब सम्बन्ध भी एक दिन आपको छोड देने वाले हैं।पूज्य शङ्कराचार्य जी महाराज ने श्रीविद्या के सन्दर्भ में कहा कि अनधिकारी को विद्या देना और अधिकारी को विद्या न देना दोनों ही पाप है। श्रीविद्या ऐसी गूढ विद्या है कि अनधिकारी यदि आपका राज्य लूटकर ले जाए तो भी नहीं देना चाहिए। इतना तक कि यदि कोई आपका सिर काटने को कहे तो भी आप सिर कटा लीजिए लेकिन अनधिकारी को श्रीविद्या न दें।पूज्यपाद शङ्कराचार्य जी के प्रवचन के पूर्व , परम पूज्य शंकराचार्य जी महाराज की पादुका पूजन , आज की कथा के मुख्य यजमान के द्वारा किया।
आज श्रीमद् भागवत कथा मुख्य के यजमान , केशव तिवारी एवं उनका परिवार रहा जो कि झिलमिली छिंदवाड़ा के निवासी हैं
प्रमुख रूप से चातुर्मास्य समारोह समिति के अध्यक्ष व निजी सचिव *ब्रह्मचारी सुबुद्धानन्द जी, ज्योतिष्पीठ पण्डित आचार्य रविशंकर द्विवेदी शास्त्री जी, ऋषिकेश संस्कृत विद्यालय के उप प्राचार्य पं राजेन्द्र शास्त्री जी, ब्रह्मचारी निर्विकल्पस्वरूप जी** आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संयोजन *श्री अरविन्द मिश्र* एवं संचालन *ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानन्द जी, परमहंसी गंगा आश्रम व्यवस्थापक सुंदर पांडे* ने किया।
संदीप तिवारी भजन गायक कंजई के द्वारा ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंडित अन्नू भैया सोहन तिवारी माधव शर्मा रघुवीर प्रसाद तिवारी राजकुमार तिवारी पंडित आनंद उपाध्याय बद्री चौकसे नारायण गुप्ता , कपिल नायक सहित बड़ी संख्या में गुरु भक्तों की उपस्थिति रही हैै श्रीमद्भागवत की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।चातुर्मास्य के अवसर पर पूज्य शङ्कराचार्य जी महाराज का गीता पर प्रवचन प्रातः 7.30 से 8.30 बजे तक भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर में होता होता है जिसका प्रसारण 1008.guru इस यू ट्यूब चैनल पर प्रतिदिन होता है।
: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत काशी (वाराणसी) के लिए आवेदन पत्र 3 अगस्त तक आमंत्रित
Mon, Jul 24, 2023
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत काशी (वाराणसी) के लिए आवेदन पत्र 3 अगस्त तक आमंत्रितनरसिंहपुर। राज्य शासन के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत काशी (वाराणसी) के लिए पात्र हितग्राहियों से 3 अगस्त 2023 तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। यात्रा 18 अगस्त से 21 अगस्त तक होगी।उल्लेखनीय है कि तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत मप्र के निवासियों के लिए, जो 60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्तियों, जो आयकर दाता नहीं हो, को प्रदेश के बाहर स्थित विभिन्न नाम निर्दिष्ट तीर्थ स्थानों में से किसी एक स्थान की यात्रा सुलभ कराने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना परिकल्पित की गई है। उक्त योजना के अंतर्गत 18 अगस्त को जिले के तीर्थ यात्री काशी (वाराणसी) की यात्रा कर सकते हैं। इस सिलसिले में अपर कलेक्टर श्री दीपक कुमार वैद्य ने बताया कि तीर्थ यात्रा में जाने के लिए आवेदक को अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में संबंधित नगर पालिका अथवा जनपद पंचायत के कार्यालय में समग्र आर्डडी सहित प्रस्तुत कर सकते हैं। यात्रा की तीर्थ के दिवस यात्री को स्वयं अपने व्यय से नरसिंहपुर स्टेशन आना होगा। यात्रियों से अपेक्षा की गई है कि वे मौसम के अनुरूप वस्त्र, व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री यथा कंबल, चादर, तौलिया, साबुन, कंघा, दाढ़ी बनाने का सामान आदि साथ में रखना होगा। उक्त यात्रा नरसिंहपुर स्टेशन पर ही यात्रियों को वापिस उतरना होगा। बुजुर्गों की सहायता के लिए एक सहायक को भी ले जा सकते हैं, जिसकी उम्र 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिये। आवेदक एक या एक से अधिक स्थानों के लिए यात्रा करने आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, परंतु वह केवल एक ही स्थान की यात्रा कर सकेगा।