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: 27 कुंडीय श्री राम मानस यज्ञ जारी रामकथा से मिलती है संस्कारों की शिक्षा : दीपिका रामायणी

Aditi News Team

Wed, Feb 1, 2023
27 कुंडीय श्री राम मानस यज्ञ जारी रामकथा से मिलती है संस्कारों की शिक्षा : दीपिका रामायणी गाडरवारा। समीपी कोठिया घाट पर संत श्री 108 श्री जगदेव दास की सत्प्रेरणा से 25 वां 27 कुंडीय श्री राम मानस यज्ञ जारी है। नर्मदा पूजन, कलश यात्रा एवं दीपदान से शुरू हुए यज्ञ में प्रतिदिन अनेक धर्मप्रेमी श्रद्धालु पुण्यलाभ ले रहे है। 5 फरवरी तक आयोजित होने वाले श्री राम मानस यज्ञ में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक हवन पूजन, दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवचन एवं शाम 6 बजे यज्ञ आरती होती है। यज्ञ स्थल पर प्रवचन कार्यक्रम में भोपाल से साध्वी दीपिका रामायणी ने श्री रामकथा का महत्त्व बताते हुए कहा कि जगत में श्रीराम कथा से मीठा कुछ नहीं है। रामकथा से हमें संस्कारो की शिक्षा मिलती है। श्रीराम की कथा का मीठा फल उसके श्रवण से प्राप्त हो सकता है। श्रीराम कथा से जो फल की प्राप्ति होती है उसे दूसरों में बांटना चाहिए। चखे हुए फल से संतुष्टि प्राप्त होती है। इससे जीवन में आनंद का संचार होकर मन को सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि जब भी भक्त को प्रभु से प्रेम हो जाता है तो प्रभु को अपने भक्त के लिए अवतार लेना ही पड़ता है। संसार में हर व्यक्ति कुछ न कुछ लेने ही आया है। वह किसी को कुछ देता भी है तो कुछ पाने की लालसा में। लोग सम्मान भी सहज रूप से नहीं देते। सम्मान भी देते है अगर तो किसी से उसी प्रकार का सम्मान वापस पाने के लिए। जो भक्त श्रीराम से जुड़ा है वह विचारशील तो होता ही है। साथ ही संसार के कल्याण के बारे में भी सोचने लगता है। उन्होंने कहा कि संसार में सबकुछ संभव है, किसी वस्तु का अभाव नहीं है। अभाव है तो हमारे आपके भाव में, क्योंकि भगवान तो भाव के वश में होते हैं। उल्लेखनीय है कि यज्ञ के अंतिम दिन पूर्णाहुति, कन्या भोज एवं भंडारा आदि कार्यक्रम होंगे। यज्ञ हेतु प्रधानाचार्य ऋषिकेश से विश्वकसेनाचार्य जी महाराज एवं यज्ञाचार्य रहली कैलाश नारायण जी शास्त्री है।

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