Monday 21st of September 2026

ब्रेकिंग

अब अभयारण्य में हुए चार चीतें राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किया मादा चीता का नामकरण राधा

अंतर्राज्यीय नकबजन एवं चोर गिरोह का कुख्यात सरगना पप्पू मल्लाह (चकमा) एवं चुराये हुये जेवर को खरीदने वाला सुनार गिरफ्तार

डॉ. राजकुमार आचार्य मध्यप्रदेश के प्रवेश एवं शुल्क विनियमन समिति के अध्यक्ष पद पर हुए नियुक्त

नरसिंहपुर पुलिस ने 5 आरोपी गिरफ्तार कर गांजा एवं वाहन सहित लगभग ₹18 लाख रु का मशरूका जप्त किया

खुले में कचरा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर चालानी कार्रवाई

: बरमान, जो भक्तों के पापों का हरण कर ले वही हरि: कथा व्यास उपाध्याय भागवत कथा के छठे दिन सुनाया कृष्ण रासलीला का प्रसंग

Aditi News Team

Thu, Jan 26, 2023
बरमान। सतधारा घाट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन बृहस्पतिवार को वृंदावन से आए कथा व्यास पंडित तनय कृष्ण जी महाराज ने कथा का रसपान कराया। व्यासपीठ से कहा कि सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती हैं। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि हैं।कथा व्यास ने कहा कि नंदालय में गोपियों का तांता लगा रहता है। हर गोपी भगवान से प्रार्थना करती है कि किसी न किसी बहाने कन्हैया मेरे घर पधारें। जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ प्रीति है, वही जीवन्मुक्त है। एक बार माखन चोरी करते समय मैया यशोदा आ गईं तो कन्हैया ने कहा कि मैया तुमने इतने मणिमय आभूषण पहना दिए हैं जिससे मेरे हाथ गर्म हो गए हैं तो माखन की हांडी में हाथ डालकर इन हाथों को शीतलता प्रदान कर रहा हूं। आसपास और अन्य जिलों से भक्त जन और श्रद्धालुओं का कथा श्रवण करने पंडाल में तांता लगा हुआ है। सतधारा घाट बरमान नरसिंहपुर स्थित हरिहर आश्रम प्रांगण में हरिहर महाराज की कृपा से स्व पंडित देव प्रभाकर शास्त्री और गुरुमाता जिज्जी की पुण्य स्मृति में आशुतोष राणा एवं मित्र मंडली और हरिहर शिष्य मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन की कथा प्रारंभ करते हुए कथावक्ता व्यास पंडित शिवप्रसाद उपाध्याय शास्त्री ने भगवान की अनेक लीलाओं में श्रेष्ठतम लीला रास लीला का वर्णन करते हुए बताया कि रास तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है। इस कथा में कामदेव ने भगवान पर खुले मैदान में अपने पूर्व सामर्थ्य के साथ आक्रमण किया है लेकिन वह भगवान को पराजित नही कर पाया उसे ही परास्त होना पड़ा है रास लीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है गोपी गीत पर बोलते हुए व्यास ने कहा जब तब जीव में अभिमान आता है भगवान उनसे दूर हो जाता है लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है उसे दर्शन देते है। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ लेकिन रुक्मणि को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी है और वह नारायण से दूर रह ही नही सकती यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक नही तो फिर वह धन चोरी द्वारा, बीमारी द्वारा या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। धन को परमार्थ में लगाना चाहिए और जब कोई लक्ष्मी नारायण को पूजता है या उनकी सेवा करता है तो उन्हें भगवान की कृपा स्वत ही प्राप्त हो जाती है। श्रीकृष्ण भगवान व रुक्मणि के अतिरिक्त अन्य विवाहों का भी वर्णन किया गया । आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन बृहस्पतिवार को वृंदावन से आए कथा व्यास पंडित तनय कृष्ण जी महाराज ने कथा का रसपान कराया। व्यासपीठ से कहा कि सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती हैं। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि हैं।कथा व्यास ने कहा कि नंदालय में गोपियों का तांता लगा रहता है। हर गोपी भगवान से प्रार्थना करती है कि किसी न किसी बहाने कन्हैया मेरे घर पधारें। जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ प्रीति है, वही जीवन्मुक्त है। एक बार माखन चोरी करते समय मैया यशोदा आ गईं तो कन्हैया ने कहा कि मैया तुमने इतने मणिमय आभूषण पहना दिए हैं जिससे मेरे हाथ गर्म हो गए हैं तो माखन की हांडी में हाथ डालकर इन हाथों को शीतलता प्रदान कर रहा हूं।शैलेन्द्र बरुआ अध्यक्ष पाठ्य पुस्तक निगम, पूर्व विधायक सुनील जायसवाल , अभिलाष मिश्रा जिला अध्यक्ष भाजपा , देवेन्द्र पटेल पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत, ठाकुर राजीव सिंह, डा हरगोविंद पटेल सहित आसपास और अन्य जिलों से भक्त जन और श्रद्धालुओं का कथा श्रवण करने पंडाल में तांता लगा हुआ है।

Tags :

जरूरी खबरें