: सालीचौका मैं 166 वे बलिदान दिवस पर वीरांगना अवंतीबाई लोधी का बलिदान दिवस मनाया गया
Thu, Mar 21, 2024
सालीचौका मैं 166 वे बलिदान दिवस पर वीरांगना अवंतीबाई लोधी बलिदान दिवस मनाया गयाआज 20 मार्च 2024 को वीरांगना रानी अवंति बाई लोधी चौराहा सालीचौका में वीरांगना अवंति बाई लोधी जी की पूजन अर्चन कर याद किया प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आप रामगढ़ (जनपद मंडला- मध्य प्रदेश) की रानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी ने सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों से खुलकर लोहा लिया था और अंत में भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी थी।वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को मनकेहणी के जमींदार राव जुझार सिंह के यहां हुआ था। 20 मार्च 1858 को इस वीरांगना ने रानी दुर्गावती का अनुकरण करते हुए युद्ध लड़ते हुए अपनई का अनुकरण करते हुए उनकी दासी ने तलवार भोंक कर अपना बलिदान दे दिया अवंतीबाई ने सुनहरे अक्षरों मे अपना नाम लिखा वीरांगना अवंतीबाई किसी जाति विशेष के उत्थान के नहीं लड़ी थीं बल्कि वो तो अंग्रेजों से अपने देश की स्वतंत्रता और हक के लिए लड़ी थीं।इस मौके पर विश्व हिन्दू महाशक्ति संघ प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक राजेश लोधी , रामनारायण बड़कुर , राजीव राय, लालचंद अटरोईया , गंगाराम वर्मा , लक्ष्मीकांत तिवारी, लक्ष्मन वर्मा,भरत पटैल मुन्ना लाल वर्मा , हाकम सिंह वर्मा रामकुमार बड़कुर , चंद्रप्रकाश वर्मा , रामेश्वर वर्मा , मुकेश नगपुरिया ,सुनील वर्मा, देवकरण वर्मा,हरीश वर्मा, शोभाराम बघेले , राधेश्याम वर्मा , लक्ष्मीनारायण वर्मा एडवोकेट ,वीरनलाला वर्मा शिक्षक, मनोज वर्मा शिक्षक,कौशल वर्मा शिक्षक , देवेन्द्र वर्मा , रामकृष्ण राजपूत , क्षेत्रिय जन उपस्थित रहे ।
: मुझे लिखना ही होगा (अतुकांतिका ,विश्व कविता दिवस पर)
Thu, Mar 21, 2024
मुझे लिखना ही होगा(अतुकांतिका ,विश्व कविता दिवस पर) हर कोई लिख रहा हैवही जो कहा जा चुका हैबोला जा चुका है ,लिखा जा चुका है। मैं कुछ ऐसा लिखना चाहता हूँजो इस पल तकलिखा न गया होजिसका भाव अनछुआ होजो कल्पनातीत होजिसे कोई भी भाषाकोई भी शब्दअर्थ न दे पाएँ होंजो आज तक प्रकृति केआयामों से बहुत दूर हैजिसका कोई व्याकरण न होकोई नाद कोई आवाज़ न हो। मैं लिखना चाहता हूँउस हँसी के भावजो गगन भेदती होउस चीख के अर्थजो मृत्युशिला से टकराकर लौटी होमैं उस ईश्वर को लिखना चाहता हूँजो आज तक अपरिभाषित है। हो सकता है इसमें सदियाँ लग जाएँया कितने ही जन्मपर मुझे ये लिखना हैलिखना ही होगा। सुशील शर्मा
: दिव्यांग बास्केटबॉल मध्यप्रदेश की टीम हुई नेशनल के लिए रवाना
Thu, Mar 21, 2024
दिव्यांग बास्केटबॉल मध्यप्रदेश की टीम हुई नेशनल के लिए रवाना
स्पेशल ओलंपिक्स भारत मध्यप्रदेश की बास्केट बॉल दल खिलाड़ी श्री नितिन सोनी, श्री निखिल सेन भोपाल, श्री सुनील सैनी , श्री भानु गोस्वामी गुना, श्री बिलाल खान गुना, श्री संजय टीग्गा भोपाल, कोच श्री ए जी खान गुना, महिला दल कु सना खान भोपाल, कु निशा खान भोपाल, कु दिव्या बेलूनी जबलपुर, महिला कोच कु इशिका दीक्षित ग्वालियर ने अंतराष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रतियोगिता 2027 पर्थ ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप शिविर 22 से 27 मार्च 2024 बॉस्केट बॉल दल आज दिनांक 21 मार्च 2024 को प्रातः 08:55 बजे भोपाल स्टेशन भोपाल से चेन्नई होते हुए पांडिचेरी के लिए 11 लोगो का दल ने प्रस्थान किया।श्री दीपांकर बैनर्जी क्षेत्रीय निर्देशक स्पेशल ओलंपिक्स भारत मध्यप्रदेश (ऑनलाइन), श्री एहितेशाम उद्दीन खेल निर्देशक स्पेशल ओलंपिक्स भारत मध्यप्रदेश, श्री राजेंद्र बारस्कर सहा. खेल निर्देशक एस ओ भारत मध्यप्रदेश, श्रीमती शुभा अरोरा, श्री प्रवीण पाटिल समाज सेवक, कोच एस ओ भारत मध्यप्रदेश श्री कमलेश रजक मीडिया प्रभारी एस ओ भारत मध्यप्रदेश, श्री अभिषेक पाण्डे राष्ट्रीय बॉस्केट बॉल राष्ट्रीय चैंपियनशिप शिविर प्रस्थान पर स्पेशल ओलंपिक्स भारत मध्यप्रदेश दल को शुभ कामनाएं आशीर्वाद दिया।