: नरसिंहपुर जिले के प्रमुख समाचार
Mon, May 13, 2024
13 दिवसीय समर कैम्प का समापन
नरसिंहपुर।सीएम राइज एसडीएम विद्यालय नरसिंहपुर में 13 दिवसीय समर कैंप का समापन सोमवार को हुआ। समापन समारोह में विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समर कैंप में मास्टर ट्रेनर्स के मार्गदर्शन में बच्चों ने मधुबनी पेटिंग, कैलीग्रॉफी, हस्तशिल्प आदि के अंतर्गत जो सीखा उसकी प्रर्दशनी का अवलोकन पालकों और विद्यालय के स्टॉफ द्वारा किया गया। बच्चों ने अपने हाथों से मधुबनी पेंटिंग से तैयार की गई टी शर्ट को पहने हुए थे, इसे क्रिएटिव कॉर्नर पर प्रदर्शित किया गया। साथ ही डांस ड्रामा संगीत वादन की प्रस्तुती बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसकी सराहना की। इस अवसर पर उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर के प्राचार्य श्री जीएस पटेल ने छात्रों द्वारा तैयार की गई नाटिकाओं और गीत- संगीत की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि सीएम राइज विद्यालय अपने उद्देश्यों में पूरी तरह से खरा उतर रहा है। उन्होंने सभी को शुभकामनायें प्रेषित की। इसी तरह पालकों ने भी बच्चों द्वारा समर कैम्प में सीखे गये विधाओं की प्रशंसा कर इसे छात्र हित में उल्लेखनीय कदम बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्रीमती रामेश्वरी वर्मा, श्री नीरज जैन, श्री अनुभव कौरव, श्री मुरलीधर नायक, सुश्री श्रृति पटवा व श्री मनोज वैष्णव को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन संचालन शिक्षक श्री महेन्द्र सिंह लोधी ने किया। इस अवसर पर श्री प्रभात सिंह राजपूत, श्री अभिनव लखेरा, श्री देवेश वैध, श्री रामकुमार ठाकुर, श्री सोमनाथ घोषी और 120 प्रतिभागी मौजूद थे। सीएम राइज विद्यालय सांईखेड़ा में प्राचार्य श्री चंद्रकांत विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया। इस दौरान नृत्य, संगीत, खेल, पुस्तकालय, आर्ट्स एंड क्राफ्ट, समर कैंप प्रभारी श्री भानु राजपूत, प्रशिक्षक अनुराग द्विवेदी, आदित्य द्विवेदी, रिया श्रीवास, रीतेश अवस्थी मौजूद थे।
शासकीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 13 मई से 13 जून तक
नरसिंहपुर।लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आदेश के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के निर्देशन में शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के उद्देश्य से समस्त शासकीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एचपी कुर्मी ने बताया कि समर कैम्प का आयोजन 20 दिवसीय 13 मई से 13 जून 2024 की अवधि में प्रातः 08:00 बजे से 11:00 बजे तक किया जायेगा। इसमें प्रचलित खेलों में से चयनित खेलों का प्रशिक्षण, पेंटिंग, डांस, संगीत, विद्यार्थियों की अभिरूचि के अनुसार अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां, ऊर्जावान एवं खेल में रूचि रखने वाले शिक्षकों का चयन किया जायेगा। विद्यार्थियों की समर कैम्प में सहभागिता हेतु रजिस्ट्रेशन फार्म में पालक की सहमति, गतिविधियों की मॉनिटरिंग, विद्यालय स्तर पर संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट दिए गए गूगल फार्म पर प्राचार्य द्वारा प्रेषित की जाये। प्रतिभागी विद्यार्थियों की संख्या एवं उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियों एवं शिक्षकों के नाम के साथ समस्त जानकारियों संबंधी निर्देश जारी किये गये हैं।
चना एवं मसूर उपार्जन केन्द्र
नरसिंहपुर।राज्य शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति और भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत रबी सीजन 2023- 24 व विपणन वर्ष 2024- 25 में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर उपार्जन का कार्य 26 मार्च से 31 मई 2024 तक की अवधि में किया जाना है। जिला उपार्जन समिति द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2024- 25 में समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से चना एवं मसूर उपार्जन कार्य के सुचारू रूप से संचालन के लिये जिले में किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए 25 गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। इस सिलसिले में करेली तहसील के अंतर्गत प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित रामपिपरिया हेतु सेन्ट्रल वेयरहाउस कठौतिया व आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सिल्हेटी हेतु स्वनिर्मित गोदाम तीन- ए करेली बस्ती को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। तहसील गाडरवारा के अंतर्गत सहकारी विपणन संस्था मर्यादित खुलरी हेतु ऋषभ वेयरहाउस कामती- गाडरवारा, सहकारी विपणन संस्था मर्यादित करेली हेतु नायक देवी प्रभा वेयरहाउस लिंगा बरमान रोड, विपणन सहकारी समिति चीचली हेतु जय किशन वेयरहाउस, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित बोहानी हेतु श्री रघवंशी वेयरहाउस कौडिया, बृहत्ता सेवा सहकारी संस्था गाडरवाड़ा हेतु, एमपीडब्ल्यूएलसी गाडरवारा कैम्पेस गाडरवारा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित हेतु नर्मदा वेयरहाउस भौरझिर और सेवा सहकारी समिति हर्रई हेतु जैन वेयरहाउस अजंसरा को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। तहसील गोटेगाँव के अंतर्गत प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित मेख हेतु केजीएन वेयरहाउस उमरिया, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित इमलिया (कामती) हेतु श्री शिवशक्ति एग्रो वेयरहाउस पिंडरई, बृहत्ता सेवा सहकारी संस्था गोटेगांव हेतु मॉ रेवा वेयरहाउस बगासपुर, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित सर्रा हेतु जय मारूति वेयरहाउस सर्रा लाठगांव, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सालीवाडा हेतु राव वेयरहाउस कंजई, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित मगरधा हेतु ओम वेयरहाउस बौछार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बढ़ैयाखेड़ा हेतु बुद्धेश्वर एग्रो लॉजिस्टिक वेयरहाउस सांकल को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। तहसील तेंदूखेड़ा के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित मुर्गाखेड़ा हेतु श्री मॉ वेयरहाउस लोलरी राजमार्ग, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित हिरनपुर (बरमान) हेतु समर्थ सहारा वेयरहाउस चॉवरपाठा, सेवा सहकारी समिति सर्रा हेतु अमलतास एण्ड कंपनी वेयरहाउस रमपुरा, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित बिलहेरा हेतु हरसिद्धी वेयरहाउस बिलहरा, सेवा सहकारी समिति बिल्थारी और हरिओम वेयर हाउस हेतु भूमि वेयरहाउस डोभी ईश्वरपुर को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। तहसील नरसिंहपुर के अंतर्गत बृहत्ता सेवा सहकारी संस्था नरसिंहपुर हेतु अंश वेयरहाउस निंदनी, प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित नयागांव हेतु श्री वृंदावन पंडा वेयरहाउस नयागांव धमना और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोसमखेड़ा हेतु अयान वेयरहाउस भैंसा को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। सांईखेड़ा के अंतर्गत सेवा सहकारी संस्था रमपुरा हेतु केशवानंद वेयरहाउस पालीखैरी को खरीदी केन्द्र बनाया गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट रकीम अंतर्गत रबी सीजन 2023-24 (विपणन वर्ष 2024-25) में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर उपार्जन हेतु पंजीकृत मोबाइल नंबर से स्लाट बुक कर अपने नजदीकी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। यह जानकारी उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास नरसिंहपुर ने दी है।
: निर्यापक श्रमण मुनि श्री वीर सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार कुंडलपुर से हुआ
Mon, May 13, 2024
निर्यापक श्रमण मुनि श्री वीर सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार कुंडलपुर से हुआकुंडलपुर दमोह ।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर की पावन धरा से महासमाधिधारक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से निर्यापक श्रमण मुनि श्री वीर सागर जी महाराज ,क्षुल्लक श्री मनन सागर जी महाराज ,क्षुल्लक श्री विचार सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री विरल सागर जी महाराज का मंगल विहार हुआ।
: कुंडलपुर,परिणामों को परिवर्तित करने का नाम ही मोक्ष मार्ग है,मुनि श्री महासागर जी महाराज
Mon, May 13, 2024
परिणामों को परिवर्तित करने का नाम ही मोक्ष मार्ग है,मुनि श्री महासागर जी महाराज
कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र, जैन तीर्थ कुंडलपुर में युग श्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से पूज्य मुनि श्री महासागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा जब तक स्वयं के चित्त में मुक्ति की अवधारणा जागृत नहीं होगी तब तक मुक्ति का लाभ आत्मा को नहीं मिल सकता। उनका कहने का तात्पर्य है तुमको मोक्ष पुरुषार्थ के लिए स्वयं अपनी अवधारणा को बदलना होगा। तुम्हे मुक्ति को प्राप्त करने के लिए स्वयं उस मार्ग पर चलना होगा। तभी उस मुक्ति का लाभ आपको मिल पाएगा ।कर्मबंधन से मुक्ति के लिए हमें अपने परिणामों को बदलना होगा। हमारे यहां देव शास्त्र गुरु को निमित्त कहा गया है। उस निमित्त को देखकर के उस निमित्त को समझ करके उपादान को जागृत करना है। कर्म वंधन से मुक्त हो सकता है ।समो शरण में दिव्य ध्वनि दिन में चार बार खिरती है। गुरु महाराज कहते हैं दिव्य ध्वनि तो आज भी खिर रही है उस दिव्या ध्वनि की वर्गणाये आज भी हमारे पास आ रही हैं। जो वर्गणायें हैं वह यहां तक आज भी आ रही है लेकिन उन दिव्य ध्वनि की वर्गणाओं का लाभ हम आज भी ले नहीं पाए। क्यों नहीं ले पाए हम उपयोग अन्य जगह लगा रहे हैं ।उपयोग को वहां लगा नहीं पा रहे हैं ।गुरु महाराज कहते हैं उन गुण स्थानों पर चल नहीं सकते पर उन गुण स्थान को छू तो सकते हैं। परिभाषाओं के माध्यम से उन परिणामों को वहां लेकर तो जाओ अगर यह प्रयोग नहीं करते तो यह तुम्हारा प्रमाद कहलाएगा। तुम्हारी भूल कहलाएगी हम भले उन गुण स्थान तक नहीं पहुंच पा रहे है पर ध्यान प्रयोग के माध्यम से उस गुणस्थान को छूने का पुरुषार्थ करना चाहिए ।गुण स्थान तक पहुंचाने का पुरुषार्थ करना चाहिए। भले अनुभूति ना हो हमें लेकिन परिणामों के माध्यम से सामने तो आना चाहिए। लक्ष्य क्या है बंदे तद गुण लब्धे। हम वंदन क्यों कर रहे हैं ।मोक्ष मार्ग की जितनी क्रियाएं होती हैं श्रावक की हो या श्रमण की हो कोई फर्क नहीं पड़ता। आप श्रावक हो या श्रमण हो दोनों की क्रिया का जो लक्ष्य हुआ करता है वह एक हुआ करता है ।कर्म क्षय सम्यक दृष्टि श्रावक भी जो किया करता है कोई बिना लक्ष्य यात्रा करता है उसे यात्रा कहेंगे या भटकाव कहेंगे बोलो भटकाव कहोगे। पर यात्रा तो लक्ष्य को लेकर चलती है ।सम्यक दृष्टि चाहे चतुर्थ गुणस्थान का हो या कहीं का हो वह लक्ष्य तो आत्म उपलब्धि हुआ करती है ।उस लक्ष्य के बिना उस मंजिल को प्राप्त कर ही नहीं सकता। गुरुदेव हमेशा हम लोगों को यह उपदेश देते थे बीनावाराह की बात है सभी बैठे हुए थे मैंने पूछ लिया गुरुदेव मोक्ष मार्ग के लिए कोई सरल साधना बता दें ,अध्यात्म को जानता नहीं ,सिद्धांत का ज्ञान नहीं ,कम पढ़ा लिखा हूं। यहां आप ले आए आगे मार्ग अवरूद्ध न हो आगे में बढ़ता जाऊं कोई सरल उपाय बता दें ।गुरुदेव तो गुरुदेव है वह कभी निराश नहीं करते उन्होंने बोला बहुत अच्छा प्रश्न किया तुमने सुनो उत्तर भी अच्छा देता हूं मोक्ष मार्ग में आगे कैसे बढ़े ।मैं कर्म के आश्रव वंध से कैसे छूटे इसके लिए कुछ नहीं करना है। देखो बुरे परिणामों के लिए किसी भी प्रकार का पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है ।यह पूर्व कर्म का एक छाया जैसी छाप पूर्व संस्कार के लिए आपको किसी प्रकार का पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता। विचार अर्हत यंत्र की तरह आते रहते हैं चलते रहते हैं अच्छे विचारों के लिए पुरुषार्थ करना पड़ता है ।परिणाम को परिवर्तित करने का नाम ही मोक्ष मार्ग है। अच्छे विचारों को पढ़ना है यही स्वाध्याय है अपने विचारों को परिवर्तित करना है यही त्याग है यही स्वाध्याय है ।योगी योग लगाते उनका यही लक्ष्य है ।स्वयं के परिणाम का चौकीदार स्वयं बनना है ।कुछ ना कुछ परिवर्तन अपने अंदर आना चाहिए। प्रतिकूलताओं में भी परिणामों की परीक्षा होती है अनुकूलता में नहीं।