: नर्मदा तट चिनकी पर भूमि पूजन युग चेतना केंद्र का शिलान्यास हुआ
Mon, Feb 3, 2025
नर्मदा तट चिनकी पर भूमि पूजन युग चेतना केंद्र का शिलान्यास हुआ
शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित गायत्री परिवार उपजोन जबलपुर के नरसिंहपुर प्रखंड में नर्मदा तट चिनकी में श्रीराम आरण्यक का कार्य विगत 2018 से प्रारम्भ किया गया है इसके 8 प्रकल्पों के प्रथम चरण में यहाँ 3000 से अधिक सघन वृक्षारोपण कर उनको संरक्षित करने का कार्य किया गया है आगे परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित महापुरुषों की जीवनी, गायत्री मंत्र साधना एवं यज्ञ विज्ञान आदि जीवन उपयोगी आर्ष वांग्मय युग साहित्य का स्वाध्याय केंद्र की स्थापना के लिये पंच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के माध्यम से भूमि पूजन का कार्यक्रम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस बसंत पर्व पर पूरे जिले से पहुंचे गायत्री परिजनों द्वारा पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के माध्यम से रखा गया l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मान.श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी जी,संस्क़ति,पर्यटन,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) म.प्र.एवं विशिष्ट मान.श्री राम सनेही पाठक जिला भा.ज.पा.अध्यक्ष रहे l कार्यक्रम के संयोजक श्री थम्मन शर्मा आचार्य प्रमुख ट्रस्टी गा.परि नरसिंहपुर भी उपस्थित रहे।
: माँ सरस्वती का पूजन कर मनाई बसंत पंचमी
Mon, Feb 3, 2025
माँ सरस्वती का पूजन कर मनाई बसंत पंचमी
आज दिनाक 3 फरवरी 2025 को अमन सदभावन शिक्षण प्रशिक्षण कल्याण समिति प्रदेश कार्यालय मे दिव्यांग बच्चों ने मा सरस्वती की स्तुति करते हुए बसंत पंचमी मनाई प्रसादी वितरण की गई कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष श्रीमती रेवती खांडेकर श्रीमती लक्ष्मी मोरे अनिता श्रीमती अनिता अहीरवार श्रीमती सुनीता नरवरे सादिका आदि शामिल रहे ।
: मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
Mon, Feb 3, 2025
मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नरसिंहपुर।जिला दंडाधिकारी श्रीमती शीतला पटले ने स्कूल/ कॉलेज की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तेज गति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को प्रतिबंधित किया है। जिला दंडाधिकारी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 के तहत जिले की राजस्व सीमाओं के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 31 जनवरी 2025 से प्रभावशील किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों जैसे लाउड स्पीकर, डेक, डीजे, बैंड- बाजा एवं अन्य का उपयोग किसी भी निजी/ सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं करेगा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। जिला दंडाधिकारी द्वारा जिले के समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारियों को संबंधित अनुविभाग के अंतर्गत अत्यंत आवश्यक होने पर ही प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के 1/4 वॉल्यूम में (ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि 10 डेसीबल से अनाधिक पर) उपयोग की अनुमति देने के लिए विहित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। यह अनुमति उपरोक्तानुसार एवं मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 7 के उपबंधों को दृष्टिगत रखते हुए जारी की जावेगी। अधिनियम की धारा 16 (1) के अंतर्गत हेड कांस्टेबल की पदश्रेणी से अनिम्न पदश्रेणी का कोई भी पुलिस अधिकारी, ऐसे ध्वनि विस्तारक को, जिसका उपयोग इस आदेश का उल्लंघन करते हुए किया गया हो, अभिग्रहीत कर कार्यवाही कर सकेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में स्कूल/ कॉलेज की परीक्षायें निकट हैं एवं तेज गति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से छात्र- छात्राओं की परीक्षा की तैयारी में विघ्न उत्पन्न होता है, जिससे वे परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं कर पाते हैं। इस कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी ने उक्त आदेश जारी किया है।