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: श्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा में स्वाहिद दिवस मनाया; ऐतिहासिक असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की

Aditi News Team

Sat, Dec 10, 2022
असमिया समुदाय को जीवित रखने और भारत की एकता व अखंडता की रक्षा करने में असम आंदोलन का दूरगामी प्रभाव रहा है: श्री सोनोवाल अगर दुनिया के छात्र आंदोलनों के इतिहास का विश्लेषण किया जाए, तो असम आंदोलन एक ऐतिहासिक क्षण रहा है: श्री सोनोवाल केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग एवं आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा में एक भव्य कार्यक्रम में ऐतिहासिक असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो असम के पहले शहीद खड़गेश्वर तालुकदार के 1979 में शहादत दिवस के स्‍मरण में स्वाहिद दिवस मनाया गया। केंद्रीय मंत्री तटीय राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। पंजिम में फ्रांसिस्को लुइस गोम्स गार्डन में आयोजित कार्यक्रम असम सोसाइटी ऑफ गोवा द्वारा आयोजित किया गया था और इसमें असमिया समुदाय के सदस्यों एवं कई गणमान्य व्यक्तियों तथा स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्री सोनोवाल ने 1979 से 1985 तक छह साल तक चले असम आंदोलन के शहीदों की वीरता को याद किया। उन्‍होंने कहा कि स्वाहिद दिवस के अवसर पर, मैं उन सभी को नमन करता हूं जिन्होंने असम की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्य को अवैध अप्रवासियों से बचाने के लिए छह साल तक चले आंदोलन में असम के लोगों ने भाग लिया और भारत की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए 860 शहीदों ने अपना बलिदान दिया। इन महान शहीदों ने अनुपम देशभक्ति और साहस का एक अविस्मरणीय इतिहास लिखा है। असम आंदोलन राष्ट्र की रक्षा के लिए असम के मूल निवासियों के एकजुट प्रयासों का एक शानदार उदाहरण है और इसका दूरगामी प्रभाव रहा है। शहीदों का अमर बलिदान वृह्द असमिया समुदाय और राष्ट्र को सदैव प्रेरित करता रहेगा। https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0024ATB.jpg श्री सोनोवाल ने कहा कि हमें बहादुर शहीदों के महान आदर्शों को जीवित रखने के लिए ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ काम करना जारी रखना है। हमें अपनी भाषा, संस्कृति, विरासत और परंपरा को जीवंत रखने के लिए अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभानी है। यदि दुनिया के छात्र आंदोलनों के इतिहास का विश्लेषण किया जाता है तो असम आंदोलन एक ऐतिहासिक क्षण रहा है। मैं असम के लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों से आंदोलन की इस राष्ट्रवादी भावना से प्रेरित एक सशक्त भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने और अपनी मातृभूमि के लिए समर्पित सेवा प्रदान करने का आग्रह करता हूं।

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