Tuesday 29th of September 2026

ब्रेकिंग

पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

स्वर साम्राज्ञी भारतरत्न लता मंगेशकर के जन्मदिन के अवसर पर सुमधुर गीतों से समा बॉधा

नरसिंहपुर के ठेमी थाना अंतर्गत बीती रात ग्राम गुंदरई स्थित खेत में करंट लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

सीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर सियासी हलचल तेज,कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर घेरने की तैयारी में जुटी

मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की आशी चौकसे ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में जीता सिल्वर

: गाडरवारा, साहब जी रेत ठेकेदार के गुंडे बंदूक की नोक पर डराते धमकाते हैं, ग्रामीणों ने सौपा ज्ञापन

Aditi News Team

Thu, Jan 13, 2022

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, गाडरवारा को ज्ञापन दिया है जिसमें उन्होंने रेत ठेकेदार कंपनी पर गुंडागर्दी और कई आरोप लगाये हैं

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विगत कुछ महीनों से धनलक्ष्मी कंपनी जो कि रेत की ठेकेदार है उनके कर्मचारियों के द्वारा जबरन वसूली एवं ग्रामीणों के साथ आये दिन बंदूक की नोक पर धमकाना एवं ग्रामीण महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनायें बढ़ती जा रही है। हमारे ग्राम जिले में कई ऐसे स्थान है जहां सड़कों का अभाव है हमारे क्षेत्र की नदी में हम सभी ग्रामीण स्थल के खेत के बजरे का उपयोग तक नहीं कर पा रहे हैं जबकि नदियों से होने वाले कटाव को हम सभी भुगतने पर मजबूर रहते हैं।

ज्ञापन में आरोप लगाया है कि, विगत कुछ दिन पहले ग्राम चांदनखेडा तहसील गाडरवारा में एक ट्रक्टर ट्राली जो कि बरसात में खेत के रास्ते पर नदी से बजरा लेकर डालने के लिये जा रहा था। धनलक्ष्मी के गुण्डों ने ट्रेक्टर रोक कर पैसों की माग की और मांग पूरी न होने पर ट्रेक्टर को डोंगरगांव थाने में खड़ाकर जबरन में अवैध खनन का केस बनवा दिया।

ग्रामीणों की निम्न मांगे है

  1. धनलक्ष्मी की गुण्डागर्दी रोके।
  2. जहां पर शासन द्वारा स्वीकृत खदान है उन्ही स्थानों पर उत्खन्न हो एवं अवैध उत्खनन बंद हो ।

3 ग्रामीणों के लिये खेत के रास्तों के लिये बजरा फ्री करें।

4: डोगरगाव थाने में खड़े हुये बजरे के ट्रैक्टर को तुरंत बिना कार्यवाही के मुक्त किया जाये।

5.गांव एवं ग्रामीणों के साथ आये दिन हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाया जाये और ऐसा करने वालों पर कार्यवाही की जाये।

उक्त सभी मांग शासन एवं प्रशासन के विरोध में नहीं है परंतु उक्त मागों को यदि नही माना जाता तो हम सभी ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिये विवश होना पड़ेगा।

Tags :

जरूरी खबरें